Source :- LIVE HINDUSTAN
सरकारी कंपनी NLC इंडिया के शेयरधारकों और निवेशकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचने का फैसला किया है और इसके लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) लॉन्च किया गया है। सरकार NLC इंडिया में 3% तक हिस्सेदारी बेचकर करीब 1,263 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। इस कदम को सरकार के विनिवेश (Disinvestment) प्रोग्राम का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी घटाकर राजस्व बढ़ाया जाता है।
सरकार ने OFS के लिए 303 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है, जो शेयर के पिछले बंद भाव से कम है। इस वजह से बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। इस ऑफर में पहले चरण में 2% हिस्सेदारी यानी लगभग 2.78 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे। अगर निवेशकों की ओर से जबरदस्त मांग आती है, तो सरकार ग्रीनशू ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 1% हिस्सेदारी यानी 1.39 करोड़ शेयर और बेच सकती है। इस तरह कुल हिस्सेदारी बिक्री 3% तक पहुंच सकती है।
फ्लोर प्राइस के आधार पर देखें तो सरकार केवल 2% हिस्सेदारी बेचकर करीब 842 करोड़ रुपये जुटा सकती है। वहीं, अगर अतिरिक्त 1% हिस्सेदारी भी बिक जाती है, तो कुल राशि लगभग 1,263 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। नॉन-रिटेल इंवेस्टर्स (Non-Retail Investors) के लिए यह OFS 9 जून को खुलेगा, जबकि खुदरा निवेशक और पात्र कर्मचारी 10 जून को इसमें भाग ले सकेंगे।
पहले नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन के नाम से पहचान बनाने वाली कंपनी NLC इंडिया देश की प्रमुख खनन और बिजली उत्पादन कंपनियों में शामिल है। कंपनी लिग्नाइट खदानों के संचालन के साथ-साथ थर्मल पावर उत्पादन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पिछले कुछ सालों में कंपनी ने अपनी रणनीति को बदलते हुए सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में भी निवेश बढ़ाया है। भारत में लगातार बढ़ती बिजली मांग और ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार के फोकस का फायदा NLC इंडिया को मिल रहा है।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत रहा है। NLC इंडिया नियमित रूप से मुनाफा कमाने के साथ-साथ अपने निवेशकों को डिविडेंड भी देती रही है। बेहतर बिजली उत्पादन, खनन गतिविधियों में वृद्धि और प्लांट प्रदर्शन में सुधार के कारण कंपनी की आय और लाभप्रदता में लगातार सुधार देखा गया है। यही वजह है कि सरकार ने OFS की घोषणा करते समय NLC इंडिया को एक मजबूत दीर्घकालिक निवेश अवसर बताया।
बाजार एक्सपर्ट का मानना है कि PSU शेयरों में पिछले कुछ सालों से अच्छा निवेशक उत्साह देखने को मिला है। खासकर उन सरकारी कंपनियों में, जिनकी कमाई स्थिर है और जो नियमित डिविडेंड देती हैं। ऐसे में NLC इंडिया के OFS को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिलने की उम्मीद है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि इस ऑफर को कितना सब्सक्रिप्शन मिलता है और क्या सरकार को ग्रीनशू ऑप्शन का इस्तेमाल करना पड़ता है। अगर मांग मजबूत रहती है, तो यह OFS सरकारी विनिवेश कार्यक्रम की एक और सफल पेशकश साबित हो सकता है।
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