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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह तेहरान के नंबर वन टारगेट बने हुए हैं। अंकारा में NATO समिट के बाद रिपोर्टर्स से बात करते हुए उन्होंने ईरान युद्ध से निपटने के अपने तरीके का बचाव किया और अमेरिकी कदम को सही बताया।
पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच चुका है। अमेरिका ने आज (बुधवार, 8 जुलाई को) तड़के ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर सटीक (प्रिसिजन) हथियारों से हमले किए गए हैं। इसके अलावा होर्मुज समुद्री मार्ग में ईरान की 60 से ज्यादा छोटी मिलिट्री बोट्स को भी निशाना बनाया है। इसके बाद ईरान ने पटवार करते हुए खाड़ी के दो मुस्लिम देशों बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ताबड़तोड़ हमले किए। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो चुका है।
इसके साथ ही ट्रंप ने नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि अमेरिका बुधवार रात ईरान पर “जोरदार हमला” कर सकता है। ट्रंप ने तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन में कहा, “मैं उन्हें पहले ही चेतावनी दे देता हूं कि आज रात हम उन पर जोरदार हमला करेंगे, लेकिन देखते हैं आगे क्या होता है।” यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ बैठे ट्रंप ने दोहराया कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान अपने उद्देश्य में सफल रहा है, हालांकि ईरान में धार्मिक और सैन्य नेतृत्व अब भी सत्ता में बना हुआ है।
तेहरान ने जोरदार पलटवार किया
ट्रंप की इस धमकी पर तेहरान ने जोरदार पलटवार किया है। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि यह इलाका ‘राजनीतिक जुए की जगह नहीं है’, जहां वे अपनी राजनीतिक रोटी सेंक सकें। उन्होंने ट्रंप की धमकियों पर दो टूक कहा कि “तेहरान की उंगलिया भी ट्रिगर पर हैं।” अली अकबर वेलायती ने चेतावनी दी कि यह इलाका “छोटे देशों के राजनीतिक जुए की जगह नहीं है” और कहा कि अमेरिकी उकसावे के जवाब में “एक्सिस ऑफ़ रेजिस्टेंस” की उंगली ट्रिगर पर है।
”हमारी भी उंगली ट्रिगर पर है”
X पर कई पोस्ट में वेलायती ने कहा: “हमने पहले ही चेतावनी दी थी कि यह इलाका छोटे देशों के राजनीतिक जुए की जगह नहीं है और हमने बार-बार साबित किया है कि ऐसी साहसी हरकतों का तुरंत जवाब दिया जाता है।” उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समझौता ज्ञापन (MOU) रद्द करना एक “ज़ुबानी कबूलनामा” था जो “एक बार फिर इलाके को आग की ओर धकेलता है”। वेलायती ने लिखा, “एक्सिस ऑफ़ रेजिस्टेंस अपमान और साहसी हरकतों के खिलाफ चुप नहीं रहता है और शहीद नेता के खून का बदला लेकर इलाके को साफ़ करने की मांग करते हुए लिखा, ”हमारी भी उंगली ट्रिगर पर है।”
बुधवार को वार-प्रतिवार से भड़का तनाव
इस बीच, ईरान ने ताजा अमेरिकी हमलों के जवाब में बुधवार को फारस की खाड़ी क्षेत्र में मिसाइलों और ड्रोन से जवाबी हमला किया। ईरानी सशस्त्र बलों ने कहा कि उन्होंने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके बाद दोनों देशों में हवाई हमले के सायरन बजाये गये। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। उधर, कतर की मंत्रिपरिषद ने ओमान तट के निकट उसके तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) वाहक जहाज पर हुए हमले के बाद ईरान से होर्मुज समुद्री मार्ग में “खतरनाक गतिविधियां” बंद करने की मांग की है।
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