Source :- LIVE HINDUSTAN
इससे पहले कल भूटान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। रविवार देर रात आए 5.6 तीव्रता के भूकंप के झटके सिक्किम और उत्तरी बंगाल के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए।
एशिया में एक के बाद एक भूकंप के झटकों के बाद कई देशों में विनाशकारी तूफान का अलर्ट जारी कर दिया गया है। रविवार देर रात भूटान और भारत के कुछ हिस्सों में महसूस किए गए झटकों के बाद अब एक और एशियाई देश में सुबह-सुबह भूकंप आया है। दक्षिण-पूर्व एशियाई देश फिलीपींस के कुछ हिस्सों में सोमवार सुबह भूकंप के बेहद तगड़े झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 8.2 मापी गई है।
जानकारी के मुताबिक भूकंप का केंद्र फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप के पास था। इस शक्तिशाली भूकंप के तुरंत बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया और जापान समेत एशिया के कई तटीय इलाकों में सुनामी का हाई अलर्ट चेतावनी जारी कर दिया गया है। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) और जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 7:40 बजे आया। भूकंप के झटके पड़ोसी देश इंडोनेशिया के नॉर्थ सुलावेसी और नॉर्थ मालुकु प्रांतों में भी महसूस किए गए हैं।
तटीय इलाकों में सुनामी का अलर्ट
फिलीपींस की भूकंप विज्ञान एजेंसी ने दक्षिणी प्रांतों के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने और समुद्री तट से दूर सुरक्षित इलाकों में पहुंचने की सलाह दी है। फिलीपींस के कुछ तटीय क्षेत्रों में 3 मीटर तक ऊंची सुनामी लहरें उठने कि संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा इंडोनेशिया, मलेशिया, ताइवान, गुआम, पापुआ न्यू गिनी और पश्चिमी प्रशांत महासागर के कई देशों और क्षेत्रों में भी सुनामी की लहरें पहुंचने की संभावना जताई गई है।
इमारतों में दरारें, लोग हुए बेहोश
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक फिलीपींस में अलाबेल के पुलिस के प्रमुख बेंजी एंचेटा ने बताया कि भूकंप के बाद कुछ इमारतों में दरारें दिखाई दी हैं। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन तेज झटकों के कारण कुछ लोग बेहोश हो गए। एंचेटा ने बताया, “हमने अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप महसूस किया है।”
‘रिंग ऑफ फायर’ में मौजूद है फिलीपींस
गौरतलब है कि फिलीपींस दुनिया में प्राकृतिक आपदाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में से एक है। इसकी वजह यह है कि यह देश प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है। इस क्षेत्र में अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इसके अलावा यहां कई ज्वालामुख भी सक्रिय हैं। यहां हर साल लगभग 20 से ज्यादा तूफान और चक्रवात आते हैं।
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