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‘लगता है दो-तीन जन्मों का बुरा मेरे साथ एक ही जन्म में हो गया’- इमोशनल हुए राहुल महाजन

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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राहुल महाजन ने हाल ही में एक इंटरव्यू दिया और वह इमोशनल हो गए। उन्होंने कहा, लगता है दो-तीन जन्मों का बुरा मेरे साथ एक ही जन्म में हो गया। शायद ईश्वर इसे संतुलित करे या शायद न करे। 

रियलिटी टीवी से पहचान बनाने वाले राहुल महाजन अपने पिता और दिवंगत भाजपा नेता प्रमोद महाजन को याद कर भावुक हो गए। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने पिता को खोने का दर्द बयां किया। साथ ही, उनके अंतिम संस्कार के दौरान मीडिया की मौजूदगी और इसके बाद जिंदगी में आई मुश्किलों के बारे में भी बात की। राहुल ने कहा कि पिता के निधन के बाद से उनकी जिंदगी में लगातार गिरावट आई है। उन्होंने कहा, ‘जब से मेरे पिता का निधन हुआ है, मेरा डाउनफॉल ही हुआ है।’

‘पिताजी को खोने का दुख कभी नहीं जा सकता’

राहुल ने सुभोजित घोष को दिए इंटरव्यू में कहा, “पता है क्या होता है? किसी अपने के गुजर जाने के तुरंत बाद आप सुन्न पड़ जाते हो। समझ ही नहीं आता कि क्या हो रहा है और क्या करना है। आज पिताजी को गए करीब 20 साल हो गए हैं इसलिए मैं यहां इस बारे में बात कर पा रहा हूं। लेकिन पिताजी को खोने का जो दुख है, वह आज भी उतना ही है। जिंदगी में सुख-दुख के जो पल आते हैं, उनमें उनका साथ नहीं होता। आज अगर मैं कुछ कर रहा हूं, तो उसे देखने के लिए वो हैं नहीं।”

‘मेरे मोबाइल पर 20 साल से डैड का नाम नहीं आया’ – राहुल महाजन

राहुल ने आगे कहा, “अगर आज आपके मोबाइल पर आपकी ‘मम्मी’ और आपके ‘डैड’ का कॉल आता है, तो इससे बड़ी खुशकिस्मती नहीं हो सकती है। जिंदगी में इससे बड़ी खुशकिस्मती कोई नहीं है। मेरे मोबाइल पर तो पिछले 20 साल से ‘डैड’ का नाम नहीं आया है।”

‘अपने पिता के जाने का गम भी नहीं मना पाया’- राहुल महाजन

राहुल ने पिता के निधन के दौरान हुई मीडिया कवरेज को लेकर भी अपनी तकलीफ जाहिर की। उन्होंने कहा, “जब 2006 में मेरे पिताजी की मृत्यु हुई तब पूरी मीडिया अस्पताल के बाहर पहुंच गई थी। कैमरे बिल्कुल मेरे चेहरे के पास थे। मुझे इस बात से फर्क नहीं पड़ता की लोगों ने मुझे उस पल में कैमरे में देखकर क्या सोचा होगा। मुझे दुख इस बात का है कि हर तरह कैमरे थे और चेहरे के इतने पास थे कि मैं ठीक से अपने पिता के जाने का गम भी नहीं मना पाया।”

400 कैमरों के बीच किया अंतिम संस्कार

अंतिम संस्कार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मेरे पिताजी के अंतिम संस्कार में चार सौ कैमरे थे। बहुत सारे लोग आए थे। मुख्यमंत्री और दूसरे लोग भी थे। कैमरों के लिए स्टैंड बना हुआ था और मुझे उन सबके सामने यह सब करना पड़ा। वहां लोग कैमरे से मेरे शेहरे के भाव रिकॉर्ड कर रहे थे। जिसे जितना अच्छा शॉट मिल रहा था, उसे उतना मजा आ रहा था।”

‘पिताजी को खोया, प्राइवेसी खोई, गरिमा खोई’

उन्होंने कहा, “मैंने सोचा कि अब इससे बुरा वक्त क्या आएगा। मैंने अपने पिताजी को खोया, अपनी प्राइवेसी खोई, अपनी गरिमा खोई… सब कुछ तो खो दिया। फिर जिंदगी ने मुझे दिखा दिया कि इससे बुरा भी हाे सकता है। अभी पिताजी को गए एक महीना ही हुआ था और मैं तिहाड़ जेल पहुंच गया। मतलब, कुदरत का खेल देखिए।”

‘नीचे गिरता जा रहा था, जमीन ही नहीं मिल रही थी’

राहुल ने बताया कि एक के बाद एक आई परेशानियों ने उन्हें किस तरह प्रभावित किया। उन्होंने कहा, “जिंदगी आपको नीचे गिराती है तो ऊपर भी उठाती है। लेकिन मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ। मेरी हालत ऐसी थी कि मैं लगातार नीचे गिरते चले जा रहा था। पिताजी के जाने के बाद मुझे अपनी जिंदगी में कुछ अच्छा होता दिखा ही नहीं। लोग कहते हैं, ‘आप बिग बॉस में गए थे…’ लेकिन वह आपको बाहर से दिख रहा है। मुझे आज उससे क्या मिल गया। मैं जितना नीचे गया, उतना ऊपर नहीं आ पाया। अभी तक सामान्य स्तर पर भी नहीं पहुंच पाया हूं। मुझे लगता है कि मेरे अंदर जो क्षमता थी, जो अच्छी चीजें हो सकती थीं, वे पूरी तरह सामने नहीं आ पाईं। लगता है दो-तीन जन्मों का बुरा मेरे साथ एक ही जन्म में हो गया। फिर सोचता हूं कि शायद ईश्वर कहीं इसका संतुलन करें। हो सकता है, न भी करें।”

तीन बार हो चुका है तलाक

राहुल महाजन की पहली शादी श्वेता सिंह, दूसरी डिंपी गांगुली और तीसरी नतालिया इलीना से हुई थी। उनके तीनों रिश्तों का अंत तलाक के साथ हुआ। राहुल इससे पहले भी अपनी तीन शादियों के टूटने का दर्द बयां कर चुके हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN