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बच्चों के नाम पर खोलें ये खास खाता, मिलेगा 9.5% ब्याज, पढ़ें डिटेल्स

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Source :- LIVE HINDUSTAN

बच्चों के भविष्य के लिए निवेश करने की सोच रहे हैं तो एनपीएस वात्सल्य (NPS Vatsalya) आपके काम की योजना हो सकती है। यह खास तौर पर नाबालिग बच्चों के लिए शुरू की गई पेंशन योजना है, जिसमें माता-पिता या अभिभावक बच्चे के नाम पर अकाउंट खोलकर निवेश कर सकते हैं। खास बात यह है कि अकाउंट का लाभार्थी सिर्फ बच्चा होता है और 18 साल की उम्र पूरी होने के बाद वह इसे नियमित एनपीएस अकाउंट में बदल सकता है। इस योजना में सिर्फ निवेश ही नहीं, बल्कि एनपीएस से जुड़े कई टैक्स बेनिफिट भी लागू होते हैं।

कौन खोल सकता है NPS वात्सल्य अकाउंट?

एनपीएस वात्सल्य को PFRDA रेगुलेट और ऑपरेट करता है। सितंबर 2024 में शुरू हुई इस योजना में 18 साल से कम उम्र का भारतीय नागरिक, एनआरआई या ओसीआई पात्र हो सकता है। अकाउंट माता-पिता या अभिभावक बच्चे की ओर से ऑपरेट करते हैं। अकाउंट खोलने के लिए बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट या मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट, पासपोर्ट और पैन कार्ड जैसे डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ सकती है।

1,000 रुपये से शुरू कर सकते हैं निवेश

एनपीएस वात्सल्य में सालाना न्यूनतम योगदान 1,000 रुपये है। निवेश की अधिकतम सीमा तय नहीं है। योजना में रिटर्न बाजार से जुड़े निवेश पर निर्भर करता है और उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसने अलग-अलग पीरियड में करीब 9.5% से 10% के आसपास रिटर्न दिया है। हालांकि भविष्य का रिटर्न तय नहीं होता।

माता-पिता निवेश के लिए अलग-अलग विकल्प चुन सकते हैं। डिफॉल्ट विकल्प में 50% इक्विटी वाला मॉडरेट लाइफसाइकल फंड है। इसके अलावा अपने आप चुन सकते हैं। इसमें में 75%, 50% और 25% इक्विटी वाले विकल्प हैं।

टैक्स में भी मिल सकता है फायदा

एनपीएस वात्सल्य में किए गए निवेश पर एनपीएस से जुड़े टैक्स नियम लागू होते हैं। माता-पिता या अभिभावक को कुल 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त टैक्स कटौती का लाभ मिल सकता है, जिसमें 1.5 लाख रुपये सेक्शन 80CCD(1B) के तहत और 50,000 रुपये अतिरिक्त कटौती के तौर पर शामिल हैं।

18 साल से पहले पैसे निकाल सकते हैं?

हां, लेकिन इसके लिए नियम तय हैं। अकाउंट खुलने के तीन साल बाद बच्चे के योगदान का 25% तक आंशिक निकासी की जा सकती है। यह सुविधा 18 साल की उम्र तक अधिकतम तीन बार ली जा सकती है। शिक्षा, 75% से अधिक दिव्यांगता और कुछ गंभीर बीमारियों के इलाज जैसी जरूरतों के लिए भी निकासी की अनुमति है।

18 साल बाद क्या होगा?

18 साल की उम्र पूरी होने पर बच्चा खुद तय कर सकता है कि उसे योजना से बाहर निकलना है या अकाउंट को रेगुलर एनपीएस में बदलना है। इसके लिए तीन महीने के भीतर KYC पूरा करना होगा। अगर वह योजना से बाहर निकलता है तो सामान्य स्थिति में कम से कम 80% रकम से एन्यूटी खरीदनी होगी, जबकि बाकी रकम एकमुश्त मिल सकती है। अगर कुल कॉर्पस 2.5 लाख रुपये या उससे कम है, तो पूरी रकम निकालने की अनुमति हो सकती है। बच्चे की मृत्यु होने पर पूरा कॉर्पस नॉमिनी को वापस कर दिया जाता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN