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सुजलॉन के शेयर पर ब्रोकरेज से विदेशी निवेशक तक फिदा, आ गया नया टारगेट प्राइस

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Suzlon energy share: वैसे तो सुजलॉन एनर्जी के शेयर बुधवार को सुस्त रफ्तार में थे लेकिन इसके फ्यूचर को लेकर एक्सपर्ट बुलिश हैं तो इस शेयर को लेकर विदेशी निवेशकों की भी दिलचस्पी बढ़ी है। घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने सुजलॉन एनर्जी को निवेश के लिए सबसे अच्छी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बताया है। एक अन्य ब्रोकरेज देवेन चोकसी ने भी शेयर के लिए पॉजिटिव रुख अपनाते हुए नया टारगेट प्राइस दिया है। आइए डिटेल में जान लेते हैं।

अभी क्या है शेयर की कीमत?

सुजलॉन के शेयर अभी अपने 52 हफ्ते के हाई ₹68 से लगभग 15% नीचे ट्रेड कर रहे हैं। वर्तमान में शेयर की कीमत 60 रुपये से भी कम है। हालांकि, साल 2026 में इस शेयर में 11% से ज्यादा की बढ़त हुई है। मोतीलाल ओसवाल ने इस शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹65 रखा है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 15% से अधिक की बढ़त हो सकती है। इसके अलावा, देवेन चोकसी ने शेयर पर सकारात्मक रुख अपनाया है और ₹74 का टारगेट प्राइस तय किया है। मौजूदा स्तरों की तुलना में यह 25 फीसदी से अधिक की संभावित बढ़त को दिखाता है। बता दें कि शेयर के 52 हफ्ते का लो 38.17 रुपये है। वहीं, शेयर के 52 हफ्ते का हाई 68.30 रुपये है।

सुजलॉन में बढ़ी विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी

सुजलॉन एनर्जी में विदेशी इन्वेस्टर्स ने लगातार तीसरी तिमाही में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। दरअसल, सुजलॉन सिर्फ विंड एनर्जी पर फोकस करने वाली कंपनी से बदलकर एक फुल-स्टैक रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशन प्रोवाइडर बनने की कोशिश कर रही है। इंडस्ट्री के लिए अच्छे हालात और मजबूत होते बिजनेस मॉडल के साथ, यह बदलाव ब्रोकरेज और इन्वेस्टर्स दोनों का ध्यान खींच रहा है।

ब्रोकरेज देवेन चोकसी के अनुसार सुजलॉनभारत के विंड एनर्जी बाजार में 21 गीगावाट से अधिक की स्थापित क्षमता के साथ अग्रणी कंपनी है और देश की वार्षिक पवन ऊर्जा स्थापना में उसकी हिस्सेदारी लगभग 40 फीसदी है। कंपनी अब अपनी ‘Suzlon 2.0’ रणनीति के तहत विस्तार पर फोकस कर रही है।

हाइब्रिड रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स, टर्नकी EPC सेवाओं और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार की योजना है। कंपनी के पास वर्तमान में 4.5 गीगावाट की वार्षिक विनिर्माण क्षमता है, जबकि वित्त वर्ष 2026 में उसकी डिलीवरी लगभग 2.4 गीगावाट रही। इसका मतलब है कि मौजूदा क्षमता के भीतर ही कंपनी के पास उत्पादन बढ़ाने की पर्याप्त गुंजाइश मौजूद है। इसके अलावा, सुजलॉन के पास लगभग 6 गीगावाट का ऑर्डर बुक है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN