Source :- LIVE HINDUSTAN
पुतिन 15 अगस्त 2025 को यूक्रेन युद्ध को खत्म करने को लेकर बातचीत के लिए अलास्का पहुंचे थे। ट्रंप ने उनका रेड कारपेट, सैन्य सलामी और लड़ाकू विमानों के साथ स्वागत किया था। उस समय B-2 के साथ 4 F-35 विमानों ने उड़ान भरी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वागत में जिस तरह बमवर्षक विमानों को आसमान में उड़ाया, उसने दुनिया का ध्यान खींचा है। अगस्त 2025 में पुतिन के अलास्का दौरे के दौरान B-2 स्पिरिट स्टील्थ बमवर्षक और 4 F-35 लड़ाकू विमान उनके स्वागत के वक्त ऊपर से गुजरे थे। अब 23 सितंबर 2026 को शी जिनपिंग जब अमेरिका पहुंचे, तो ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उनके स्वागत समारोह के दौरान 2 B-1बी लांसर बमवर्षक आसमान में गरजे। इसके अगले दिन व्हाइट हाउस के ऊपर भी B-2 विमान ने 4 F-22 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरी। दोनों मौकों पर स्वागत समारोह में सैन्य शक्ति का प्रदर्शन साफ तौर पर नजर आया।
व्लादिमीर पुतिन 15 अगस्त 2025 को यूक्रेन युद्ध को खत्म करने को लेकर बातचीत के लिए अलास्का पहुंचे थे। ट्रंप ने उनका रेड कारपेट, सैन्य सलामी और लड़ाकू विमानों के साथ स्वागत किया था। उस समय B-2 के साथ 4 F-35 विमानों की उड़ान को लेकर भी काफी चर्चा हुई थी। अमेरिकी खुफिया विभाग के पूर्व अधिकारी ने कहा था कि इस तरह के सैन्य प्रदर्शन को संदेश देने के तौर पर देखा जा सकता है। बातचीत के दौरान बी-2 की मौजूदगी यह दिखाने का तरीका हो सकती है कि अमेरिका अपनी सैन्य ताकत के साथ बातचीत कर रहा है। हालांकि, उस बैठक का अंत युद्धविराम या शांति समझौते के बिना हुआ था।
2 B-1B लांसर विमानों ने ऊपर से भरी उड़ान
शी जिनपिंग का अमेरिका दौरा अलग माहौल में हुआ। ट्रंप ने खुद ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उनका स्वागत किया। तीन दिन की इस राजकीय यात्रा में व्यापार, दुर्लभ खनिज, AI और अमेरिका-चीन संबंधों जैसे मुद्दे चर्चा में थे। इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रगान बजते समय 2 B-1B लांसर विमानों ने ऊपर से उड़ान भरी। बी-1 लंबी दूरी तक उड़ान भरकर पारंपरिक हमले करने में सक्षम बमवर्षक है। इसके बाद बी-2 और चार एफ-22 की उड़ान ने अमेरिकी वायु शक्ति के अलग-अलग पहलुओं को सामने रखा। बी-2 स्टील्थ तकनीक वाला बमवर्षक है, जबकि एफ-22 को अमेरिकी वायुसेना के सबसे मॉडर्न लड़ाकू विमानों में गिना जाता है।
एक से बढ़कर एक बमवर्षक विमान मौजूद
अमेरिका, रूस और चीन तीनों परमाणु हथियार रखने वाली बड़ी शक्तियां हैं। रूस के पास टीयू-160 जैसे रणनीतिक बमवर्षक हैं, जबकि चीन H-6 विमानों का इस्तेमाल करता है और H-20 स्टील्थ बमवर्षक बना रहा है। अमेरिका के पास बी-2 और बी-21 कार्यक्रम के साथ F-22 और F-35 जैसे लड़ाकू विमान हैं। ऐसे में पुतिन और शी के स्वागत के दौरान बमवर्षकों की उड़ान को लेकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह केवल समारोह था या इसके पीछे कोई रणनीतिक संदेश भी था। इसे लेकर चर्च गरम है।
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