Source :- LIVE HINDUSTAN
मार्च में नए सर्वोच्च नेता के पद पर नियुक्त किए जाने के बाद पेजेशकियन और खामेनेई की यह दूसरी मुलाकात बताई जा रही है। खामेनेई के पिता की अमेरिका-इजरायल के हमले में मौत के बाद उन्हें सुप्रीम लीडर बनाया गया था
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने मौजूदा संकट के बीच देश में एकता और आपसी सहयोग बनाए रखने पर जोर दिया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोमवार को एक इंटरव्यू में यह बताया। उन्होंने कहा कि उनकी खामेनेई के साथ करीब 7 घंटे तक बैठक हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, बाजार की स्थिति, रोजगार, आवास और अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के कारण पैदा हो रही आर्थिक परेशानियों पर चर्चा की। पेजेशकियन ने कहा कि दुश्मन की रणनीति ईरान में मतभेद पैदा करने की है और देश को इसे रोकने के लिए एकजुट रहना होगा।
मार्च में नए सर्वोच्च नेता के पद पर नियुक्त किए जाने के बाद पेजेशकियन और खामेनेई की यह दूसरी मुलाकात बताई जा रही है। खामेनेई के पिता की अमेरिका-इजरायल के हमले में मौत के बाद उन्हें सुप्रीम लीडर बनाया गया था और तब से वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। इस बीच ईरान ने अमेरिका के सामने अपनी कई मांगें रखी हैं और कहा है कि इन मांगों के पूरा होने तक होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका को अपने कदम रोकने और ईरान के खिलाफ की गई कार्रवाई की भरपाई करने की जरूरत है।
अमेरिका से ईरान की क्या हैं मांगें
ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म करे, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा दे, आर्थिक प्रतिबंध हटाए और ईरान की जब्त संपत्तियों को जारी करे। होर्मुज दुनिया के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जहां से सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के करीब 5वें हिस्से की तेल आपूर्ति गुजरती है। ईरान ओमान के साथ भी इस जलमार्ग से सामान और जहाजों की आवाजाही के लिए बातचीत कर रहा है। हालांकि ईरान ने साफ किया है कि स्थायी रूप से रास्ता खोलने का फैसला अमेरिका के साथ बातचीत के नतीजे पर निर्भर करेगा।
ईरान ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया है। रविवार को पूर्व रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर मोहसेन रेजाई को शक्तिशाली सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का प्रमुख नियुक्त किया गया। 71 वर्षीय रेजाई 1981 से 1997 तक ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर रहे हैं और उन्हें कट्टरपंथी विचारों वाला नेता माना जाता है। उन्होंने पिछले सप्ताह चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी नहीं हटाता है तो अमेरिकी सैनिकों को गंभीर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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