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फिल्म के बहाने घर बुलाया, फिर बनाया शिकार; ‘जोरू का गुलाम’ का डायरेक्टर हुआ अरेस्ट

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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33 साल की एक्ट्रेस ने 73 साल के शकील नूरानी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक्ट्रेस का दावा है कि डायरेक्टर चार साल तक उनके साथ गलत काम करता रहा।

मुंबई पुलिस की मालवानी टीम ने बॉलीवुड निर्देशक को गिरफ्तार कर लिया है। ‘जोरू का गुलाम’ जैसी फिल्में बनाने वाले शकील नूरानी पर यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने 40 दिनों से फरार निर्देशक को बोरीवली हॉलीडे कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

क्या है पूरा मामला?

33 साल की अभिनेत्री का आरोप है कि साल 2016 में लोखंडवाला के एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान नूरानी से उनकी पहली मुलाकात हुई थी। इसके बाद एक नई फिल्म की स्क्रिप्ट सुनाने के बहाने निर्देशक ने उन्हें अपने मालवानी स्थित घर बुलाया। FIR में एक्ट्रेस ने दावा किया है कि नूरानी ने उन्हें सॉफ्ट ड्रिंक में बेहोशी की दवा मिलकर दी। कुछ समय बाद जब उन्हें होश आया तब नूरानी ने उन्हें अपने मोबाइल फोन पर एक वीडियो दिखाया और धमकी दी कि अगर उन्होंने पुलिस से संपर्क किया या अपने परिवार को इस बारे में बताया तो वो इसे सर्क्युलेट कर देंगे।

चार साल तक करता रहा दुष्कर्म

एक्ट्रेस ने कहा कि नूरानी ने उसी वीडियो का इस्तेमाल कर उन्हें धमकाया और कई बार उनका फायदा उठाया। पीड़िता ने ये भी आरोप लगाया कि संबंध बनाने के बाद नूरानी उन्हें बार-बार गर्भनिरोधक गोलियां देता था।

40 दिन तक रहा फरार

मामला दर्ज होने के बाद शकील नूरानी लगभग 40 दिनों तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा। मुंबई पुलिस ने लोखंडवाला में उनके बेटे के घर पर भी दबिश दी, लेकिन वहां भी कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद तकनीकी सर्विलांस और लोकेशन ट्रेसिंग की मदद से मुंबई पुलिस ने सतारा जिले के मेधा स्थित एक फार्महाउस से स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी को पकड़ा।

नूरानी के वकील का बयान

नूरानी के वकील विकास सिंह का कहना है कि उनके मुवक्किल को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। चूंकि मामला अभी विचाराधीन है, इसलिए उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

कौन हैं शकील नूरानी?

शकील नूरानी 90 के दशक के चर्चित बॉलीवुड निर्देशकों में गिने जाते हैं। उन्होंने ‘विष्णु देवा’ (1991), ‘श्रीमान आशिक’ (1993), ‘बड़े दिलवाला’ (1999) और गोविंदा-ट्विंकल खन्ना स्टारर ‘जोरू का गुलाम’ (2000) जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN