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अमेरिक ी राष्ट्रपत ि डोनाल्ड ट्रंप न े व्हाइट हाउस मे ं बड़ ा प्रशासनिक फेरबदल करत े हुए अपन े क़रीब ी सहयोग ी स्टीफ़न मिलर क ो नय ा चीफ ़ ऑफ ़ स्टाफ ़ नियुक्त किय ा है. मिलर सोमवार स े यह ज़िम्मेदार ी संभालेंगे.
मिलर क ी नियुक्त ि भारत क े लिहाज ़ स े भ ी महत्वपूर्ण मान ी ज ा रह ी है. इसक ी वजह भारत क ी व्यापार क ी नीतियो ं और इमिग्रेशन क ो लेकर उनक े पहल े दिए गए आलोचनात्मक बयान हैं.
मिलर क ी नियुक्त ि स े ट्रंप क्य ा संदेश देन ा चाहत े हैं?
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41 वर्षीय मिलर ट्रंप प्रशासन मे ं डिप्ट ी चीफ ़ ऑफ ़ स्टाफ क े तौर पर काम कर चुक े हैं. वह ट्रंप क े पहल े कार्यकाल मे ं भ ी अहम भूमिक ा निभ ा चुक े हैं.
ट्रंप क े दूसर े कार्यकाल क े पहल े दिन जिन कार्यकार ी आदेशो ं पर हस्ताक्षर किए गए थे, उनमे ं जन्मसिद्ध नागरिकत ा ख़त्म करन े और अमेरिक ा क ी दक्षिण ी सीम ा पर राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करन े स े जुड़ े आदेश शामिल थे. इन आदेशो ं पर मिलर क े हस्ताक्षर भ ी मौजूद थे. इसस े प्रशासन मे ं उनक े प्रभाव और कद क ा अंदाज़ ा लगाय ा ज ा सकत ा है.

अंतरराष्ट्रीय मामलो ं क े विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र देवलांकर क े मुताबिक़, मिडटर्म इलेक्शन मे ं हुई वोटिंग मे ं 18-19 फ़ीसद ी आबाद ी क े लिए इमिग्रेशन एक बड़ ा मुद्द ा था.
उनक े मुताबिक़, इस मुद्द े पर ट्रंप आसान ी स े प्ल े कर सकत े हैं, मिलर क ी नियुक्त ि क ा सबस े महत्वपूर्ण पहल ू इसक ा प्रतीकात्मक संदेश है.
उनक ा कहन ा ह ै क ि ट्रंप इस फ़ैसल े क े ज़रिए अमेरिक ी जनत ा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय क ो बतान ा चाहत े है ं क ि चुनाव ी हार क े बावजूद उनक ी नीतियो ं मे ं नरम ी नही ं आएगी.
डॉ. देवलांकर कहत े हैं,” मिलर क ी नियुक्त ि सिंबॉलिक नेचर क ी है. जब आप किस ी कंजर्वेटिव क ो इस पद पर नियुक्त करत े हैं, त ो आप एक संदेश द े रह े होत े हैं. ट्रंप यह बतान ा चाहत े है ं क ि आन े वाल े द ो वर्षो ं मे ं विदेश नीत ि और रक्ष ा क े मोर्च े पर बेहद मज़बूत और आक्रामक रुख ़ अपनाएंग े”.
भारत क ी व्यापार और तेल नीत ि पर सवाल उठ ा चुक े है ं मिलर
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स्टीफ़न मिलर भारत क ी व्यापार और इमिग्रेशन नीतियो ं क ी आलोचन ा कर चुक े हैं. अगस्त 2025 मे ं उन्होंन े रूस स े कच्च ा तेल ख़रीदन े क ो लेकर भारत पर सवाल उठाए थे.
मिलर न े कह ा था,” भारत रूस ी तेल ख़रीदन े क े मामल े मे ं चीन क े बराबर जुड़ ा हुआ है, जिसस े रूस-यूक्रेन युद्ध क ो आर्थिक रूप स े मदद मिल रह ी ह ै”.
उन्होंन े भारत क े इस क़दम क ो अस्वीकार्य बताय ा था.
उनक ा कहन ा थ ा क ि भारत अमेरिक ी उत्पादो ं पर भार ी शुल्क लगात ा है, जबक ि ख़ुद क ो अमेरिक ा क ा क़रीब ी सहयोग ी बतात ा है.
क्य ा मिलर क ी नियुक्त ि स े भारत पर बढ़ेग ा अमेरिक ी दबाव?
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मिलर क े पुरान े बयानो ं क ो देखत े हुए उनक ी नई ज़िम्मेदार ी क ो भारत-अमेरिक ा संबंधो ं क े लिहाज ़ स े भ ी महत्वपूर्ण मान ा ज ा रह ा है.
हालांकि, विशेषज्ञो ं क ा मानन ा ह ै क ि इस नियुक्त ि स े भारत क े ख़िलाफ ़ तत्काल किस ी बड़ े अमेरिक ी क़दम क ी संभावन ा नही ं है.
जवाहरलाल नेहर ू विश्वविद्यालय ( जेएनयू ) क े स्कूल ऑफ ़ इंटरनेशनल स्टडीज ़ क े प्रोफ़ेसर राजन कुमार क े मुताबिक़, भारत और अमेरिक ा दोनो ं क ो एक-दूसर े क ी ज़रूरत है.
प्रोफ़ेसर राजन कुमार न े बीबीस ी न्यूज ़ हिंद ी स े कहा,” अमेरिक ा और भारत दोनो ं क ी एक-दूसर े क ो ज़रूरत है. ख़ासकर ऊर्ज ा क्षेत्र मे ं दोनो ं देशो ं क े हित जुड़ े हुए है ं”.
उनक ा मानन ा ह ै क ि रूस स े तेल ख़रीदन े क े मुद्द े पर भारत क ो लेकर अमेरिक ी रुख ़ सख़्त रह सकत ा है, लेकिन मौजूद ा परिस्थितियो ं मे ं तत्काल प्रतिबंध लगाए जान े क ी संभावन ा नही ं दिखती.
हालांकि, राजन कुमार क ा कहन ा ह ै क ि मिलर क ी नियुक्त ि क े बाद अमेरिक ी इमिग्रेशन नीत ि मे ं नरम ी क ी संभावन ा कम ह ो सकत ी है.
उनक े मुताबिक़, रिपब्लिकन पार्ट ी क े कई नेत ा और डेमोक्रेटिक पार्ट ी क े कुछ नेत ा भ ी सीम ा सुरक्ष ा और बॉर्डर वॉल जैस ी व्यवस्थाओ ं क ा समर्थन करत े हैं. ऐस े मे ं ट्रंप प्रशासन मौजूद ा इमिग्रेशन नीत ि क ो और सख़्त बनाए रखन े क ी कोशिश कर सकत ा है.

स्टीफ़न मिलर क ी नियुक्त ि क ा असर अमेरिक ा क ी इमिग्रेशन नीत ि पर भ ी पड ़ सकत ा है. ख़ासकर एच-1बी वीज़ ा क ो लेकर भारतीय पेशेवरो ं क ी चिंताए ं बढ ़ सकत ी हैं.
हालांकि, डॉ. शैलेंद्र देवलांकर क ा कहन ा ह ै क ि एच-1बी वीज़ ा व्यवस्थ ा मे ं बड़ े नीतिगत बदलाव क े लिए अमेरिक ी कांग्रेस क ी मंज़ूर ी ज़रूर ी होगी. राष्ट्रपत ि केवल कार्यकार ी आदेश क े ज़रिए इस व्यवस्थ ा मे ं अपन ी मर्ज़ ी स े बड़ े बदलाव नही ं कर सकते.
उनक े मुताबिक़, मिलर क ी मौजूदग ी स े अमेरिक ा क ी इमिग्रेशन नीत ि क ा सख़्त रुख ़ जार ी रह सकत ा है, लेकिन इसक ा मतलब यह नही ं ह ै क ि वह एच-1बी वीज़ ा व्यवस्थ ा मे ं मनचाह े बदलाव कर पाएंगे.
भारत-अमेरिक ा ट्रेड डील पर कितन ा पड़ेग ा असर?
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मिलर पहल े ह ी भारत पर अमेरिक ी उत्पादो ं क े लिए अपन ा बाज़ार नही ं खोलन े और ऊंच े टैरिफ ़ लगान े क ा आरोप लग ा चुक े हैं. ऐस े मे ं सवाल ह ै क ि उनक ी नई ज़िम्मेदार ी क ा भारत-अमेरिक ा ट्रेड डील पर कितन ा असर पड ़ सकत ा है?
डॉ. शैलेंद्र देवलांकर इसक े जवाब कहत े हैं, ट्रेड डील अब लगभग अंतिम चरण मे ं है. ऐस े मे ं इस समझौत े क ो प्रभावित करन े क ी मिलर क ी क्षमत ा सीमित ह ो सकत ी है.
उन्होंन े कहा,” मिलर क ी नियुक्त ि क ो भारत क े ख़िलाफ ़ किस ी संभावित अमेरिक ी कार्रवाई क े तौर पर नही ं देखन ा चाहिए. ट्रंप आन े वाल े समय मे ं दक्षिण एशिय ा पर अपन ा ध्यान कुछ कम कर सकत े हैं. उनक ा फ़ोकस रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान जैस े मुद्दो ं पर अधिक रह सकत ा ह ै”.
प्रोफ़ेसर राजन कुमार भ ी मानत े है ं क ि अब खुद अमेरिक ा ह ी रूस स े डीजल ल े रह ा है, त ो व ो भारत पर अधिक पाबंदिया ं लगान े क ी स्थित ि मे ं नही ं है.
गौरतलब ह ै क ि भारत और अमेरिक ा क े बीच प्रस्तावित ट्रेड डील पर आधिकारिक हस्ताक्षर अभ ी तक नही ं हुए हैं, हालांक ि फ़रवर ी 2026 मे ं दोनो ं देशो ं न े एक अंतरिम व्यापार समझौत े क े फ़्रेमवर्क पर सहमत ि जताई थी.
कौन है ं स्टीफ़न मिलर?
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1985 मे ं कैलिफ़ोर्निय ा क े सांत ा मोनिक ा मे ं जन्म े मिलर न े 2007 मे ं ड्यूक यूनिवर्सिट ी स े राजनीत ि विज्ञान क ी पढ़ाई पूर ी की. इसक े बाद उन्होंन े रिपब्लिकन सांसदो ं क े साथ काम करन ा शुर ू किया.
2016 मे ं वह ट्रंप क े राष्ट्रपत ि चुनाव अभियान स े जुड ़ गए. इस दौरान उन्होंन े नीतिगत सलाहकार और भाषण लिखन े क ी ज़िम्मेदार ी संभाली. ट्रंप क े राष्ट्रवाद ी और इमिग्रेशन विरोध ी रुख ़ क ो आकार देन े मे ं उनक ी अहम भूमिक ा मान ी जात ी है.
पोलिटिक ो क े मुताबिक़, मिलर निज ी बैठको ं मे ं भ ी राष्ट्रपत ि ट्रंप क े फ़ैसलो ं क ा विरोध करन े स े बचत े है ं और उनक े निर्णयो ं क े अनुरूप तेज़ ी स े ख़ुद क ो ढाल लेत े हैं. यह ी वजह रह ी क ि ट्रंप क े पहल े कार्यकाल मे ं कैबिनेट मे ं कई बदलावो ं और रिपब्लिकन पार्ट ी क े भीतर विवादो ं क े बावजूद वह अपन ा प्रभाव बनाए रखन े मे ं सफल रहे.
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कृपय ा नोट करें: नय ा ऐप ब्रिटेन और अमेरिक ा मे ं उपलब्ध नही ं है.
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