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राष्ट्रपति मुर्मू ने रूपी सोरेन को शिबू सोरेन का पद्म भूषण सम्मान प्रदान किया

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया। यह सम्मान उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने प्राप्त किया।

**शिबू सोरेन का योगदान**

शिबू सोरेन, जिन्हें ‘दिशोम गुरु’ के नाम से भी जाना जाता है, झारखंड राज्य के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नेताओं में से एक थे। उनका जीवन आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए समर्पित था। उनकी नेतृत्व क्षमता और संघर्षशीलता ने उन्हें झारखंड आंदोलन का प्रतीक बना दिया।

**सम्मान समारोह की विशेष घटना**

समारोह के दौरान, जब रूपी सोरेन व्हीलचेयर पर राष्ट्रपति भवन पहुंचीं, तो राष्ट्रपति मुर्मू मंच से उतरकर उनके पास गईं और शिबू सोरेन का पद्म भूषण सम्मान उन्हें सौंपा। यह दृश्य भावनात्मक था और उपस्थित सभी लोगों को गहरे प्रभावित किया।

**पद्म पुरस्कारों की घोषणा**

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, 25 जनवरी 2026 को, केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी। इस वर्ष कुल 131 विभूतियों को सम्मानित किया गया, जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल थे। शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

**राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव**

शिबू सोरेन का राजनीतिक जीवन संघर्षों से भरा था। उन्होंने झारखंड राज्य के गठन के लिए कई आंदोलनों का नेतृत्व किया और आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर काम किया। उनकी नीतियों और दृष्टिकोणों ने झारखंड की राजनीति और समाज को गहरे प्रभावित किया।

**पद्म भूषण सम्मान का महत्व**

पद्म भूषण भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने कला, साहित्य, विज्ञान, खेल, समाज सेवा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दिया है। शिबू सोरेन को यह सम्मान उनके सार्वजनिक जीवन, सामाजिक न्याय और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में योगदान के लिए प्रदान किया गया।

**झारखंड मुक्ति मोर्चा की प्रतिक्रिया**

झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने शिबू सोरेन को पद्म भूषण मिलने पर खुशी व्यक्त की है। हालांकि, पार्टी ने यह भी मांग की है कि उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाए, जो देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।

**अंतिम विचार**

शिबू सोरेन का जीवन और कार्य झारखंड राज्य के इतिहास और विकास में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनका संघर्ष और नेतृत्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। पद्म भूषण सम्मान उनके योगदान की सराहना का प्रतीक है और उनके कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान करता है।

यह घटना न केवल शिबू सोरेन के परिवार के लिए, बल्कि पूरे झारखंड राज्य और देश के लिए गर्व का विषय है। उनकी विरासत और योगदान हमेशा याद रखे जाएंगे।

यह लेख AI-जनित सामग्री है। कृपया इस लेख पर आधारित किसी भी कार्रवाई से पहले जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें।