Home National news hindi यमन के पास हमले में भारतीय झंडे वाला जहाज़ डूबा, 13 भारतीय...

यमन के पास हमले में भारतीय झंडे वाला जहाज़ डूबा, 13 भारतीय नाविक बचाए गए

3
0

Source :- BBC INDIA

27 जुलाई, 2026 को लाल सागर में यमन के हनिश द्वीप के पास एक कॉमर्शियल जहाज़ अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन से गुज़रा.

इमेज स्रोत, AFP via Getty Images

अधिकारियों ने बताया कि यमन के तट के पास एक प्रोजेक्टाइल की चपेट में आने के बाद भारतीय झंडे वाला एक जहाज़ पलट गया और डूब गया.

भारत के जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि एमएसवी फैज़ नूरे ओलिया पर सवार सभी 14 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. इनमें 13 भारतीय नागरिक थे.

सोनोवाल ने इस ‘बिना उकसावे के किए गए हमले’ की निंदा की और कहा कि क्षेत्र में नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे.

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जहाज़ पर हमला किसने किया.

यह लाल सागर में जहाज़ों पर हुए हालिया हमलों की कड़ी में ताज़ा मामला है. इसी साल फ़रवरी में ईरान की ओर से होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद किए जाने के बाद कुछ टैंकर इस वैकल्पिक समुद्री मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं.

बाद में भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर क्षेत्र में कॉमर्शियल जहाज़ों पर हो रहे हमलों को ‘गहरी चिंता का विषय’ बताया.

विदेश मंत्रालय ने कहा, “क्षेत्र में कॉमर्शियल जहाज़ों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय क़ानून के अनुरूप क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में मुक्त और निर्बाध नौवहन और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए.”

फ़रवरी के अंत में ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद से क्षेत्र के कई समुद्री व्यापार मार्ग प्रभावित हुए हैं.

इसके बाद ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर दिया, जो दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है. इसका वैश्विक तेल क़ीमतों पर बड़ा असर पड़ा है.

सऊदी अरब से तेल लेकर आने वाले कुछ जहाज़ लाल सागर के वैकल्पिक समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे, लेकिन हाल में यमन के हूती लड़ाकों द्वारा सऊदी टैंकरों पर किए गए हमलों ने क्षेत्र में जोखिम और बढ़ा दिया है.

अब लाल सागर में जोखिम बढ़ा

28 जुलाई, 2024 को यमन के हुथी-नियंत्रित शहर होदेइदा के बंदरगाह पर जहाजों ने अपना माल उतारा.

इमेज स्रोत, AFP via Getty Images

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, सऊदी समर्थित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के परिवहन मंत्रालय ने ईरान समर्थित हूतियों पर विस्फोटकों से भरी नाव का इस्तेमाल कर हमला करने का आरोप लगाया है.

हूतियों ने इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

हूतियों ने 20 जुलाई को सऊदी अरब के लाल सागर बंदरगाहों की ‘नाकाबंदी’ की घोषणा की थी.

ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस एजेंसी ने पिछले एक सप्ताह में क्षेत्र में जहाज़ों पर कई हमलों की जानकारी दी है.

इसके बावजूद मंगलवार को तेल की क़ीमतें तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आ गईं, क्योंकि अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने ईरान के साथ ऐसा समझौता होने की उम्मीद जताई जिससे होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोला जा सके.

जून में अमेरिका और ईरान ने सैन्य कार्रवाई रोकने, स्ट्रेट को दोबारा खोलने और अगले 60 दिनों में युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता करने संबंधी 14 बिंदुओं वाले एमओयू पर सहमति जताई थी.

लेकिन हस्ताक्षर के तीन सप्ताह बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट में जहाज़ों पर ईरानी हमलों और उसके जवाब में अमेरिकी हमलों के बाद युद्धविराम को ‘ख़त्म’ घोषित कर दिया.

अमेरिकी अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि बातचीत में प्रगति हो रही है. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया कि स्ट्रेट को फिर से खोलने का समझौता बुधवार तक हो सकता है.

उधर, ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत नहीं कर रहा है और न ही उसकी ऐसी कोई योजना है. उसने कहा कि वह ओमान के साथ बातचीत कर रहा है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट… सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

SOURCE : BBC NEWS