Source :- LIVE HINDUSTAN
बांग्लादेश में कपड़ा मज़दूरों का वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी है। हिंसा के कारण अब तक लगभग 1000 फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं। सरकार ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना पर मजदूरों की अशांति भड़काने का आरोप लगाया है।
बांग्लादेश में कपड़ा मजदूरों का वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी है। हिंसा के कारण अब तक लगभग 1000 फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं। सरकार ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना पर मजदूरों की अशांति भड़काने का आरोप लगाया है। बता दें कि मजदूर महीने में कम से कम 30000 टका (लगभग 23000 रुपये) की न्यूनतम मजदूरी की मांग कर रहे हैं। फिलहाल उनकी मजदूरी 12500 टका (करीब 9500 रुपये) है। मजदूरों का कहना है कि खाने-पीने, रहने, आवागमन और इलाज के खर्च बढ़ने से उनकी तनख्वाह काफी कम पड़ रही है।
हिंसा के कारण फैक्ट्रियां बंद
बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के मुताबिक, नई हिंसा के कारण 300 और फैक्ट्रियां बंद करनी पड़ीं। 31 अक्टूबर से शुरू हुए प्रदर्शनों के बाद अब कुल प्रभावित इकाइयों की संख्या लगभग 1000 पहुंच गई है। आगे बताया कि अशांति ढाका और आसपास के औद्योगिक इलाकों ( गाजीपुर, अशुलिया, मीरपुर, नारायणगंज और मैमनसिंह ) में तेजी से फैल गई है। मजदूरों ने पुलिस से झड़प की, सड़कें जाम कीं और उत्पादन ठप हो गया। कई जगह पुलिस ने लाठी और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जबकि प्रदर्शनकारियों ने ईंट-पत्थर फेंके। इस दौरान नारायणगंज में मजदूरों ने एक मुख्य सड़क को ब्लॉक कर टायर जलाए।
क्या कह रही सरकार?
प्रधानमंत्री के सूचना मामलों के सलाहकार जाहेदुर रहमान ने मीडिया को बताया कि जब तक शेख हसीना जिंदा हैं, सरकार को शांति से काम करने नहीं देंगी। उन्होंने कहा कि हटाई गई प्रधानमंत्री ही इन विरोध प्रदर्शनों की साजिश रच रही हैं और तोड़फोड़ जारी रह सकती है। वहीं, गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने भी आरोप लगाया कि अवामी लीग से जुड़े कुछ फैक्ट्री मालिक अशांति को हवा दे रहे हैं। हालांकि, सरकार पहले अवामी लीग को राजनीतिक रूप से खत्म बता चुकी थी। पुलिस ने अशांति के सिलसिले में 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से लगभग 50 अवामी लीग से जुड़े बताए जा रहे हैं।
उद्योग पर असर
बता दें कि बांग्लादेश का रेडीमेड गारमेंट सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसमें करीब 40 लाख लोग काम करते हैं और निर्यात से होने वाली कमाई का 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा इसी से आता है। चीन के बाद बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गारमेंट एक्सपोर्टर है और H&M, जारा, गैप जैसे ब्रांड्स को कपड़े सप्लाई करता है। निर्माताओं का कहना है कि स्प्रिंग-समर ऑर्डर के पीक सीजन में लंबे समय तक बंद रहने से शिपमेंट में देरी हो सकती है, विदेशी खरीदारों का भरोसा टूट सकता है और ऑर्डर रद्द हो सकते हैं।
गौरतलब है कि 5 अगस्त 2024 को छात्रों के आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार गई थी और वे भारत भाग गईं। बाद में अंतरिम सरकार के तहत विशेष न्यायाधिकरण ने उन्हें गैरहाजिर रहते मौत की सजा सुनाई थी। सरकार ने रविवार को गारमेंट वर्कर्स की सैलरी की समीक्षा के लिए छह सदस्यीय न्यूनतम वेतन बोर्ड बनाया है, लेकिन विरोध जारी रहने के कारण इसकी पहली बैठक अभी नहीं हो पाई है। मजदूरों का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों की हालिया सैलरी बढ़ोतरी से वेतन का अंतर और बढ़ गया है, जबकि महंगाई करीब 8 प्रतिशत पर बनी हुई है।
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