Source :- LIVE HINDUSTAN
https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/08/06/1200x900/bollywood_actress_1786020237090_1786020242972_3948ba07-caf5-4dff-8e5a-4760c94c52bc.jpgगोलमाल, खलनायक, किंग अंकल जैसी फिल्में करने वालीं सुष्मिता मुखर्जी ने सी-ग्रेड फिल्में की हैं। उन्होंने खुद वीडियो पोस्ट कर ये बात बताई है।
दिग्गज अभिनेत्री सुष्मिता मुखर्जी ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे कठिन दौर के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से उनके परिवार का प्रोडक्शन हाउस बंद हो गया था। उस वक्त सिर पर चढ़ा कर्ज चुकाने के लिए उन्हें मजबूरन सी-ग्रेड फिल्मों में भी काम करना पड़ा था।
जब फैन ने सुष्मिता से पूछा- ‘आपने खराब फिल्मों में काम क्यों किया?’
सुष्मिता ने वीडियो की शुरुआत में बताया कि उनके एक फैन ने उनसे हाल ही में पूछा था, ‘मैम! आपने खराब फिल्मों में काम क्यों किया?’ सुष्मिता बोलीं, ‘मैं सवाल सुनकर हैरान रह गई थी। अपनी जिंदगी के उस दौर को याद करना और यह सोचना कि मैंने वैसी फिल्में क्यों कीं, काफी परेशान करने वाला है। लेकिन मैंने अच्छी फिल्मों में भी काम किया है, पोर्नोग्राफी में नहीं। ईश्वर का शुक्र है। बस कुछ गलत चुनाव किए, खराब फिल्में कीं। क्या मैंने अपनी आत्मा बेच दी? हां, मैंने अपनी आत्मा बेच दी। क्या मुझे तब अच्छा लगा था? बिल्कुल नहीं। आज भी अच्छा नहीं लगता, लेकिन वह मेरी मजबूरी थी।’
सुष्मिता के सिर पर था एक करोड़ का कर्ज
अपने मुश्किल दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘2002 में मैंने और मेरे पति ने अपनी मीडिया कंपनी ’प्रयास प्रोडक्शन’ खो दी थी। हम पर करीब एक करोड़ का कर्ज था। हमारे साथ-साथ ट्रैक सिनेमा और अनिल चौधरी प्रोडक्शन भी दिवालिया हो गए थे। कर्ज वसूलने वाले घर के दरवाजे पर आते थे, गालियां देते थे। वह बहुत ही दर्दनाक समय था और मेरे बच्चे भी तब बहुत छोटे थे। इसलिए मुझे दोबारा काम शुरू करना पड़ा ताकि किसी तरह वह कर्ज चुका सकूं।’
हर तरह का काम किया- सुष्मिता
एक्ट्रेस ने आगे बताया कि इस कर्ज से उबरने के लिए उन्होंने और उनके पति ने 3-4 सालों तक बिना रुके कड़ी मेहनत की और हर तरह के प्रोजेक्ट्स किए। क्योंकि कर्ज चुकाने के अलावा उनके ऊपर आर्थिक जिम्मेदारियां भी थीं। वह अपनी बेटी को विदेश भेजना चाहती थीं। हालांकि उनके पति का मानना था कि भारत में भी अच्छे इंस्ट्रीट्यूट्स हैं, लेकिन सुष्मिता अपनी बेटी की इच्छा पूरी करना चाहती थीं। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में पढ़ाई काफी महंगी थी, जिसके लिए उन्हें और अधिक पैसे कमाने की जरूरत थी। इसी वजह से उन्होंने बिना काम की गुणवत्ता देखे, जो भी ऑफर मिला उसे स्वीकार किया।
फैसलों पर कोई पछतावा नहीं
भले ही वह उन फिल्मों और प्रोजेक्ट्स से खुश न रही हों, लेकिन सुष्मिता को अपने फैसलों पर कोई पछतावा नहीं है। उनका मानना है कि परिवार के बेहतर भविष्य के लिए त्याग करना गलत नहीं था। सुष्मिता बोलीं, ‘मुझे कोई पछतावा नहीं है। मैंने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दी और आज वे अपने पैरों पर खड़े हैं। हर व्यक्ति की काम करने की अपनी वजह होती है। सुरक्षा, मजबूरी, बच्चों की पढ़ाई या फिर पेट भरना। परिस्थितियों के हिसाब से कड़े फैसले लेने ही पड़ते हैं।’
अभी कैसी है सुष्मिता की स्थिति?
सुष्मिता बोलीं, ‘अब मैं ऐसा कोई काम नहीं करती जो मेरे दिल को न छुए। अब मैं सम्मान के साथ अच्छा काम करती हूं और जो प्रोजेक्ट्स कर रही हूं, उनसे पूरी तरह संतुष्ट हूं।’ उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि एक कलाकार के पास हमेशा अपनी पसंद के रोल चुनने की आजादी नहीं होती। कभी-कभी सिर्फ घर चलाने के लिए भी काम करना पड़ता है।
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