Source :- LIVE HINDUSTAN
बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने भारत से संबंधों को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया था। उन्होंने कहा कि दोनों देश भौगोलिक रूप से एक-दूसरे के पड़ोसी हैं और सहयोग के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को भारत के उप उच्चायुक्त पवन बाढे को तलब किया। इस दौरान नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सलाहकार जाहेद उर रहमान के साथ हुई घटना को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। रिपोर्ट के अनुसार, जाहेद उर रहमान भारतीय महासागर रिम संघ (IORA) की सीनियर अधिकारियों की समिति (CSO) की 28वीं बैठक में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे थे। हालांकि, हवाई अड्डे पर आगमन के बाद उन्हें सुरक्षा जांच के दौरान काफी देर तक रोका गया। बताया गया कि उनका नाम एक वॉचलिस्ट में होने के कारण उन्हें लगभग ढाई घंटे तक पूछताछ का सामना करना पड़ा।
भारतीय अधिकारियों ने बाद में उन्हें आगे यात्रा करने की अनुमति दे दी थी, लेकिन इसके बावजूद रहमान ने बैठकों में हिस्सा लेने के बजाय सोमवार को बांग्लादेश लौटने का फैसला किया। बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार खलीलुर रहमान ने इस घटना को खेदजनक बताया है। यह समन भारत के उप उच्चायुक्त पवन को जारी किया गया, जो फिलहाल कार्यवाहक उच्चायुक्त के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दरअसल, हाल ही में नियुक्त भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने अभी तक बांग्लादेश के राष्ट्रपति के समक्ष अपना क्रेडेंशियल्स प्रस्तुत नहीं किया है।
संबंधों को मजबूत बनाने का प्रयास
यह कूटनीतिक तनाव ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। कुछ दिन पहले ही बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने भारत और बांग्लादेश के बीच एक सकारात्मक संबंध की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि दोनों देश पड़ोसी हैं और क्षेत्रीय सहयोग के लिए उन्हें साथ मिलकर काम करना होगा।
गौरतलब है कि भारतीय उच्चायोग ढाका में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया भी चल रही है। नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी 12 जून को बेनापोल भूमि बंदरगाह के रास्ते बांग्लादेश पहुंचे थे और वे निवर्तमान उच्चायुक्त प्रणय वर्मा का स्थान लेने वाले हैं। ऐसे समय में हुई यह घटना भारत-बांग्लादेश संबंधों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के लिए चर्चा का विषय बन गई है।
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