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UPI Circle एक नया फीचर है, जो पैरेंट्स को बच्चों या परिवार के अन्य सदस्यों को UPI से भुगतान करने की परमिशन देने के साथ उनके खर्च पर नजर रखने का विकल्प देता है। आइए आपको इसके बारे में बताते हैं। 

भारत में कैशलेस पेमेंट कुछ भी खरीदने का सबसे आसान तरीका बन चुका है और रोजाना करोड़ों UPI पेमेंट्स किए जाते हैं। छोटी दुकानों से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक हर जगह UPI से भुगतान का विकल्प मिलने लगा है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) अब खास UPI Circle फीचर लेकर आया है, जिससे अपने बच्चों को पॉकेट मनी देने के बजाय उनके लिए भुगतान किया जा सकता है।

नया फीचर खासतौर से उन पैरेंट्स के लिए काम का है जो अपने बच्चों को डिजिटल पेमेंट का विकल्प देना चाहते हैं, लेकिन बैंक अकाउंट या UPI PIN जैसी सेंसिटिव जानकारी उससे शेयर नहीं करना चाहते। आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

क्या है UPI Circle?

UPI Circle एक ऐसा फीचर है, जिसके जरिए किसी UPI अकाउंट का प्राइमरी यूजर किसी सेकेंडरी यूजर को अपनी ओर से पेमेंट करने की परमिशन दे सकता है। सेकेंडरी यूजर परिवार का कोई भी सदस्य हो सकता है, जैसे- बच्चा, पार्टनर या पैरेंट्स। इस दौरान मेन यूजर को अपना बैंक अकाउंट, UPI PIN या बाकी प्राइवेट जानकारी शेयर करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके बजाय वह खर्च की लिमिट तय कर सकता है और पेमेंट प्रोसेस पर पूरा कंट्रोल बनाए रख सकता है।

कैसे काम करता है UPI Circle?

UPI Circle को यूज करने के लिए सबसे पहले प्राइमरी यूजर अपने UPI ऐप में किसी भरोसेमंद व्यक्ति को सेकेंडरी यूजर के तौर पर जोड़ना होता है। इसके बाद सेकेंडरी यूजर को लिमिटेड पेमेंट राइट्स मिल जाते हैं। यह फीचर दो अलग-अलग मोड्स में काम करता है:

1. मैनुअल अप्रूवल मोड

इस मोड में सेकेंडरी यूजर जब भी कोई पेमेंट शुरू करता है, तो उसे पूरा होने से पहले प्राइमरी यूजर की परमिशन की जरूरत होती है। जब पेमेंट रिक्वेस्ट भेजी जाती है, तो मेन यूजर के फोन पर नोटिफिकेशन आता है। परमिशन मिलने के बाद ही ट्रांजैक्शन पूरा होता है। यह ऑप्शन उन पैरेंट्स के लिए उपयोगी है जो हर खर्च पर नजर रखना चाहते हैं।

2. ऑटोमैटिक अप्रूवल मोड

इस मोड में पैरेंट्स या प्राइमरी यूजर्स पहले से खर्च की एक लिमिट तय कर सकते हैं। अगर पेमेंट की रकम उस तय लिमिट के अंदर है, तो ट्रांजैक्शन अपने आप पूरा हो जाता है और हर बार परमिशन देने की जरूरत नहीं पड़ती।

उदाहरण के लिए, अगर किसी बच्चे के लिए 2,000 रुपये की मंथली लिमिट तय की गई है, तो वह उस लिमिट के भीतर छोटे-मोटे पेमेंट्स खुद कर सकता है।

बता दें, UPI Circle का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बच्चों को डिजिटल पेमेंट की आजादी मिलती है, जबकि कंट्रोल पैरेंट्स के हाथ में रहता है।

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