Source :- LIVE HINDUSTAN
कजरारी आंखें सुंदर दिखती हैं लेकिन संभल जाएं, कहीं ये सुंदरता आपको लाइफटाइम का दर्द ना दे जाए। आंखों पर वाटरप्रूफ काजल, मस्कारा का इस्तेमाल करती हैं या फिर ग्लिटर लगाती है, इन 7 तरह की गलतियों से बचें।
आंखों का मेकअप करने से पहले एक बार भी लड़कियां नहीं सोचतीं कि क्या ये काजल, मस्कारा, आईलाइनर उनकी आंख की हेल्थ को खराब तो नहीं कर देगा। किसी भी रैंडम नये ब्रांड्स को ट्राई करना, भर-भरकर आंखों में काजल लगाना और खुद को कैमरे में निहारना। लेकिन आंखों को सुंदर बनाना कहीं जीवन भर की तकलीफ ना दे जाए। अगर आप भी आई मेकअप में ये 7 तरह की गलतियां करती हैं तो फौरन संभल जाएं। हिंदुस्तान टाइम्स लाइफस्टाइल से बातचीत में डॉक्टर जाह्नवी मेहता, जसलोक अस्पताल में आंखों की डॉक्टर ने आई मेकअप से जुड़ी गलतियों को शेयर किया है और साथ ही बताया कि किस तरह से रोजाना सुरक्षित तरीके से आई मेकअप किया जा सकता है।
डॉक्टर ने बताएं आई मेकअप के खतरे
आई मेकअप भले ही आपकी सुंदरता को बढ़ा दें लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल या हाइजीन की कमी आंखों में इरिटेशन, इंफेक्शन, एलर्जी और कई बार डैमेज का रिस्क बढ़ा देती है। शरीर के इस नाजुक पार्ट को बचाने के लिए इन गलतियों को हमेशा अवॉएड करें।
एक्सपायर आई प्रोडक्ट का इस्तेमाल
- मस्कारा, आई लाइनर, आईशैडो पुराने होने के साथ ही बैक्टीरिया का घर बन जाते हैं, इन्हें गलती से भी यूज ना करें।
- अगर आप पुराने आई प्रोडक्ट का इस्तेमाल आंखों में करते हैं तो इससे कंजेटिवाइटिस, आइलिड इंफेक्शन और सूजन का डर बना रहता है।
- जरूरी है कि मस्कारा को आप हर तीन महीने पर बदल दें, यहीं नहीं आईलाइनर और आईशैडो को भी समय के साथ बदल देना चाहिए।
आई मेकअप प्रोडक्ट ना करें शेयर
- फ्रेंड्स के साथ मस्कारा या ब्रश भी शेयर करती हैं तो फौरन संभल जाएं, ये आदत आंखों में बैक्टीरिया ट्रांसफर कर सकती है और वायरस का खतरा भी बढ़ा सकती है।
- मात्र एक बार किसी को अपने आई प्रोडक्ट यूज के लिए देने पर भी ये वायरस और बैक्टीरिया आपको ट्रांसफर हो सकते हैं।
आंखों के अंदरूनी हिस्से पर काजल, आई लाइनर लगाना
आंखों की इनर लाइनिंग पर काजल लगाती है तो इस आदत को बंद कर दें। अंदरूनी हिस्से पर काजल आईलिड के मेईबोमियन ग्लैंड्स को ब्लॉक कर देता है और ये ग्लैंड्स ही आंखों में आंसू के ऑयली लेयर को बनाते हैं। जो आंखों में नमी बनाकर रखते हैं, इन ग्लैंड्स के ब्लॉक होने से आंखों में सूखापन महसूस हो सकता है।
जिससे ड्राई आई सिंड्रोम, इरिटेशन, विजन में फ्लक्चुएशन होने का रिस्क रहता है।
आई मेकअप के साथ सोना
रातभर मेकअप को आंख में छोड़ दे रहीं तो इससे आईलिड ग्लैंड्स बंद हो जाती है, जिससे आंखों में इरिटेशन होने लगती है और पलकों में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
आंखों के बहुत पास चमकीले मेकअप
आंखों के बिल्कुल पास ग्लिटर वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल या आईशैडो खराब क्वालिटी के इस्तेमाल करती हैं तो इनके आईज के अंदर जाने का खतरा रहता है। इसके बारीक कण आंखों के अंदर स्क्रैच का रिस्क बढ़ाते हैं जिससे कॉर्निया डैमेज होने का डर, एलर्जी रिएक्शन का डर रहता है।
ऐसे आई मेकअप प्रोडक्ट जो झड़ते हैं उन्हें आंखों के पास इस्तेमाल ना करें।
गंदे ब्रश और एपिलेटर्स
मेकअप ब्रश की सफाई पर ध्यान दें, गंदे, ऑयली, डेड स्किन सेल्स से भरे और बैक्टीरिया ब्रश पर सबसे पहले कलेक्ट होते हैं। इसलिए आई ब्रश को रेगुलर बेसिस पर साफ करना और अच्छी तरह सुखाना जरूरी है।
वाटरप्रूफ आई मेकअप का इस्तेमाल
हर रोज आंखों में काजल, लाइनर, मस्कारा वाटरप्रूफ यूज करती हैं तो इसे छुड़ाने के लिए स्ट्रांग मेकअप रिमूवर चाहिए और आंखों को ज्यादा रगड़ना पड़ता है। ये चीजें आईलिड को इरिटेट करती हैं और पलकों के टूटने का रिस्क भी बढ़ाती है। इसलिए वाटरप्रूफ आई मेकअप का इस्तेमाल भी रिस्की है।
बिल्कुल इग्नोर ना करें ये दिक्कतें
आंखों का मेकअप करने के बाद रेडनेस, खुडली, जलन या फिर आंखों से ज्यादा पानी निकल रहा है तो इसे इग्नोर ना करें। फौरन आंखों के उस प्रोडक्ट का इस्तेमाल बंद कर दें और आई डॉक्टर से कंसल्ट करें।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




