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बॉलीवुड सिलेब्रिटीज और क्रिकेटर्स क ो ज्यादातर बेटिया ं ह ी क्यो ं होत ी हैं? डॉक्टर न े बताई खास वजह

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Source :- LIVE HINDUSTAN

क्य ा आपन े कभ ी नोटिस किय ा ह ै क ि ज्यादातर बॉलीवुड सिलेब्रिटीज और क्रिकेटर्स क े यहा ं बेटिया ं ह ी पैद ा होत ी हैं? य े सिर्फ एक संयोग लग सकत ा ह ै लेकिन डॉक्टर क ी माने ं त ो इसक े पीछ े एक खास वजह जिम्मेदार ह ो सकत ी है । आइए जानत े हैं।

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह और एक्ट्रेस दीपिक ा पादुकोण हाल ह ी मे ं दोबार ा पैरेंट्स बन े हैं । कपल क े घर दूसर ी बार भ ी बेट ी न े जन्म लिय ा है । बॉलीवुड मे ं ऐस े कई सिलेब्रिट ी कपल हैं, जिनक े घर बेटियो ं न े जन्म लिय ा है । इतन ा ह ी नही ं ज्यादातर एथलीट्स जैस े विराट कोहली, रोहित शर्म ा और धोन ी क े घर भ ी पहल ा चाइल्ड बेट ी ह ी है । देखन े पर य े सिर्फ एक संयोग लगत ा ह ै लेकिन इसक े पीछ े एक साइंटिफिक कारण जिम्मेदार है । गाइनेकोलॉजिस्ट ड ॉ रागिन ी ठाकुर क े मुताबिक ज्यादातर सिलेब्रिटीज क े घर बेटियो ं क ा जन्म होन ा सिर्फ एक को-इंसिडेंट नही ं ह ै बल्क ि इसक े पीछ े एक साइंटिफिक हाइपोथेसिस है । आइए इस े समझन े क ी कोशिश करत े हैं।

बच्च े क े जेंडर पर पड ़ सकत ा ह ै स्ट्रेस क ा असर

ड ॉ रागिन ी ठाकुर क े मुताबिक, हाई परफॉर्मिंग एथलीट्स और सिलेब्रिटीज क ी लाइफ मे ं फिजिकल हार्ड वर्क, लगातार कॉम्पिटिशन, इरेगुलर रूटीन और मेंटल स्ट्रेस काफ ी ज्याद ा ह ो सकत ा है । इसक ा असर फिजिकल हेल्थ पर भ ी पड़त ा है । स्ट्रेस क े दौरान शरीर मे ं कॉर्टिसोल नाम क ा हार्मोन बढ ़ सकत ा है । यह शरीर क े तनाव स े जुड़ ा हार्मोन है । इस स्ट्रेस क ा असर पुरुषो ं क ी स्पर्म क्वालिट ी पर भ ी पड़त ा है।

X और Y स्पर्म पर पड़त ा ह ै स्ट्रेस क ा असर

बच्च े क ा जेंडर तय करन े मे ं पित ा क े स्पर्म क ी भूमिक ा होत ी है । मा ं क ा एग ( अंडाणु ) X क्रोमोसोम लेकर आत ा है, जबक ि पुरुष क े स्पर्म मे ं X य ा Y क्रोमोसोम ह ो सकत ा है । X वाल े स्पर्म स े XX संयोजन बनन े पर लड़क ी और Y वाल े स्पर्म स े XY संयोजन बनन े पर लड़क ा होत ा है । ड ॉ रागिन ी ठाकुर क े मुताबिक स्ट्रेसफुल कंडीशन क ा असर X और Y क्रोमोसोम वाल े स्पर्म पर अलग-अलग होत ा है । ऐस ी कंडीशन मे ं Y क्रोमोसोम सेंसिटिव होत ा है, जबक ि X क्रोमोसोम एक्टिव रहत ा है।

क्य ा स्ट्रेस स े बेट ी होन े क ी संभावन ा बढ ़ जात ी है?

गाइनेकोलॉजिस्ट क े मुताबिक यह एक हाइपोथेसिस ह ै क ि स्ट्रेसफुल कंडीशन मे ं Y क्रोमोजोम्स स्पर्म डेलिकेट होत े है ं ज ो फर्टिलाइजेशन रेस मे ं पीछ े रह जात े है ं जबक ि x क्रोमोजोम्स स्पर्म आग े बढ ़ जात े हैं । जिसक ी वजह स े बेट ी होन े क ी संभावन ा बढ ़ जात ी है । हालांक ि ड ॉ रागिन ी यह भ ी कहत ी है ं क ि यह सिर्फ एक हाइपोथेसिस है, इसक ा कोई साइंटिफिक प्रूफ नही ं है।

क्य ा हर स्ट्रेसफुल कपल क े यहा ं बेट ी पैद ा होत ी है?

ऐस ा मानन ा य ा समझन ा बिल्कुल गलत ह ै क ि स्ट्रेसफुल कपल क े यहा ं ह ी बेट ी क ा जन्म होत ा है । सिर्फ तनाव, काम और बिज ी लाइफस्टाइल क े आधार पर बच्च े क ा जेंडर तय नही ं होत ा है । कुछ रिसर्च मे ं तनाव क े साथ बेट े क े जन्म मे ं कम ी क ा एक लिंक जरूर देख ा गय ा है, लेकिन इसक े आधार पर कोई ठोस बात कहन ा य ा मानन ा सह ी नही ं है।

नोट: यह रिपोर्ट सोशल मीडिय ा पर मौजूद यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है । लाइव हिन्दुस्तान न े इन दावो ं क ी स्वतंत्र रूप स े पुष्ट ि नही ं क ी ह ै और न ह ी इनक ा समर्थन करत ा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN