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‘ये दुनिया ये महफिल…मशहूर एक्ट्रेस के पिता ने लिखा था ये अमर गीत, मोहम्मद रफी की दर्द भरी आवाज ने रुलाया

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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मोहम्मद रही को सुरों का सरताज कहा जाता था। फिल्मों में उनके गाए गाने जैसे अमर हो गए। कई एक्टर्स की आवाज बनकर रफी साहब ने उन्हें इंडस्ट्री नई पहचान दिलाई। कई बार तो उनके गाए हुए गानों की वजह से ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर चल गई। लेकिन मोहम्मद रफी के करियर में एक ऐसा भी गाना था जो फिल्मों के साथ लाइव गाने पर पसंद किया गया। मोहम्मद रफी को सुनने वाले लोगों का मानना है कि उनका गाया एक गाना ऐसा भी है जो लाइव कॉन्सर्ट में सुनने में ज्यादा शानदार था। ये अमर गीत था ‘ये दुनिया ये महफिल मेरे काम की नहीं’। इस अमर गीत को बॉलीवुड की पॉपुलर एक्ट्रेस के पिता ने लिखा था।

फिल्म का सबसे हिट गाना

साल 1970 में राज कुमार और प्रिया राजवंश की फिल्म हीर रांझा आई थी। फिल्म की कहानी और एक्टर्स की परफॉरमेंस को ऑडियंस ने खूब एन्जॉय क्या था। लेकिन फिल्म का एक गाना सब पर भारी पड़ गया। ये गाना था ‘ये दुनिया ये महफिल मेरे काम की नहीं’। फिल्म में ये गाना प्यार में हारे राज कुमार के किरदार हीर पर फिल्माया गया था। इस गाने में एक्टर ने जो दर्द अपने चेहरे पर दिखाया उसने लोगों को अपना बना लिया था। इस गाने की धुनों को म्यूजिक कंपोजर मदन मोहन ने तैयार किया था। मोहम्मद रफी की आवाज में ये गाना दिल चीर देता है। इस गाने के अंतरे के शब्द प्रेम में हारे हर प्रेमी का दर्द था। इस अमर गीत को मोहम्मद रफी ने अपने कई म्यूजिकल लाइव कॉन्सर्ट में गाया था। इस गीत की लिखने वाले गीतकार शबाना आजमी के पिता कैफी आजमी थे। फिल्म के सभी गाने उनकी ही कलम से निकले।

कैफी आजमी के गाने

कैफी आजमी मशहूर उर्दू शायर रहे हैं। उन्होंने कई खास नज्मों के अलावा हिंदी फिल्मों में गेट लिखे। 50 के दशक में आई फिलन बुजदिल के लिए उन्होंने सबसे पहले गाने लिखे थे। ये उनकी पहली फिल्म थी। इसके बाद परवीन, मिस पंजाब मेल, ईद का चांद। वो कैफी आजमी ही थी जिन्होंने अपनी बेटी पर शबाना पर फिल्माया गाना ‘तुम जो इतना मुस्कुरा रहे हो’, फिल्म पाकीजा का सबसे यादगार गाना ‘चलते चलते यूं ही को मिल गया था’, हीर रांझा का गाना ‘मिलो न तुम तो हम घबराएं’ फिल्म हंसते जख्म का गाना ‘तुम जो मिल गए हो’ और ‘अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों’ शामिल है।

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