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हरिद्वार: योग गुरु स्वामी रामदेव ने हरिद्वार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। हिंदू धर्म के खिलाफ झूठ फैलाया गया। स्वामी रामदेव ने यह प्रेस कॉन्फेंस ऐतिहासिक ग्रंथों एवं तथ्यों पर आधारित ज्ञान तथा विविध मतों और आस्थाओं के बीच चल रहे विचारों के मतभेदों की पृष्ठभूमि में की। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में सब बराबर हैं। किसी तरह का भेदभाव नहीं है।
सनातन पर घिनौने आरोप लगाए गए
उन्होंने कहा कि मुगल काल और अंग्रेजों के समय में सनातन और भारतीय शास्त्रों, ग्रंथों को लेकर भ्रांतियां फैलाई गईं। इतने घिनौने आरोप लगाए गए ताकि आनेवाली पीढ़ियों में नफरत हो जाए। स्वामी रामदेव ने इसके अनेक उदाहरण श्लोकों के जरिए दिया। उन्होंने मनुस्मृति का भी उल्लेख किया और कहा कि इसे बदनाम करने की कोशिश की गई। सनातन धर्म में शूद्र और स्त्रियों के अपमान की बात नहीं है। विदेशियों ने एक साजिश के तहत आपस में फूट डालने का काम किया। सनातन हमेशा सद्भाव बढ़ाने का काम करता है।
जाति के नाम पर भेदभाव फैलाया गया
स्वामी रामदेव ने ब्रह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र को लेकर जो भेदभाव फैलाए गए उनपर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये कर्म पर आधारित वर्ग थे। लेकिन इसे गलत रूप में पेश किया गया। उन्होंने कहा कि आपस में फूट और विदेशियों की लूट ने इस देश को तबाह कर रखा था। सनातन का अपमान करके धार्मिक, सांस्कृतिक पाप हुआ और इसे राजनीतिक लोगों ने संरक्षण दिया। लोगों को धर्म विहीन करके ईसाई और मुसलमान बनाने का षड्यंत्र किया गया। देश के 30 से 40 करोड़ लोगों को सनातन से विमुख कर दिया गया। जिनमें दो कौड़ी कि अक्ल नहीं वे सनातन धर्म की, वेदों की ऋचाओं की व्याख्या करने में लग जाते हैं।
सनातन धर्म के सिद्धांत विज्ञान पर आधारित
योग गुरु ने कहा कि सनातन में सत्य और धर्म को जीवन का श्रेष्ठ बताया गया है। सनातन धर्म के सिद्धांत विज्ञान पर आधारित हैं। दुनिया सेहत के लिए सनातन के सिद्धांतों को अपना रही है। योग-आयुर्वेद में निष्ठा रखने वाले लोग दुनिया में बढ़े हैं। स्वामी रामदेव ने कहा कि हाल में भगवान में भी अमीर और गरीब का भेदभाव कर दिया गया। लूट, झूठ के फरेब से सनातन को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। 150 करोड़ से ज्यादा दुनिया में सनातन धर्मी हैं। भारत में भी 99 प्रतिशत मुसलमानों से पूछो तो वे यही कहेंगे कि हमारे पुरखे तो पुराने ऋषि-महर्षि थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सभी धर्मों का आदिपिता है।
बता दें कि पिछले महीने भी स्वामी रामदेव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि की किसी दवा पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। उन्होंने कहा कि पतंजलि की दवाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी हैं और किसी भी दवा को किसी पैरामीटर पर देश या दुनिया की किसी एजेंसी ने कमतर नहीं पाया है। उन्होंने कहा कि पतंजलि घी में मिलावट की भ्रांतियां भी फैलाई गईं।
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