Source :- LIVE HINDUSTAN

समझौते को लेकर अटकी बातचीत के बीच ईरान ने बुधवार को कई अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हमला कर दिया है। IRGC ने एक बयान जारी कर बताया है कि कुवैत और बहरीन जैसे देशों में अमेरिकी मिलिट्री बेसों को निशाना बनाया गया है।

बीते फरवरी महीने में ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों में घायल हुए ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बड़ा अपडेट दिया है। सीनेट की फॉरेन रिलेशन कमिटी के सामने एक बयान में रुबियो ने पुष्टि की है कि मोजतबा खामेनेई न सिर्फ जिंदा हैं, बल्कि वे अहम मामलों में बेहद सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं।

गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर भीषण हमला किया था। इस हमले में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसमें अली खामेनेई के परिवार के कई दूसरे सदस्य भी या तो मारे गए या गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके बेटे और उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई भी इस हमले में बुरी तरह जख्मी हो गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक मोजतबा खामेनेई के एक पैर में गहरी चोट लगी थी।

क्यों उठी मौत की अफवाहें?

इन अफवाहों को तब हवा मिली जब मोजतबा खामेनेई युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक सार्वजनिक रूप से नहीं देखे गए हैं। उन्होंने अब तक सिर्फ लिखित बयान ही जारी किया है, जिससे उनकी मौत की खबर भी सामने आने लगीं। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह बताया गया कि मोजतबा जख्मी जरूर हैं, लेकिन अब भी अहम फैसले वे ही ले रहे हैं। इस बीच अब रुबियो ने इस बात की पुष्टि की है कि ईरानी सुप्रीम लीडर जिंदा हैं।

मार्को रुबियो ने अपने बयान में अमेरिकी सांसदों को बताया कि ऐसे कई संकेत मिले हैं जिनसे यह साबित होता है कि मोजतबा जिंदा हैं। उन्होंने कहा, “हमारे पास ऐसे संकेत हैं जिससे यह पता चलता है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं और वे देश के रणनीतिक फैसलों में तेजी से सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।”

ईरान संग की अब भी डील की संभावना?

मार्को रुबियो ने इस दौरान ईरान संग डील को लेकर भी अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ एक डील करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि यह समझौता आज, कल या अगले हफ्ते कभी भी हो सकता है, लेकिन इसके लिए तेहरान को कुछ शर्तें माननी ही होंगी। इन शर्तों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलना भी शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान को यहां से गुजरने वाले जहाजों पर हमले बंद करने होंगे। वहीं ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह सीमित करना होगा और यूरेनियम संवर्धन को भी रोकना होगा। रुबियो ने कहा कि अगर ईरान इन शर्तों को मानता है, तभी उसे आर्थिक प्रतिबंधों से राहत मिलेगी।

फिर बढ़ा तनाव

इस बीच बुधवार सुबह खाड़ी में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने बुधवार तड़के कुवैत, इराक, बहरीन और एरबिल में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हमले कर दिए हैं। IRGC ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। IRGC के एयरोस्पेस फोर्स ने बयान जारी कर कहा कि उन्होंने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बेहद सटीक मिसाइल हमले किए हैं। ईरान का दावा है कि यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के ‘केशम द्वीप’ पर किए गए हमले का जवाब है।

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