Home National news hindi पोप लियो को लंग कैंसर: स्मोकिंग न करने वालों को भी हो...

पोप लियो को लंग कैंसर: स्मोकिंग न करने वालों को भी हो सकती है ये बीमारी, अहम सवालों के जवाब

3
0

Source :- BBC INDIA

पोप लियो

प्रकाशित

पढ़ने का समय: 5 मिनट

वेटिकन ने बताया है कि पोप लियो चौदहवें की सर्जरी के बाद लंग कैंसर का पता चला है. इससे पहले नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान उनके फेफड़ों में एक गांठ का पता चला था.

71 वर्षीय पोप का मंगलवार को रोम के जेमेली हॉस्पिटल में 90 मिनट का ऑपरेशन हुआ. डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान ऊतकों की जांच से पुष्टि हुई कि उन्हें लंग्स का एडिनोकार्सिनोमा है.

एक बयान में, वेटिकन ने कहा कि ऑपरेशन सफल रहा और पोप कुछ समय तक निगरानी में रहने के बाद अपने कमरे में लौट गए.

लंग का एडिनोकार्सिनोमा क्या है, पोप की सर्जरी कितनी गंभीर थी और उन्हें ठीक होने में कितना समय लगेगा?

लंग्स का एडिनोकार्सिनोमा क्या है?

वेटिकन के अनुसार, यह एक छोटा घाव है जो आमतौर पर नुक़सानदेह नहीं होता है. अमेरिकन थोरेसिक सोसाइटी (एटीएस) का कहना है कि लंग्स में होने वाली 5% से भी कम गांठें कैंसरयुक्त साबित होती हैं, हालांकि उम्र, गांठ के आकार और धूम्रपान जैसे कारकों के साथ जोखिम बढ़ जाता है.

नोड्यूल नॉर्मल लंग्स के ऊतकों की तुलना में ज़्यादा सघन होते हैं और सीटी स्कैन में सफ़ेद धब्बों के रूप में दिखाई देते हैं. एटीएस के अनुसार, इसे आमतौर पर छाया या “लंग्स पर धब्बा” कहा जाता है.

हालांकि, पोप लियो की सर्जरी के दौरान ऊतकों की जांच ने पुष्टि की कि गांठ लंग्स का एडिनोकार्सिनोमा था, जो एक प्रकार का कैंसर है. यह लंग्स में बलगम बनाने वाली कोशिकाओं में शुरू होता है.

डॉक्टरों लुइगी कार्बोन और स्टेफानो मार्गरीटोरा ने होली सी प्रेस कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा, “ऑपरेशन के दौरान की गई ऊतक संबंधी जांच ने लंग्स के एडेनोकार्सिनोमा के निदान की पुष्टि की, जैसा कि ऑपरेशन से पहले की गई जांचों से संदेह था.”

एडिनोकार्सिनोमा लंग्स के कैंसर का सबसे आम प्रकार है और यह विशेष रूप से उन लोगों में ज़्यादा पाया जाता है, जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया है. अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार, धूम्रपान न करने वाले लोगों में पाए जाने वाले फेफड़ों के कैंसर के लगभग 50% से 60% मामले एडिनोकार्सिनोमा होते हैं.

लियो, जो मई 2025 में पोप चुने गए थे, पोप पद के लिए अपेक्षाकृत कम उम्र के हैं. उन्हें टेनिस सहित कई खेल पसंद हैं और वे धूम्रपान नहीं करते हैं और न ही अतीत में उन्हें कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या हुई है.

ऑपरेशन कितना गंभीर था?

पोप लियो ने रोम के जेमेली अस्पताल में लोगों का अभिवादन किया

वेटिकन ने बताया कि सर्जनों ने वीडियो असिस्टेड तकनीक की सहायता से पोप के दाहिने फेफड़े के निचले हिस्से को निकाल दिया. एक मेडिकल बुलेटिन में, डॉक्टरों लुइगी कार्बोन और स्टेफानो मार्गरीटोरा ने कहा कि ट्यूमर को पूरी तरह से हटाने के लिए यह प्रक्रिया की गई थी.

सर्जरी लगभग 90 मिनट तक चली. हालांकि पोप को ऑपरेशन थिएटर में लगभग तीन घंटे बिताने पड़े. डॉक्टरों ने बताया कि प्रक्रिया सफल रही और कोई मुश्किल नहीं हुई.

कुछ समय तक निगरानी में रहने के बाद पोप रोम के जेमेली अस्पताल में अपने कमरे में लौट आए. वेटिकन ने बताया कि बाद में उन्होंने रात का भोजन किया और शाम अपने सचिवों और अन्य वेटिकन कर्मचारियों के साथ बिताई.

वेटिकन ने कहा कि आगे के परीक्षण परिणाम उपलब्ध होते ही जारी कर दिए जाएंगे.

उन्हें ठीक होने में कितना समय लगेगा?

वेटिकन ने कहा है कि पोप के ठीक होने में लगभग एक सप्ताह का समय लगने की उम्मीद है.

उनका इलाज रोम के जेमेली अस्पताल में चल रहा है, जिसे औपचारिक रूप से अगोस्टिनो जेमेली पॉलीक्लिनिक के नाम से जाना जाता है, जो कैथोलिक यूनिवर्सिटी ऑफ द सेक्रेड हार्ट से संबद्ध एक कैथोलिक शिक्षण अस्पताल है.

अस्पताल की 10वीं मंजिल पर पोप के लिए एक विशेष सुइट है, जिसमें एक निजी चैपल भी है.

लियो के पूर्ववर्ती, पोप फ्रांसिस, सांस संबंधी समस्याओं से जुड़ी एक लंबी बीमारी के बाद अप्रैल 2025 में अपनी मृत्यु से पहले कई बार वहां इलाज करा चुके थे.

सेंट जॉन पॉल द्वितीय ने जेमेली में इतना समय बिताया कि उन्होंने प्रसिद्ध रूप से इसे “वेटिकन तृतीय” उपनाम दिया, जो स्वयं वेटिकन और पोप के ग्रीष्मकालीन निवास कैस्टेल गैंडोल्फो के नाम पर था.

क्या पोप अब भी यात्रा करेंगे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे?

अस्पताल में भर्ती होने से पहले, पोप ने मंगलवार से 20 अक्टूबर के बीच होने वाले सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों को रद्द कर दिया था.

आगामी सर्जरी के बावजूद, लियो ने सोमवार सुबह अपने सभी निर्धारित कार्यक्रमों में भाग लिया.

सोमवार को प्रकाशित वेटिकन के एक कार्यक्रम से पता चला कि उन्होंने उस दिन पहले अर्जेंटीना, निकारागुआ, जापान, नाइजीरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका के अतिथि बिशपों से मुलाक़ात की थी.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रोम स्थित एक चैरिटी समूह के साथ बैठक के दौरान, उन्होंने एक मज़बूत और स्पष्ट आवाज़ में बात की और सदस्यों को उनके काम के लिए धन्यवाद दिया.

कैथोलिक चर्च के 1.4 अरब सदस्यों का नेतृत्व करने वाले लियो के इस सप्ताह के लिए कई सार्वजनिक कार्यक्रम निर्धारित थे, जिनमें बुधवार को सेंट पीटर स्क्वायर में एक सामूहिक प्रार्थना सभा भी शामिल थी.

वेटिकन ने कहा कि इस प्रार्थना सभा का नेतृत्व कार्डिनल लुइस टैगल करेंगे.

पोप लियो 6 से 17 नवंबर तक उरुग्वे, अर्जेंटीना और पेरू की यात्रा भी करने वाले हैं.

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि सर्जरी और रिकवरी की अवधि यात्रा को प्रभावित करेगी या नहीं, जिसमें पेरू में विभिन्न उड़ानें, हेलिकॉप्टर यात्राएं और उच्च ऊंचाई वाले स्थानों का दौरा शामिल होगा.

हालांकि, पोप ने रविवार को कहा कि उनका यात्रा करने का इरादा अब भी है.

पोप के बीमार होने पर कैसे काम होता है वेटिकन में?

पोप विश्व भर के कैथोलिकों के लिए सर्वोच्च हैं और उनका कोई प्रतिनिधि नहीं है जो उनके बीमार होने पर स्वतः ही पदभार ग्रहण कर ले.

जब कोई पोप बीमार होता है, तब भी वेटिकन का नौकरशाही तंत्र कार्य करता रहता है, हालांकि पोप की मंज़ूरी की ज़रूरतों वाले निर्णय आमतौर पर स्थगित कर दिए जाते हैं.

पोप की मृत्यु या इस्तीफ़े की स्थिति में, कार्डिनल्स कॉलेज के डीन वर्तमान में फिलीपींस के कार्डिनल लुइस एंटोनियो टैगल उनके उत्तराधिकारी के चुनाव के लिए कॉन्क्लेव आयोजित करने के लिए ज़िम्मेदार होते हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट… सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

SOURCE : BBC NEWS