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यूक्रेन पर आखिरी दांव खेलने जा रहे पुतिन, रूस की ‘5 लाख’ वाली तैयारी से हड़कंप, टेंशन में दुनिया

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Source :- LIVE HINDUSTAN

यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कुछ हफ्तों में करीब पांच लाख नए लड़ाकों को जुटाकर संघर्ष को निर्णायक मोड़ पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को खुफिया रिपोर्टों के हवाले से चेतावनी दी है…

यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कुछ बड़ा करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि रूस कुछ हफ्तों के अंदर करीब पांच लाख नए लड़ाकों को जुटाकर संघर्ष को और व्यापक बनाने की बड़ी तैयारी कर रहे हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को इस बाबत गंभीर चेतावनी जारी की है। जेलेंस्की ने यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि पुतिन सितंबर के अंत में रूस के संसदीय चुनावों के बाद इस बड़े पैमाने पर मोबिलाइजेशन की योजना बना रहे हैं। इस बीच तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने आगाह किया है कि युद्ध के बढ़ते दबाव में पुतिन अपना आखिरी विकल्प यानी परमाणु हथियार इस्तेमाल करने पर मजबूर हो सकते हैं।

जेलेंस्की ने पिछले महीने ब्रिटिश चैनल स्काई न्यूज के साथ दिए गए एक इंटरव्यू के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विस्तार से पोस्ट करते हुए लिखा कि पुतिन इस युद्ध को रोकने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हैं। हमारी खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, वे मोबिलाइजेशन की व्यापक तैयारी कर रहे हैं। वे 21 सितंबर को रूसी संसद ड्यूमा के चुनावों के तुरंत बाद ऐसा करने की योजना बना रहे हैं।

युद्ध और भी खूनी हो जाएगा

उन्होंने स्पष्ट किया कि पुतिन इन नए सैनिकों को खुले तौर पर और आधिकारिक रूप से नहीं बुलाएंगे, क्योंकि उन्हें अपने देश के समाज और जनता से डर लगता है। अगर बड़े पैमाने पर खुली भर्ती की गई तो घरेलू स्तर पर भारी असंतोष फैल सकता है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि रूस इतनी बड़ी संख्या में लोगों को जल्दी से पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दे पाएगा। नतीजतन युद्ध के मैदान में अकुशल और खराब प्रशिक्षित सैनिक भेजे जाएंगे। इससे दोनों तरफ भारी जनहानि होगी और युद्ध और भी खूनी हो जाएगा। जेलेंस्की के अनुसार, यह कदम पुतिन की तरफ से युद्ध को आगे बढ़ाने का साफ संकेत है।

तुर्की ने भी किया आगाह

उधर, तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने भी इस युद्ध को लेकर गंभीर आशंका जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यूक्रेन द्वारा रूसी इलाकों में गहरे और प्रभावी हमले किए जाने से पुतिन को अपना ‘आखिरी दांव’ इस्तेमाल करने पर मजबूर होना पड़ सकता है। फिदान ने रूसी परमाणु क्षमताओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब मोर्चे पर थका देने वाला युद्ध पीछे के इलाकों तक फैल जाता है और पारंपरिक युद्ध की सीमाएं टूटने लगती हैं, तो सवाल सिर्फ हार या जीत का नहीं रह जाता। सवाल यह हो जाता है कि एक देश के रूप में आप बचे रहेंगे या नहीं। ऐसी स्थिति में नेता अपने पास मौजूद आखिरी रास्ते का इस्तेमाल करने पर विचार करते हैं।

अनादोलू एजेंसी के एक विशेष कार्यक्रम में बोलते हुए फिदान ने इसे बेहद ‘खतरनाक स्थिति’ करार दिया। उन्होंने बताया कि उनकी रूस यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि रूसी जनता के कुछ वर्गों में भी इस तरह की मांगें उठ रही हैं। फिदान ने पश्चिमी साझेदार देशों से भी इस बारे में बात की है और वे भी इस खतरे से अवगत हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जो लोग बार-बार कहते हैं कि ऐसा कभी नहीं होगा, अंत में वही होता है। इतिहास में कई बार ऐसा देखा गया है।

लंबी दूरी के हमलों में वृद्धि

संयुक्त राष्ट्र के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल रूस और यूक्रेन दोनों ने लंबी दूरी के हमलों में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इससे आम नागरिकों की मौतों में भारी इजाफा हुआ है। सोमवार को रूस के मध्य क्षेत्र तातारस्तान पर यूक्रेनी ड्रोन हमले में कम से कम 13 लोग मारे गए। यह हमला युद्ध शुरू होने के चार साल से अधिक समय बाद रूस पर यूक्रेन का अब तक का सबसे घातक हमलों में से एक माना जा रहा है। यूक्रेन ने रूसी इलाके में अंदर तक पहुंचकर हमला किया, जिससे मॉस्को में भी चिंता बढ़ गई है।

इसी दिन रूस ने भी यूक्रेन पर कई जानलेवा हमले किए। उत्तर-पूर्वी खार्किव क्षेत्र के एक गांव में रूसी तोपखाने के हमले में पांच लोग मारे गए। स्थानीय यूक्रेनी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि रात भर में उसने 456 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए, हालांकि उसने यह नहीं बताया कि कितने ड्रोन अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे। दूसरी तरफ यूक्रेनी वायुसेना ने कहा कि रूस ने रात भर के हमले में 126 ड्रोन दागे।

टेंशन में दुनिया

दोनों देशों के बीच बढ़ते हमलों और संभावित बड़े मोबिलाइजेशन की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में नई चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पुतिन सचमुच पांच लाख नए सैनिक जुटाते हैं तो युद्ध का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है और इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने का खतरा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN