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बदल गए पेंशन से जुड़े नियम, इन सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • केंद्र सरकार ने उन सरकारी कर्मचारियों के पेंशन मामलों में प्रक्रिया आसान की है, जिनकी मृत्यु या दिव्यांगता के मामलों में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत पेंशन देने की प्रक्रिया अपनाई जाती है

NPS to OPS Migration: सरकारी कर्मचारियों की मौत या दिव्यांगता पर NPS से OPS में शिफ्ट करना अब आसान हो गया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से पुरानी पेंशन योजना (OPS) में पेंशन मामलों को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। इस संबंध में वित्त मंत्रालय की ओर से नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की गई है। यह प्रक्रिया 17 सितंबर 2025 को जारी पुराने दिशानिर्देशों की जगह लेगी। यह बदलाव उन पात्र पेंशन मामलों से संबंधित है, जिनमें सरकारी कर्मचारी की मृत्यु या दिव्यांगता के बाद NPS से OPS में जाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

क्या कहा वित्त मंत्रालय ने?

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “ट्रांसफर प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियों को देखते हुए और इसको आसान बनाने के लिए एक संशोधित SOP को मंजूरी दी गई है।” मंत्रालय ने संबंधित पक्षों को निर्देश दिया है कि वे इस संशोधित SOP को लागू करने के लिए जरूरी कदम उठाएं और इसके प्रावधानों की जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों तक पहुंचाएं। NPS से OPS में माइग्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने पर पेंशनर को नया नियमित पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) जारी किया जाएगा।

नया PPO तैयार करने की जिम्मेदारी संबंधित सरकारी कार्यालयों और पेंशन अधिकारियों की होगी। नया PPO मिलने के बाद पेंशनर को अपना पुराना प्रोविजनल पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPPO) संबंधित बैंक में जमा करना होगा। बैंक पुराने PPPO को लेकर उसकी संबंधित प्रतियां जरूरी अधिकारियों के पास भेजेगा। पेंशनरों को हर साल नवंबर में बैंक में अपना लाइफ सर्टिफिकेट यानी जीवन प्रमाणपत्र जमा करना होगा। यह नियम पहले की तरह जारी रहेगा।

सरकार का क्या है तर्क

सरकार का कहना है कि पहले NPS से OPS में पेंशन का मामला ट्रांसफर करने में कुछ परेशानियां आ रही थीं। इन्हें दूर करने के लिए नई प्रक्रिया बनाई गई है। इससे संबंधित पेंशनरों और परिवारों के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी करना आसान हो सकता है।

NPS सेंट्रल की शुरुआत

हाल ही में NPS के अंशधारकों के लिए ‘एनपीएस सेंट्रल’ शुरू किया गया है। इसके तहत, निवेशक को एक ही प्लेटफॉर्म के जरिये रजिस्ट्रेशन कराने, निवेश करने और अपने पेंशन खातों का प्रबंधन करने की सुविधा मिलेगी। एक अक्टूबर को शुरू किए गए इस प्लेटफॉर्म को NPS के तहत आने वाली तीनों केंद्रीय रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों (सीआरए) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है और वे ही इसका प्रबंधन करती हैं। यह प्लेटफॉर्म तीनों सीआरए को एक साझा ‘डिजिटल इंटरफेस’ पर लाता है। इससे एनपीएस से जुड़ी पेंशन सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। एनपीएस व्यवस्था में सीआरए, पेंशन फंड और नेटवर्क उपस्थिति केंद्र (पीओपी) शामिल हैं।

NPS सेंट्रल के जरिये ‘NPS स्वास्थ्य’ के लिए भी रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। इसमें निवेश के लिए एक समर्पित फंड के साथ अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था शामिल है। इससे व्यापक डिजिटल पेंशन व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बढ़ेगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN