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मोदी कैबिनेट की बैठक में DA पर भी ऐलान? केंद्रीय कर्मचारियों को जानना जरूरी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

जुलाई महीने के आखिरी दिन केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। उदाहरण के लिए पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की अवधि को 5 साल के लिए बढ़ा दिया गया है। इसी तरह, प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को हरी झंडी दी गई है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों की भी यह जानने में दिलचस्पी है कि क्या सरकार ने जुलाई से दिसंबर छमाही के महंगाई भत्ता यानी डीए में बढ़ोतरी पर भी कोई फैसला लिया है? आइए डिटेल में जान लेते हैं।

सरकार के फैसले

प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना: केंद्रीय कैबिनेट ने 5,070 करोड़ रुपये के खर्च वाली ‘प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना’ (पीएम-एसएसवाई) को मंजूरी दी। इसके तहत जलाशयों पर स्थापित सौर ऊर्जा परियोजनाओं को ऊर्जा भंडारण प्रणाली के साथ विकसित किया जाएगा। इस योजना के तहत 5,000 मेगावाट क्षमता की फ्लोटिंग सौर परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें कम-से-कम दो घंटे की ऊर्जा भंडारण क्षमता यानी 10,000 मेगावाट-घंटा होगी। इन परियोजनाओं को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच स्वीकृत किया जाएगा, जबकि वित्तीय सहायता का वितरण 2032-33 तक जारी रहेगा।इस योजना से हर साल करीब एक करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है और परियोजनाओं की समूची शृंखला में लगभग 16,000 से 17,000 रोजगार अवसर भी पैदा होंगे।

पीएम-किसान योजना : केंद्रीय कैबिनेट ने अगले पांच वर्षों के लिए वित्त वर्ष 2030-31 तक पीएम-किसान योजना के विस्तार को मंजूरी दी। इसमें 3,15,614 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बता दें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की शुरुआत 24 फरवरी, 2019 को हुई थी और केंद्र प्रायोजित यह योजना देश भर के किसानों को सुनिश्चित आय सहायता देती है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान परिवार को 6,000 रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता मिलती है। यह राशि डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में दी जाती है।

समुद्र मंथन योजना : केंद्रीय कैबिनेट ने 84,084 करोड़ रुपये की ‘समुद्र मंथन’ राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य गहरे समुद्री क्षेत्रों में तेल-गैस की खोज, कुओं की ड्रिलिंग और नई खोजों के लिए साझा इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में आंशिक सहायता करना है। यह योजना पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत लागू होगी।योजना के तहत गहरे समुद्र और अति-गहरे समुद्री क्षेत्रों में प्रत्येक कुएं की ड्रिलिंग के लिए 650 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी, ताकि घरेलू तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ाया जा सके और आयात पर निर्भरता कम की जा सके।

खेलो इंडिया योजना: केंद्रीय कैबिनेट ने खेलो इंडिया योजना के विस्तार और राष्ट्रीय खेल महासंघों को दी जाने वाली सहायता (एएनएसएफ) के बजट के लिए अगले पांच वर्षों कुल 36,441 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी। सरकार ने खेलो इंडिया योजना के लिए अगले पांच वर्षों में 29,054 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस योजना का उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें तैयार करना है, ताकि भारत 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी के माध्यम से वैश्विक खेल केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ सके। वहीं, राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) को सहायता के लिए अगले पांच वर्षों में 7,387 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

केंद्रीय कर्मचारियों के डीए का क्या हुआ?

केंद्रीय कर्मचारियों को जितना इंतजार आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का है, उससे कहीं ज्यादा जुलाई से दिसंबर छमाही के डीए पर फैसले की है। आमतौर पर सितंबर या अक्टूबर के महीने में सरकार डीए पर फैसला लेती है। ऐसा माना जा रहा है कि इस बार भी सरकार अक्टूबर में डीए बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। बता दें कि फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 60 पर्सेंट है। इसके 3 से 4 पर्सेंट तक बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। बहरहाल, 31 जुलाई की कैबिनेट बैठक में इस पर ना कोई फैसला हुआ है और ना ही किसी तरह की चर्चा की गई है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN