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‘मुझे कोई नीचे नहीं गिरा सकता’, 6 घंटे की सर्जरी के बाद ऐसा क्यों बोले शरद सक्सेना?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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76 साल की उम्र में दिग्गज एक्टर शरत सक्सेना की छह घंटे लंबी सर्जरी हुई है। सर्जरी के बाद की तस्वीरें पोस्ट कर उन्होंने अपनी खुशी जाहिर की है।

दिग्गज अभिनेता शरत सक्सेना की रीढ़ की हड्डी की सर्जरी हुई है। उनकी यह सर्जरी करीब छह घंटे तक चली। सर्जरी के बाद अभिनेता ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कर अपनी हेल्थ का अपडेट दिया है। इस उम्र में इतनी लंबी सर्जरी से गुजरने के बावजूद शरत काफी खुशमिजाज नजर आए। इतना ही नहीं, उन्होंने सर्जरी के बाद पार्टी करने की बात भी मजाकिया अंदाज में कही।

इंस्टाग्राम पर शेयर की तस्वीरें

शरत सक्सेना ने इंस्टाग्राम पर कई तस्वीरें शेयर की हैं। पहली तस्वीर में वह अस्पताल के बिस्तर पर लेटे हुए कैमरे की तरफ देखते नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर पर उन्होंने लिखा, ‘सर्जरी पूरी हुई।’ इसके बाद की तस्वीरों में वह परिवार के साथ घर लौटते और अपनी सफल सर्जरी का जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं। एक तस्वीर में शरत के हाथ में ड्रिंक का गिलास नजर आ रहा है। इस पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा, ‘आज पार्टी, कल जिम।’ उनके इस अंदाज से साफ है कि सर्जरी के बाद वह काफी खुश हैं।

अब बिना छड़ी के चल सकेंगे एक्टर

लम्बर स्पाइन यानी कमर के निचले हिस्से की सर्जरी के बाद शरत को इस बात की भी राहत है कि अब उन्हें सिर्फ सूप के सहारे नहीं रहना पड़ेगा। इसके अलावा उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उन्हें छड़ी के सहारे चलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अपने पोस्ट के कैप्शन में शरत ने लिखा, ‘6 घंटे की स्पाइन सर्जरी- पूरी हुई, एक अच्छे इंसान को कोई नीचे नहीं गिरा सकता।’ इससे पहले शरत ने बॉम्बे अस्पताल में सर्जरी से पहले ‘स्टैंडिंग एमआरआई’ करवाते हुए भी अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी।

पांच दशक से ज्यादा लंबा है शरत सक्सेना का करियर

शरत सक्सेना ने अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म ‘बेनाम’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। पांच दशक से ज्यादा लंबे अपने करियर में वह हिंदी समेत कई भारतीय भाषाओं की 250 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं। उन्हें मुख्य रूप से ‘मिस्टर इंडिया’, ‘त्रिदेव’, ‘घायल’, ‘खिलाड़ी’, ‘गुलाम’, ‘गुप्त’, ‘फिर हेरा फेरी’, ‘बागबान’, ‘फना’, ‘कृष’ और ‘बजरंगी भाईजान’ जैसी फिल्मों में निभाए दमदार किरदारों के लिए याद किया जाता है।

‘पंचिंग बैग’ बनने पर शरत ने बयां किया था दर्द

शरत सक्सेना अपनी शानदार फिटनेस और मस्कुलर बॉडी के लिए हमेशा से पहचाने जाते रहे हैं। हालांकि, अपने करियर के बड़े हिस्से में उन्हें फिल्मों में विलेन या एक्शन किरदारों में ही देखा गया। रेडिफ के साथ एक पुराने इंटरव्यू में शरत ने अपने शुरुआती संघर्ष और फिल्मों में हीरो के हाथों ‘पंचिंग बैग’ बनने को लेकर खुलकर बात की थी।

उन्होंने कहा था, ‘मैं बॉम्बे आया। काम की तलाश में मैं अलग-अलग ऑफिस के चक्कर लगाने लगा। धीरे-धीरे मुझे फिल्मों में छोटे रोल मिलने लगे। क्योंकि मैं एक मस्कुलर इंसान था इसलिए मुझे एक्शन वाले किरदार दिए जाने लगे। मैं बहुत सारे फाइट सीन करता था और अक्सर हीरो से मार खाता था।’

शरत ने आगे बताया था, ‘फिल्म ‘काला पत्थर’ में मुझे तीन बड़े हीरो (अमिताभ बच्चन, शशि कपूर और शत्रुघ्न सिन्हा) के इंट्रोडक्शन सीन में रखा गया था। हर हीरो आता, मुझे पीटता, खुद को ताकतवर हीरो साबित करता और फिल्म आगे बढ़ जाती। मैं फिल्म का ‘पंचिंग बैग’ था और मेरे करियर के शुरुआती 35 सालों तक मेरी जिंदगी की यही कहानी रही।’

SOURCE : LIVE HINDUSTAN