Source :- LIVE HINDUSTAN
किसी को यह बताना कि उनके शरीर से बदबू आ रही है, आसान नहीं होता। बात गलत तरीके से कही जाए तो सामने वाला शर्मिंदा हो सकता है। ऐसे में सही तरीका जानना जरूरी है।
किसी के शरीर से बदबू आ रही हो और उसे खुद इस बात का पता ना हो, तो बताना काफी मुश्किल हो जाता है। आपको डर रहता है कि कहीं सामने वाला शर्मिंदा ना हो जाए या बुरा ना मान जाए। लेकिन कई बार किसी करीबी को यह बात बताना जरूरी भी होता है। ऐसे में सीधे यह कह देना कि ‘तुमसे बदबू आ रही है’ सही तरीका नहीं है। इससे सामने वाला असहज हो सकता है। चलिए जानते हैं कि ऐसी स्थिति में किस तरह अपनी बात सामने वाले को कहें और वह शर्मिंदगी भी ना महसूस करे।
मौसम की बात से बातचीत शुरू कर सकते हैं…
अगर आप सीधे बात नहीं कह पा रहे हैं, तो बातचीत को गर्मी या पसीने की तरफ ले जा सकते हैं। जैसे आप कह सकते हैं, ‘आजकल कितनी गर्मी है, थोड़ी देर बाहर निकलो तो कितना पसीना आ जाता है। तुम कौन सा डियोड्रेंट इस्तेमाल करते हो?’ इसके बाद आप अपने इस्तेमाल किए किसी डियोड्रेंट का जिक्र कर सकते हैं और कह सकते हैं कि आपको वह अच्छा लगता है। इससे सामने वाले को इशारा मिल सकता है, बिना उसे सीधे शर्मिंदा किए।
अपनी बात को एक्सपीरियंस से जोड़ें
सामने वाले पर बात डालने के बजाय अपनी बात अपने अनुभव से शुरू करना भी अच्छा तरीका है। आप कह सकते हैं, ‘मुझे भी गर्मियों में पसीने की वजह से परेशानी होती है, इसलिए मैंने हाल में एक नया डियोड्रेंट इस्तेमाल करना शुरू किया है।’ इस तरह बातचीत उपदेश जैसी नहीं लगेगी। सामने वाला भी इसे सामान्य बातचीत की तरह ले सकता है।
अकेले में ही बात करें
अगर आपको सीधे बताना ही पड़े, तो यह बात कभी भी दूसरे लोगों के सामने ना कहें। सबके सामने किसी के शरीर की बदबू का जिक्र करना उसे बहुत ज्यादा शर्मिंदा कर सकता है। उसे अलग से और आराम से बताएं। आवाज भी सामान्य रखें और ऐसा ना लगे कि आप उससे शिकायत कर रहे हैं। आप कह सकते हैं, ‘एक बात बताऊं? बुरा मत मानना, मुझे लगा कि शायद तुम्हें पता नहीं है। कभी-कभी पसीने की थोड़ी गंध आ रही है। मैंने सोचा तुम्हें बता दूं।’
शब्दों का चुनाव बहुत जरूरी है
‘तुमसे बहुत बदबू आती है’ या ‘तुम्हें सफाई का ध्यान रखना चाहिए’ जैसी बातें बिल्कुल ना कहें। इससे सामने वाले को लग सकता है कि आप उसकी साफ-सफाई पर सवाल उठा रहे हैं। इसके बजाय ‘शायद’, ‘कभी-कभी’ और ‘मुझे लगा तुम्हें पता नहीं होगा’ जैसे शब्द इस्तेमाल करें। इससे बात थोड़ी नरम हो जाती है।
मजाक उड़ाने से बचें
किसी की शरीर की गंध को लेकर मजाक बनाना आसान लग सकता है, लेकिन सामने वाले के लिए यह काफी बुरा अनुभव हो सकता है। खासकर अगर वह पहले से इस बात को लेकर परेशान हो। आपका मकसद उसे नीचा दिखाना नहीं, बल्कि उसकी मदद करना होना चाहिए।
अगर डियोड्रेंट काम नहीं कर रहा हो तो?
कई बार व्यक्ति डियोड्रेंट इस्तेमाल करता है, फिर भी पसीने की गंध बनी रहती है। इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि वह साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखता। हर व्यक्ति के शरीर की गंध अलग हो सकती है और हर डियोड्रेंट हर व्यक्ति पर एक जैसा काम नहीं करता।
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