Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत को 7 फीसदी से ज्यादा की आर्थिक विकास दर बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी की जरूरत है
- इसके लिए शेयर बाजार में निवेश को बढ़ावा देना जरूरी है
- उन्होंने माना कि इक्विटी मार्केट को भी वैसा ही सपोर्ट मिलना चाहिए, जैसा डेट मार्केट यानी कर्ज बाजार को दिया जाता है
Nirmala Sitharaman News: शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच निवेशकों के लिए राहत भरी खबर आ सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इक्विटी टैक्स में बदलाव की मांगों पर विचार करने की बात कही है। उन्होंने माना कि विदेशी निवेशकों के पैसा निकालने से बाजार में चिंता बढ़ी है। ऐसे में सरकार शेयर बाजार में निवेश को बढ़ावा देने के लिए जरूरी सुझावों पर विचार कर सकती है। वहीं, टाटा ग्रुप में चल रहे विवाद पर भी वित्त मंत्री ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ग्रुप के नेतृत्व को आपस में बैठकर मामला सुलझाने और जल्द हालात सामान्य करने की सलाह दी है।
इक्विटी टैक्स में बदलाव पर करेंगी विचार
मुंबई में आयोजित फाइनेंशियल एक्सप्रेस लीडरशिप अवॉर्ड्स 2026 के कार्यक्रम में वित्त मंत्री से पूछा गया कि क्या आने वाले बजट में विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए टैक्स नियमों में बदलाव किया जा सकता है? इस पर उन्होंने कहा कि टैक्स व्यवस्था निवेश का सिर्फ एक हिस्सा है, लेकिन रिटेल निवेशकों और शेयर बाजार से जुड़े लोगों की चिंताओं को समझना भी जरूरी है। सीतारमण ने बताया कि साल 2023-24 में भी टैक्स के नियम लगभग ऐसे ही थे, लेकिन उस समय भारत में विदेशी निवेश रिकॉर्ड स्तर पर आया था। अब परिस्थितियां बदल गई हैं और विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि अब निवेश का पैसा धीरे-धीरे वापस भी आने लगा है। वित्त मंत्री ने साफ कहा कि बाजार से जुड़े लोगों की चिंताओं और इक्विटी टैक्स में बदलाव की मांग पर वह विचार करेंगी।
शेयर बाजार को भी मिले डेट मार्केट जैसा सपोर्ट
निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत को 7 फीसदी से ज्यादा की आर्थिक विकास दर बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी की जरूरत है। इसके लिए शेयर बाजार में निवेश को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने माना कि इक्विटी मार्केट को भी वैसा ही सपोर्ट मिलना चाहिए, जैसा डेट मार्केट यानी कर्ज बाजार को दिया जाता है।
टाटा ग्रुप विवाद पर क्या बोलीं वित्त मंत्री
कार्यक्रम के दौरान निर्मला सीतारमण से टाटा ग्रुप में चल रहे विवाद को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि यह काफी संवेदनशील मामला है और इसे सुलझाने के लिए कारोबारी समझदारी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप देश की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है। इस ब्रांड ने भारत को दुनियाभर में पहचान दिलाई है और देश के विकास में भी इसका बड़ा योगदान है। ऐसे में ग्रुप के नेतृत्व को आपस में बातचीत करके विवाद का जल्द समाधान निकालना चाहिए। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि टाटा ग्रुप का विवाद इस तरह पब्लिक नहीं होना चाहिए। दोनों पक्षों को मिलकर जल्द से जल्द हालात सामान्य करने की कोशिश करनी चाहिए।
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