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सऊदी में बांग्लादेश की जिस महिला को मौत की सज़ा मिली उसके घर वालों ने दी ये जानकारी

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Source :- BBC INDIA

परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्हें पता था कि महिला जेल में हैं, लेकिन उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उन्हें मौत की सज़ा दी जाएगी.

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बांग्लादेश की जिस महिला को सऊदी अरब में ‘अनैतिक हरकत’ के आरोप में मौत की सज़ा मिली वह क़रीब साढ़े तीन साल पहले एक रजिस्टर्ड रिक्रूटमेंट एजेंसी के ज़रिए सऊदी अरब गई थीं. परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्हें पता था कि वह सऊदी अरब की जेल में हैं.

इस बीच, बांग्लादेश के प्रवासी कल्याण मंत्रालय ने मध्य-पूर्व के इस देश में मौत की सज़ा पर अमल किए गए दो बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान मीडिया को बताई है.

बांग्लादेश के ब्यूरो ऑफ मैनपावर, एम्पलॉयर एंड ट्रेनिंग (बीएमईटी) ने सऊदी अरब जाने के लिए महिला को जो पहचान पत्र जारी किया था, वह प्रवासी कल्याण मंत्रालय ने पत्रकारों को उपलब्ध कराया है.

इस जानकारी के मुताबिक, महिला का घर बांग्लादेश के टांगाइल ज़िले के मिर्जापुर में था.

टांगाइल के ज़िला प्रशासनिक अधिकारी अबू सईद ने बीबीसी बांग्ला को बताया कि उन्हें मंगलवार को ही सऊदी अरब में मौत की सज़ा पर अमल की गई महिला के घर और उनके पिता की पहचान के बारे में जानकारी मिली.

हालांकि, उन्हें अब तक विदेश मंत्रालय या प्रवासी कल्याण मंत्रालय की ओर से कोई निर्देश नहीं मिला है.

सऊदी अरब में मौत की सज़ा पर अमल की गई महिला का टांगाइल स्थित पैतृक गांव.

सऊदी अरब की जेल से ही परिवार के संपर्क में रहती थीं

बांग्लादेश सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक़, सऊदी अरब में मौत की सज़ा पर अमल किए गए दोनों बांग्लादेशी नागरिक रोज़गार के लिए उचित प्रक्रिया का पालन करके ही उस देश में गए थे.

बांग्लादेश की बीएमईटी उन लोगों को पहचान पत्र जारी करता है, जो सरकारी प्रक्रिया का पालन करते हुए रजिस्टर्ड रिक्रूटमेंट एजेंसियों के ज़रिए सऊदी अरब या दूसरे देशों में रोज़गार के लिए जाते हैं.

सऊदी अरब में मौत की सज़ा पर अमल किए गए इन दोनों नागरिकों के पास भी ऐसे पहचान पत्र थे. प्रवासी कल्याण मंत्रालय की ओर से पत्रकारों को दी गई जानकारी के मुताबिक, महिला का पासपोर्ट मई 2022 में जारी किया गया था. सऊदी अरब जाने के लिए फ़रवरी 2023 में उन्हें बीएमईटी से मंज़ूरी मिली थी.

सरकारी लोगो वाले इस पहचान पत्र में कहा गया है कि कार्डधारक को बीमा कवरेज और कल्याणकारी सेवाएं मिलेंगी.

मृतक महिला के परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्हें पिछले बुधवार को ही उनकी मौत की सज़ा के बारे में पता चला.

महिला की बड़ी बहन ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फ़ेसबुक पर अपनी बहन को मौत की सज़ा दिए जाने की जानकारी मिली.

उन्होंने बताया कि पाँच बहनों में सऊदी अरब में मौत की सज़ा पाने वाली महिला सबसे छोटी थीं.

मृतक महिला की बड़ी बहन ने बीबीसी बांग्ला को बताया, “बुधवार को ही ख़बर सुनी. उसकी सहेली ने मुझे फ़ोन करके कहा, ‘दीदी, क्या आपने यह ख़बर सुनी?’ मैंने कहा कि नहीं. फिर उसने वीडियो भेजा. उसके बाद देखा कि फ़ेसबुक पर भी यह ख़बर आ गई है.”

उन्होंने बताया कि उनकी बहन सऊदी अरब से नियमित रूप से संपर्क करती थीं और उन्होंने परिवार को यह भी बताया था कि वह जेल में हैं.

हालांकि, परिवार के सदस्यों का दावा है कि महिला ने उन्हें यह नहीं बताया कि उन्हें किस वजह से या किस अपराध के आरोप में सऊदी अरब की जेल में रखा गया था.

उनकी बड़ी बहन ने कहा, “एक बार उसने बताया था कि हम एक कमरे में बहुत-सी लड़कियां थीं. उन लोगों ने गाड़ियां ख़रीदी थीं. इसी आरोप में उनके मालिक ने उन सभी को गिरफ्तार करवा दिया था. उसने बस इतनी ही बात बताई थी. इसके बाद क्या हुआ, उसने कुछ नहीं बताया.”

परिवार के मुताबिक़, महिला ने उन्हें इस मामले के बारे में और सवाल पूछने से भी मना किया था.

सऊदी अरब के कानून प्रवर्तन बलों के कुछ सदस्य खड़े हैं. प्रतीकात्मक तस्वीर.

महिला के पिता ने क्या बताया?

उन्होंने यह भी कहा था कि वह बांग्लादेश लौटने के बाद सबको इस बारे में बताएंगी.

फ़रवरी 2023 में सऊदी अरब जाने के क़रीब छह महीने बाद परिवार को पता चला कि महिला जेल में हैं.

उनकी बड़ी बहन ने बताया कि सऊदी अरब जाने के शुरुआती दिनों में वह नियमित रूप से संपर्क करती थीं, लेकिन क़रीब छह महीने बाद कोई ख़बर नहीं मिल रही थी. बाद में परिवार को सऊदी अरब में रहने वाले एक अन्य व्यक्ति से पता चला कि वह जेल में हैं.

मृतक महिला की बहन ने बताया, “वह कहती थी कि मक्का शरीफ़ के अंदर सफ़ाई का काम करने गई है.”

महिला के पिता ने बताया कि उन्होंने पांच साल पहले अपनी बेटी की शादी की थी. लेकिन दो साल तक वैवाहिक जीवन बिताने के बाद उनका तलाक़ हो गया. इसके बाद वह 2023 में काम करने के लिए सऊदी अरब चली गई थीं.

महिला के पिता ने बताया कि पूर्व पति से उनकी बेटी की कोई संतान नहीं थी. इसलिए वह अपनी बहन की बेटी का पालन-पोषण कर रही थीं.

उन्होंने यह भी बताया कि सऊदी अरब जाने के बाद शुरुआती छह महीनों तक उनकी बेटी नियमित रूप से पैसे भेजती थी, लेकिन जेल जाने के बाद पैसे भेजना बंद हो गया.

परिवार के सदस्यों का दावा है कि महिला ने उस बांग्लादेशी पुरुष के बारे में कभी कुछ नहीं बताया, जिसे उनके साथ ही मौत की सज़ा दी गई थी.

महिला की भांजी ने बीबीसी बांग्ला को बताया कि पिछले सप्ताह बुधवार को उन्होंने सऊदी अरब की जेल से फोन किया था. लेकिन उस दिन टेलीफोन लाइन में समस्या होने के कारण बातचीत नहीं हो सकी.

आमतौर पर महिला जेल से हर 15 दिन या एक महीने में फोन करके परिवार से बात करती थीं.

इससे पहले मंगलवार को उन्होंने परिवार से आख़िरी बार बात की थी. हालांकि, उस दिन भी परिवार को उनकी मौत की सज़ा के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.

महिला की भांजी ने कहा, “बुधवार को हम बात नहीं कर पाए. मंगलवार को भी उन्होंने फोन किया था. अगर उन्हें मौत की सज़ा मिलने वाली होती, तो वह ज़रूर बतातीं कि मैं ठीक नहीं हूं, मुझे मौत की सज़ा दी गई है.”

प्रशासन का क्या कहना है?

मिर्जापुर के उपज़िला कार्यकारी अधिकारी ने मंगलवार सुबह जिला प्रशासनिक अधिकारी अबू सईद को सऊदी अरब में मौत की सज़ा पर अमल की गई महिला के घर और परिवार के बारे में जानकारी दी.

हालांकि, ज़िला प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने अब तक महिला के परिवार से संपर्क नहीं किया है.

पिछले बुधवार को सऊदी अरब के मीडिया में एक बांग्लादेशी महिला और एक पुरुष को मौत की सज़ा दिए जाने की खबर प्रकाशित हुई थी. लेकिन रविवार तक बांग्लादेश या सऊदी अरब की सरकार ने आधिकारिक तौर पर उनकी पहचान उजागर नहीं की थी.

पांच दिन बाद, सोमवार रात बांग्लादेश के प्रवासी कल्याण मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर दोनों की पहचान सार्वजनिक की.

इस बीच, टांगाइल के जिला प्रशासनिक अधिकारी अबू सईद ने कहा है कि अगर महिला का शव बांग्लादेश लाने के लिए परिवार की ओर से आवेदन दिया जाता है, तो संबंधित मंत्रालय को सूचित करके ज़रूरी व्यवस्था की जाएगी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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