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8th Pay Commission: रिपोर्ट के मुताबिक आयोग की सिफारिशें लागू होने में देरी के कारण कर्मचारियों को 20 से 24 महीने तक का एरियर मिल सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल DA (महंगाई भत्ता) का एरियर मिलने की संभावना ज्यादा है, जबकि HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस के एरियर पर संशय बना हुआ है। 

8th Pay Commission latest updates: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर इस समय 8वें वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) की अपडेट्स पर टिकी हुई हैं। सभी को उम्मीद है कि नए वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद सैलरी और पेंशन में बड़ा इजाफा होगा। लेकिन, अब एक बड़ा सवाल सामने आ रहा है कि अगर 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने में देरी होती है, तो कर्मचारियों को कौन-कौन से एरियर मिलेंगे और किन भत्तों का फायदा शायद नहीं मिल पाएगा। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

दरअसल, 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल दिसंबर 2025 में समाप्त हो चुका है और माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी। हालांकि, आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए मई 2027 तक का समय दिया गया है। इसके बाद कैबिनेट मंजूरी और नियम लागू होने में 3 से 6 महीने और लग सकते हैं। ऐसे में कर्मचारियों को करीब 20 से 24 महीनों का एरियर मिलने की संभावना बन रही है।

लेकिन, कर्मचारियों के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर एरियर किस चीज का मिलेगा? केवल बेसिक सैलरी का या HRA, DA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस का भी?

वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले वेतन आयोग के अनुभव को देखें तो महंगाई भत्ता यानी DA का एरियर मिलने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। इसका कारण यह है कि DA सीधे कर्मचारी की बेसिक सैलरी से जुड़ा होता है। जैसे ही नई बेसिक सैलरी तय होती है, उसी के आधार पर DA दोबारा कैलकुलेट किया जाता है। इसलिए DA का अंतर कर्मचारियों को एरियर के रूप में दिया जाता है।

वहीं, दूसरी तरफ हाउस रेंट एलाउंट (House Rent Allowance) यानी HRA को लेकर तस्वीर अलग है। आमतौर पर HRA नई दरों के साथ भविष्य में लागू किया जाता है और पुराने समय का एरियर नहीं दिया जाता। अभी कर्मचारियों को शहरों की कैटेगरी के हिसाब से 10%, 20% और 30% HRA मिलता है। हालांकि, नए वेतन आयोग में इन दरों में बदलाव हो सकता है, लेकिन पुराने महीनों का एरियर मिलने की संभावना कम मानी जा रही है।

इसी तरह ट्रांसपोर्ट अलाउंस (Transport Allowance) यानी TPTA भी आमतौर पर फिक्स अमाउंट माना जाता है। 7वें वेतन आयोग में यह ₹1,350 से ₹7,200 तक है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका एरियर भी सामान्यतः नहीं दिया जाता, क्योंकि यह नीति आधारित भत्ता माना जाता है।

अगर एरियर के कैल्कुलेशन की बात करें, तो यह पुराने और नए बेसिक वेतन के अंतर पर आधारित होती है। उदाहरण के लिए अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 7वें वेतन आयोग में ₹35,400 है और नए फिटमेंट फैक्टर के बाद यह बढ़कर ₹70,000 या उससे ज्यादा हो जाती है, तो दोनों के अंतर को देरी वाले महीनों से गुणा करके एरियर निकाला जाएगा।

2, 2.15, 2.28 और 2.57 के फिटमेंट फैक्टर के अनुसार लेवल-6 कर्मचारी का अनुमानित संशोधित वेतन

वर्तमान बेसिक सैलरी (लेवल-6) ₹35,400
2.0 फिटमेंट फैक्टर पर संशोधित वेतन ₹70,800
2.15 फिटमेंट फैक्टर पर संशोधित वेतन ₹76,110
2.28 फिटमेंट फैक्टर पर संशोधित वेतन ₹80,712
2.57 फिटमेंट फैक्टर पर संशोधित वेतन ₹90,978

2.0, 2.15, 2.28 और 2.57 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर लेवल-6 के कर्मचारियों के लिए मासिक वेतन वृद्धि

फिटमेंट फैक्टर ₹35,400 बेसिक सैलरी वाले लेवल-6 कर्मचारी की मासिक बढ़ोतरी
2.0 ₹35,400
2.15 ₹40,710
2.28 ₹45,312
2.57 ₹55,578

2, 2.15, 2.28 और 2.57 फिटमेंट फैक्टर के अनुसार (20 महीनों के लिए) लेवल 6 कर्मचारियों का अनुमानित बकाया

लेवल-6 कर्मचारी के लिए अनुमानित एरियर (20 महीने के हिसाब से)

फिटमेंट फैक्टर ₹35,600 मौजूदा बेसिक पे पर अनुमानित एरियर
2.0 ₹7,08,000
2.15 ₹8,14,200
2.28 ₹9,06,240
2.57 ₹11,11,560

फिलहाल, फिटमेंट फैक्टर को लेकर अलग-अलग चर्चाएं चल रही हैं। कुछ कर्मचारी संगठन 2.0 से लेकर 2.57 या उससे भी अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। अगर सरकार बड़ा फिटमेंट फैक्टर मंजूर करती है, तो कर्मचारियों का एरियर भी लाखों रुपये तक पहुंच सकता है।

हालांकि, एक्सपर्ट साफ कह रहे हैं कि कर्मचारियों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि हर भत्ते का एरियर मिलेगा। अंतिम फैसला सरकार की अधिसूचना और आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा। यही वजह है कि अब केंद्रीय कर्मचारियों की नजर 8वें वेतन आयोग की अगली बैठकों और रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

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