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विजय केडिया ने 3% से बढ़ाकर 7% से ज्यादा की हिस्सेदारी…IPO प्राइस से 270% चढ़ा ये स्टॉक; आपका है दांव?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • विजय केडिया की निवेश फर्म केडिया सिक्योरिटीज ने Iware Supplychain Services में अपनी हिस्सेदारी 3% से बढ़ाकर 7.35% कर ली है
  • सितंबर 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, फर्म ने 5,00,400 अतिरिक्त शेयर खरीदे
  • यह स्टॉक IPO इश्यू प्राइस से लगभग 268% चढ़ चुका है

शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक विजय केडिया (Vijay Kedia) के पोर्टफोलियो पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए एक दिलचस्प अपडेट सामने आया है। लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन से जुड़ी SME कंपनी आईवेयर सप्लाईचेन सर्विसेज (Iware Supplychain Services) में उनकी हिस्सेदारी बढ़ी है। कंपनी के सितंबर 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, विजय केडिया की निवेश फर्म केडिया सिक्योरिटीज (Kedia Securities) ने जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी के 5,00,400 अतिरिक्त शेयर खरीदे। इस खबर के बाद कंपनी का शेयर निवेशकों के रडार पर आ सकता है। हालांकि, किसी बड़े निवेशक की खरीदारी अपने आप में शेयर खरीदने की गारंटी नहीं है।

विजय केडिया ने कितने शेयर खरीदे?

आईवेयर सप्लाईचेन सर्विसेज (Iware Supplychain Services) की सितंबर 2026 तिमाही की शेयरहोल्डिंग के अनुसार, विजय केडिया कंपनी में व्यक्तिगत निवेशक के तौर पर भी हिस्सेदारी रखते हैं। उनके पास कंपनी के 3,45,600 शेयर हैं, जो कुल पेड-अप कैपिटल का करीब 3% है। वहीं, उनकी निवेश फर्म केडिया सिक्योरिटीज (Kedia Securities) की हिस्सेदारी जून 2026 तिमाही के 3% से बढ़कर सितंबर तिमाही में 7.35% हो गई। जून तिमाही में फर्म के पास 3,45,600 शेयर थे, जबकि सितंबर तिमाही में इनकी संख्या बढ़कर 8,46,000 हो गई, यानी इस दौरान फर्म ने 5,00,400 अतिरिक्त शेयर जोड़े। हालांकि, उपलब्ध शेयरहोल्डिंग डेटा से यह स्पष्ट नहीं होता कि सभी शेयर एक ही बार में खरीदे गए या पूरी तिमाही के दौरान अलग-अलग समय पर इनकी खरीदारी की गई।

IPO प्राइस से 270% चढ़ा शेयर

आईवेयर सप्लाईचेन सर्विसेज (Iware Supplychain Services) का IPO मई 2025 में आया था और इसके शेयर का इश्यू प्राइस ₹95 था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में शेयर करीब ₹350 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर में लगभग 268% की बढ़त दर्ज होती है, यानी IPO में ₹95 प्रति शेयर के भाव पर निवेश करने वाले निवेशकों के लिए शेयर की कीमत करीब 3.7 गुना हो चुकी है। हालांकि, यह तुलना केवल इश्यू प्राइस और बताए गए मौजूदा भाव के आधार पर है। वास्तविक रिटर्न लिस्टिंग प्राइस, खरीद की तारीख, ट्रांजैक्शन लागत और निवेश अवधि के अनुसार अलग हो सकता है। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि बीते समय में शेयर की तेजी भविष्य में इसी तरह के रिटर्न की गारंटी नहीं देती।

कंपनी के शेयर में तेजी की वजह क्या है?

मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, कंपनी के शेयर में तेजी लिस्टिंग के तुरंत बाद नहीं आई, बल्कि समय के साथ इसमें स्पीड बनी। इसकी एक वजह कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में आई मजबूती रही। उनके अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के रेवेन्यू में करीब 200% की वृद्धि हुई। वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक के बताए गए आंकड़ों के आधार पर कंपनी का मुनाफा लगभग दोगुना हुआ। रेवेन्यू और मुनाफे में बढ़ोतरी किसी कंपनी के बिजनेस के विस्तार का संकेत दे सकती है। हालांकि, निवेश से पहले यह देखना भी जरूरी है कि यह ग्रोथ कितनी टिकाऊ है, कंपनी का कैश फ्लो कैसा है और मौजूदा शेयर प्राइस के मुकाबले उसका वैल्यूएशन कितना उचित है।

KC सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च एंड बिजनेस डेवलपमेंट) महेश एम. ओझा के मुताबिक, कंपनी के शेयर का मंथली साइकिल चार्ट तेजी का संकेत दे रहा है। उन्होंने मौजूदा शेयरधारकों के लिए ₹400 और ₹468 के टारगेट बताए हैं। उनके अनुसार, मौजूदा निवेशक ₹394 का स्टॉप-लॉस बनाए रख सकते हैं। वहीं, नए निवेशकों के लिए उन्होंने मौजूदा स्तरों पर एंट्री की संभावना जताते हुए ₹294 का सख्त स्टॉप-लॉस बताया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि टारगेट और स्टॉप-लॉस संबंधित मार्केट एक्सपर्ट की राय हैं। किसी निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं। दिए गए स्तरों में मौजूदा भाव और स्टॉप-लॉस के बीच अंतर को देखते हुए निवेश से पहले ताजा चार्ट और जोखिम का आकलन करना जरूरी है।

क्या अभी शेयर खरीदना चाहिए?

विजय केडिया की हिस्सेदारी बढ़ने और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार ने Iware Supplychain Services को चर्चा में ला दिया है। लेकिन केवल किसी दिग्गज निवेशक की खरीदारी देखकर शेयर में निवेश करना सही रणनीति नहीं होगी। SME शेयरों में कई बार कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव, कम लिक्विडिटी और खरीद-बिक्री के सीमित अवसर देखने को मिल सकते हैं। इसलिए निवेश से पहले कंपनी के तिमाही नतीजों, कर्ज, कैश फ्लो, प्रमोटर होल्डिंग और वैल्यूएशन की जांच करें।

कंपनी में विजय केडिया की निवेश फर्म की बढ़ी हुई हिस्सेदारी और बिजनेस ग्रोथ निवेशकों के लिए अहम संकेत हैं। लेकिन शेयर खरीदने का फैसला अपने जोखिम उठाने की क्षमता, निवेश अवधि और कंपनी के फंडामेंटल्स को ध्यान में रखकर ही लें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN