बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया आज, 8 जून 2026, को समाप्त हो गई। इस चुनाव में कुल 10 सीटों के लिए नामांकन हो रहे थे, जिनमें से 9 सीटों के लिए एनडीए ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी। हालांकि, एक सीट के लिए मंत्री दीपक प्रकाश का नामांकन नहीं हुआ, जिससे उनके मंत्री पद पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
## दीपक प्रकाश का नामांकन न करना
सूत्रों के अनुसार, उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र और बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन नहीं किया। बताया जा रहा है कि बीजेपी की ओर से उन्हें कमल के चुनाव चिन्ह पर उम्मीदवार बनने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके परिणामस्वरूप, एनडीए ने दीपक प्रकाश को विधान परिषद का उम्मीदवार नहीं बनाया। ([abplive.com](https://www.abplive.com/states/bihar/deepak-prakash-will-not-file-nomination-for-bihar-vidhan-parishad-election-2026-3141843?utm_source=openai))
## मंत्री पद पर संकट
बिहार के संविधान के अनुसार, मंत्री बनने के लिए व्यक्ति को विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य होना आवश्यक है। दीपक प्रकाश ने 21 नवंबर 2025 को मंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन उन्होंने न तो विधानसभा चुनाव लड़ा और न ही विधान परिषद के लिए नामांकन किया। इस प्रकार, उनका मंत्री पद 20 मई 2026 को समाप्त हो गया। नियमों के अनुसार, मंत्री पद पर बने रहने के लिए उन्हें उपचुनाव के माध्यम से सदन का सदस्य बनना आवश्यक था, जो अब संभव नहीं हो पाया है। ([abplive.com](https://www.abplive.com/states/bihar/deepak-prakash-will-not-file-nomination-for-bihar-vidhan-parishad-election-2026-3141843?utm_source=openai))
## एनडीए के अन्य उम्मीदवार
एनडीए ने विधान परिषद की 10 सीटों के लिए अपने 9 उम्मीदवारों की घोषणा की है। इनमें से पवन सिंह और निशांत कुमार जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। हालांकि, दीपक प्रकाश का नामांकन न होने से उनकी मंत्री पद की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। ([livehindustan.com](https://www.livehindustan.com/bihar/bihar-mlc-nominations-for-10-seats-today-nda-fields-9-candidates-suspense-over-deepak-prakash-continues-201780886629356.html?utm_source=openai))
## उपेंद्र कुशवाहा की भूमिका
उपेंद्र कुशवाहा, जो राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख हैं, ने दीपक प्रकाश को विधान परिषद का उम्मीदवार बनाने के लिए बीजेपी से संपर्क किया था। हालांकि, बीजेपी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया, जिससे उनकी मंत्री पद की स्थिति पर संकट उत्पन्न हो गया है। ([abplive.com](https://www.abplive.com/states/bihar/deepak-prakash-will-not-file-nomination-for-bihar-vidhan-parishad-election-2026-3141843?utm_source=openai))
## निष्कर्ष
दीपक प्रकाश का नामांकन न करना उनके मंत्री पद के लिए गंभीर संकट का कारण बन सकता है। हालांकि, उपेंद्र कुशवाहा की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस पर चर्चा तेज है। आने वाले दिनों में इस मामले में और स्पष्टता मिलने की संभावना है।
यह घटना बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाती है, जहां एक मंत्री के विधान परिषद सदस्यता के बिना मंत्री पद पर बने रहना संभव नहीं है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि राजनीतिक गठबंधनों और निर्णयों का मंत्री पद पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
आने वाले दिनों में इस मामले में और जानकारी मिलने की संभावना है, जो बिहार की राजनीति के परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण होगी।
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