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लक्ष्य सेन ने हाइलो ओपन 2026 में इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी के खिलाफ मेन्स सिंगल्स फाइनल का खिताब जीत लिया है। इसके साथ उन्होंने इतिहास रच दिया है। वे दो बार किसी भी कैटेगरी में यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
लक्ष्य सेन ने हाइलो ओपन 2026 में इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी के खिलाफ मेन्स सिंगल्स फाइनल का खिताब रविवार को अपने नाम कर लिया है। उन्होंने पहले गेम में 21-17 से जीत हासिल की और उसके बाद दूसरे गेम में भी करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ लक्ष्य सेन ने इतिहास रच दिया है।
यह लक्ष्य सेन का ना सिर्फ दूसरा हाइलो ओपन टाइटल है, बल्कि वह किसी भी कैटेगरी में दो बार हाइलो ओपन टाइटल जीतने वाले पहले भारतीय भी बन गए हैं। आज रात फाइनल में 25 साल के लक्ष्य सेन ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए इतिहास के सुनहरे अक्षरों में अपना नाम दर्ज करा दिया है।लक्ष्य ने डिफेंडिंग चैंपियन इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी को 21-17, 21-10 से हराकर यह कारनामा किया। यह लक्ष्य का इस साल का पहला BWF टाइटल है।
ऐसा था लक्ष्य सेन के मैच का रोमांच
पुरुष एकल में लक्ष्य ने शानदार खेल दिखाया। इस मुकाबले से पहले क्रिस्टी के खिलाफ उनकी जीत-हार का रिकॉर्ड 3-4 था। हालांकि लक्ष्य ने पेरिस ओलंपिक में क्रिस्टी को हराया था। लक्ष्य ने फाइनल में शानदार शुरुआत करते हुए 8-4 की बढ़त बना ली। इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने हालांकि वापसी करते हुए 9-8 से बढ़त हासिल कर ली। लक्ष्य ने इसके बाद अपने दमदार स्मैश और चतुराई भरे शॉट के दम पर रैलियों पर नियंत्रण बना लिया। उन्होंने पहले 16-10 और फिर 18-12 की बढ़त हासिल की। क्रिस्टी की सर्विस में हुई गलती से लक्ष्य को तीन गेम प्वाइंट मिले और भारतीय खिलाड़ी ने इंडोनेशियाई खिलाड़ी के शटल को नेट में मारने पर पहले ही गेम प्वाइंट को भुनाकर पहला गेम जीत लिया। राष्ट्रमंडल खेल 2022 के चैंपियन लक्ष्य ने दूसरे गेम में भी अपनी लय बरकरार रखी और 6-3 की बढ़त बना ली। उन्होंने नेट के करीब तेज और सपाट शॉट के आदान-प्रदान के बीच अपनी बढ़त कायम रखी और ब्रेक तक चार अंक की बढ़त हासिल कर ली। लक्ष्य ने इसके बाद स्कोर 16-9 कर दिया। क्रिस्टी की गलती से उन्हें 10 चैंपियनशिप प्वाइंट मिले। लक्ष्य ने इंडोनेशियाई खिलाड़ी के एक और शॉट नेट में मारने पर पहले ही चैंपियनशिप प्वाइंट पर खिताब अपने नाम कर लिया।
लक्ष्य सेन से पहले पीवी सिंधू ने रविवार को सारब्रुकेन में हाइलो ओपन 2026 में महिला सिंगल्स का खिताब जीता। पीवी सिंधू हाइलो ओपन महिला सिंगल्स का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने फाइनल में डेनमार्क की लाइन केजर्सफेल्ड को 21-12, 21-14 से हराया। सिंधु दो हफ्तों में अपने दूसरे BWF टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचीं। सिंधू दो बार ओलंपिक में मेडल जीत चुकी हैं। भारत के लिए लक्ष्य और सिंधू का इस तरह से ऐतिहासिक प्रदर्शन करना आज के दिन बैडमिंटन के क्षेत्र में दोहरी उपलब्धि है।
पीवी सिंधू ने जीत के बाद क्या कहा?
पूर्व विश्व चैंपियन सिंधू ने पांच लाख डॉलर इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट के 39 मिनट तक चले फाइनल में आठवीं वरीयता प्राप्त केयर्सफेल्ड को शिकस्त दी। जुलाई में जापान ओपन में खिताब जीतने वाली और पिछले सप्ताह फ्रेंच ओपन में उपविजेता रही सिंधू ने पूरे मुकाबले में शानदार नियंत्रण और दमदार खेल का प्रदर्शन किया। सिंधू ने कहा, ”मेरे लिए यह महत्वपूर्ण था कि प्रतिद्वंद्वी कोई भी हो मैं अपना शत प्रतिशत प्रदर्शन करूं। हम कई बार एक-दूसरे के खिलाफ खेल चुके हैं और मेरे लिए हर अंक पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी था। मेरे लिए हर अंक महत्वपूर्ण था।” उन्होंने कहा, ”मैंने शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी और उसे वापसी का कोई मौका नहीं दिया।”
विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज सिंधू ने इस जीत के साथ 9,200 रैंकिंग अंक हासिल किए और सत्र के अंत में होने वाले विश्व टूर फाइनल्स में जगह बनाने की अपनी दावेदारी मजबूत की। यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में लौट आई हैं, सिंधू ने कहा, ”बिल्कुल। मेरी पूरी टीम को इसका श्रेय जाता है। हम इसी के अनुसार योजना बना रहे हैं। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं यह जरूरी हो जाता है कि आप अपने खेल को बेहतर बनाएं और फैसले लेने में अधिक समझदारी दिखाएं।” उन्होंने कहा, ”लेकिन मेरे लिए साथ ही शांतचित्त बने रहना भी महत्वपूर्ण था। अब भी सुधार की गुंजाइश है। चीजें बेहतर हो रही हैं और मैं इससे खुश हूं।”
दूसरी वरीयता प्राप्त सिंधू का फाइनल से पहले केयर्सफेल्ड के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 6-1 था। डेनमार्क की खिलाड़ी को उनके खिलाफ एकमात्र जीत 2025 सुदीरमन कप फाइनल्स में मिली थी। सिंधू ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की लेकिन उनकी कुछ गलतियों के कारण डेनमार्क की खिलाड़ी 3-3 से बराबरी हासिल करने में सफल रही। केयर्सफेल्ड ने रैलियों को लंबा खींचने की कोशिश की लेकिन सिंधू के चतुराई भरे शॉट और नेट पर शानदार खेल ने उन्हें 8-5 की बढ़त दिला दी और भारतीय खिलाड़ी ब्रेक तक तीन अंक की बढ़त बनाने में सफल रही। भारतीय खिलाड़ी ने कोर्ट के पिछले हिस्से से सटीक पुश शॉट लगाकर 14-11 की बढ़त बनाई और फिर शानदार बैकहैंड विनर के साथ स्कोर 17-12 कर दिया।
केयर्सफेल्ड का शॉट इसके बाद नेट में उलझ गया जिससे सिंधू शुरुआती गेम जीतने से सिर्फ दो अंक दूर रह गईं। भारतीय खिलाड़ी ने जल्द ही आठ गेम प्वाइंट हासिल किए और पहले ही मौके को भुनाकर पहला गेम अपने नाम कर लिया। सिंधू ने दूसरे गेम में भी दबदबा बनाए रखा। उन्होंने 4-2 की बढ़त बनाई और फिर कुछ विनर शॉट लगाकर स्कोर 6-3 कर दिया। केयर्सफेल्ड ने वापसी करते हुए स्कोर 6-7 किया लेकिन इसके बाद वह दो शॉट बाहर मार बैठीं। सिंधू ने एक और विनर लगाकर अपनी बढ़त को 10-6 किया। सिंधू ने अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखते हुए स्कोर 17-11 किया जबकि डेनमार्क की खिलाड़ी को नेट पर अपने खेल को लेकर जूझना पड़ा। सिंधू ने आक्रामक रिटर्न शॉट के साथ छह चैंपियनशिप प्वाइंट हासिल किए और फिर नेट पर केयर्सफेल्ड की गलती का फायदा उठाकर मैच और खिताब अपने नाम कर लिया।
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