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हर बार मीठा और रसीला बाबूगोशा खरीदें, बस ये 4 टिप्स याद रखें

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Source :- LIVE HINDUSTAN

बाजार में बाबूगोशा खरीदते समय समझ नहीं आता कि कौन सा फल मीठा और रसीला होगा। अगर आप भी सही बाबूगोशा खरीदना चाहते हैं, तो फल उठाते समय इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान जरूर रखें।

इन दिनों बाजार में हरा-हरा बाबूगोशा खूब मिल रहा है। देखने में यह नाशपाती जैसा लगता है, लेकिन इसका स्वाद और अंदर की बनावट काफी अलग होती है। अच्छा बाबूगोशा मीठा, रसीला और खाने में नरम होता है। परेशानी तब होती है जब बाजार में एक जैसे दिखने वाले कई फल रखे हों और समझ न आए कि इनमें से कौन सा घर ले जाएं। कई बार बाहर से अच्छा दिखने वाला फल काटने पर फीका या जरूरत से ज्यादा नरम निकल जाता है। ऐसे में सिर्फ रंग देखकर बाबूगोशा खरीदना सही तरीका नहीं है। यहां हम कुछ टिप्स शेयर कर रहे हैं जिनकी मदद से आप मीठा और रसीला बाबूगोशा चुन सकते हैं।

  1. बाबूगोशा बहुत सख्त न हो: बाबूगोशा खरीदते समय उसे हाथ में लेकर हल्का सा दबाकर देखें। अगर फल थोड़ा नरम लगे और दबाने पर हल्का दबे, तो वह खाने के लिए तैयार है। बहुत सख्त फल कच्चा हो सकता है। वहीं बहुत ज्यादा नरम या दबा हुआ फल न खरीदें। फल को जोर से न दबाएं। इससे उस पर निशान पड़ जाते हैं और फल जल्दी खराब भी हो जाता है।
  2. सिर्फ रंग देखकर न खरीदें: बाबूगोशा का रंग देखकर उसकी मिठास का अंदाजा लगाना सही नहीं है। अलग-अलग फलों का रंग थोड़ा अलग हो सकता है। इसलिए रंग के साथ उसकी नरमी और छिलका भी देखें। सिर्फ चमकदार या गहरे रंग का फल देखकर खरीदने के बजाय पूरा फल अच्छी तरह चेक करें।
  3. छिलके पर दाग तो नहीं: बाबूगोशा खरीदने से पहले उसे चारों तरफ से देखें। बहुत ज्यादा काले या भूरे दाग, कटे हुए हिस्से या दबे हुए निशान दिखें तो ऐसा फल न लें। अगर कहीं से फल गीला, बहुत नरम या सड़ा हुआ दिख रहा है, तो उसे भी छोड़ दें। हल्का निशान हो तो ज्यादा चिंता की बात नहीं है।
  4. हल्की खुशबू भी चेक करें: पके बाबूगोशे में हल्की मीठी खुशबू आती है। फल को पास लाकर हल्की महक चेक कर सकते हैं। खुशबू के साथ फल की नरमी और छिलका भी देखें। सिर्फ खुशबू देखकर फल न खरीदें। बाकी चीजें भी चेक करना जरूरी है।

बाबूगोशा और नाशपाती में फर्क समझें

बाबूगोशा नाशपाती जैसा दिखता है, इसलिए बाजार में दोनों को लेकर कन्फ्यूजन हो सकता है। बाबूगोशा आमतौर पर ज्यादा नरम और मीठा होता है, जबकि आम नाशपाती ज्यादा सख्त और कुरकुरी लगती है। बाबूगोशा का छिलका भी पतला और मुलायम होता है। इसलिए बाजार में सिर्फ आकार देखकर फल न उठाएं। हाथ से उसकी बनावट जरूर महसूस करें।

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अगर आप तुरंत खाने के लिए फल ले रहे हैं, तो हल्का नरम फल चुनें। अगर एक-दो दिन बाद खाना है, तो बहुत नरम फल लेने के बजाय थोड़ा सख्त फल लेना बेहतर रहेगा।

बाबूगोशा कच्चा निकले तो…

अगर बाबूगोशा खरीदते समय फल थोड़ा सख्त है, तो उसे कुछ समय रूम टेम्परेचर पर रखें। इसे धूप में रखने की जरूरत नहीं है। फल नरम होने लगे तो खाने के लिए तैयार है। बहुत जल्दी पकाने के लिए फल को गर्म जगह पर रखना सही तरीका नहीं है, क्योंकि इससे वह बाहर से जल्दी नरम होकर अंदर से खराब हो सकता है।

घर लाने के बाद ऐसे रखें

बाबूगोशा ज्यादा नरम होने की वजह से जल्दी खराब हो सकता है। इसलिए खरीदने के बाद उसे बहुत दबाकर या भारी सामान के नीचे रखकर न रखें। जो फल पहले से नरम है, उसे पहले खा लें और बाकी फलों को साफ, सूखी जगह पर रखें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN