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हमारी संपत्तियों पर हमला किया तो छोड़ेंगे नहीं… ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान ने सोमवार को अमेरिका को चेतावनी दी है कि उसकी संपत्तियों पर कोई भी नया हमला हुआ तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी। सप्ताहांत में दोनों पक्षों के बीच हमलों के बाद खाड़ी में तनाव बढ़ गया है और तेल कीमतें छह सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बीच ईरान ने सोमवार को अमेरिका को साफ चेतावनी दी है कि उसकी किसी भी संपत्ति पर नया हमला हुआ तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी। यह बयान हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच हमलों के आदान-प्रदान के बाद आया है। इससे तेल कीमतें छह सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने कहा कि हमारी संपत्तियों पर हमला करोगे तो तुम्हें भी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे और अमेरिकी तेल-गैस हितों को जवाबी कार्रवाई के प्रति संवेदनशील बताया।

यह चेतावनी ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रजाई के रविवार वाले बयान के बाद आई। रजाई ने कहा था कि तेहरान आने वाले दिनों में खाड़ी में नए प्रतिबंधित क्षेत्र की घोषणा करेगा और होर्मुज से गुजरने वाले नए शिपिंग कॉरिडोर के नक्शे मंजूर करेगा। फरवरी में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से यातायात पर रोक लगा रखी है। रजाई के अनुसार, नया प्रतिबंधित क्षेत्र वहां से शुरू होगा जहां ईरान की अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी शुरू होती है। इस क्षेत्र में प्रवेश करने वाले किसी भी जहाज को प्रतिबंध सूची में डाल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि होर्मुज तभी खोला जाएगा जब अमेरिका तोड़फोड़, धमकियां और हमले बंद करेगा।

तो जवाबी हमला होगा

गालिबाफ ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की उस टिप्पणी का भी जवाब दिया जिसमें ईरानी तेल टैंकर बेड़े को ‘रक्षाहीन’ बताया गया था। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि यहां तेल और गैस उत्पादन श्रृंखला विस्तृत, सुलभ और जोखिम भरी है। इन जलक्षेत्रों में फैली अमेरिकी कंपनियां भी यही जोखिम साझा करती हैं। हमारी संपत्तियों पर हमला होगा तो जवाबी हमला होगा। हम यह पहले साबित कर चुके हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फरवरी में शुरू किए गए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के घोषित लक्ष्य (ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना, पड़ोसियों पर हमले रोकना और नेतृत्व परिवर्तन की स्थितियां बनाना) अभी पूरे नहीं हुए हैं। ईरान का धार्मिक नेतृत्व सत्ता में बना हुआ है और प्रतिबंधों में राहत तथा होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने की कोशिश कर रहा है। युद्ध से पहले यह जलमार्ग वैश्विक तेल-गैस शिपमेंट का करीब पांचवां हिस्सा संभालता था।

जून के अंतरिम युद्धविराम के टूटने और अगस्त के अधिकांश समय सैन्य विराम के बाद जवाबी हमले फिर शुरू हो गए हैं। शांति प्रक्रिया में अभी तक खास प्रगति नहीं हुई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार शनिवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया। इनमें से एक खारग द्वीप के पास था, जो ईरान का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र है। ये हमले ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा अमेरिकी युद्धपोतों पर किए गए हमलों के जवाब में बताए गए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN