Source :- LIVE HINDUSTAN

ब्रेस्ट कैंसर का खतरा सिर्फ आपकी अपनी आदतों से ही नहीं, बल्कि आसपास के लोगों की कुछ गलत आदतों से भी बढ़ सकता है। खासकर अगर आपके पति में ये 1 आदत है, तब तो ब्रेस्ट कैंसर के साथ हार्ट डिजीज का खतरा भी बढ़ जाता है।

ब्रेस्ट कैंसर महिलाएं में होने वाले सबसे आम कैंसर्स में से एक माना जाता है। इसके पीछे आमतौर पर जेनेटिक्स, लाइफस्टाइल, हार्मोंस और बढ़ती उम्र जैसे कई कारणों को जिम्मेदार माना जाता है। हालांकि कई बार कुछ ऐसी आदतें भी इसकी वजह बन जाती हैं, जिसपर शायद हम कभी उतना ध्यान ही नहीं देते। एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ अंबरीन बताती हैं कि आपके पति की एक आदत भी ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ा सकती है। इसपर शायद हमारा ध्यान उतना नहीं जाता लेकिन कई रिसर्च में भी इस बात की पुष्टि हुई है। अक्सर कई महिलाएं आपका लाइफस्टाइल तो ठीक रखती हैं, लेकिन बावजूद उसके ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का शिकार बन सकती हैं। अगर उनके पति आपकी आदत में सुधार नहीं करते हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

पति की ये 1 आदत बढ़ा सकती है ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क

गाइनेकोलॉजिस्ट बताती हैं कि अगर आपके पति को स्मोकिंग की आदत है, तो ये सिर्फ उनके लिए ही खतरनाक नहीं है बल्कि आपकी हेल्थ पर भी इसका उतना ही बुरा पड़ रहा है। इसे पैसिव स्मोकिंग (Passive Smoking) कहा जाता है। जब कोई व्यक्ति खुद स्मोकिंग नहीं करता, लेकिन किसी दूसरे व्यक्ति के सिगरेट स्मोक को बार-बार सांस के जरिए अंदर लेता है। कई स्टडीज में ये बात सामने आई है कि पैसिव स्मोकिंग से ब्रेस्ट कैंसर, हार्ट से जुड़ी बीमारियां और सांस संबंधी परेशानियों का रिस्क भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है।

आपके लिए कैसे खतरनाक है पति की पैसिव स्मोकिंग

डॉक्टर कहती हैं कि पैसिव स्मोकिंग के दौरान आप लगभग 7000 से ज्यादा केमिकल्स अपने अंदर के रही होती हैं। इतना ही नहीं इसमें 70 से ज्यादा कैंसर पैदा करने वाले तत्व भी मौजूद होते हैं। अगर आपके पति लंबे समय से स्मोक कर रहे हैं, तो आपके अंदर ब्रेस्ट कैंसर होने का रिस्क 20-30 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इससे DNA डैमेज होने और हार्मोनल इम्बैलेंस का रिस्क भी जुड़ा हुआ है।

खुद को कैसे रखें सुरक्षित?

सबसे पहला विकल्प तो यही है कि आपके पति या जो भी कोई घर में स्मोक करता है, उसकी आदत छुड़वाने का प्रयास करें। उन्हें समझाएं कि कैसे उनकी ये आदत उनके लिए तो जानलेवा है ही, साथ ही आसपास के लोगों पर भी कितना नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। इसके अलावा आप खुद को सुरक्षित रखने के लिए छोटी छोटी चीजें और कर सकती हैं। जैसे- उन्हें घर के अंदर या बंद कमरे में स्मोकिंग ना करने दें। कमरे में वेंटिलेशन अच्छी रखे और जहां तक पॉसिबल को स्मोक एक्सपोजर कम करने की कोशिश करें।

घर में बच्चे या बुजुर्ग हैं तो हर हाल में उनके आसपास स्मोकिंग ना हो, ये सुनिश्चित करें। ध्यान रखें पैसिव स्मोकिंग से पूरी तरह खुद को सेफ करना काफी मुश्किल है, लेकिन जितना हो सके धुएं के संपर्क में कम आएं। इससे किसी भी तरह के हेल्थ रिस्क होने के चांस भी उतने ही कम होंगे।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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