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‘हवाई हमले करके लौट जाते हो, सीरियस हो तो सेना भेजो’; ईरान ने अमेरिका को दी चुनौती

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिका ने अब तक ईरान के खिलाफ हवाई हमलों और दूर से अटैक करने वाली सैन्य क्षमताओं का इस्तेमाल किया है। इसके उलट ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और क्षेत्र में उसके हितों को निशाना बनाने की रणनीति अपनाई है। 

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने अमेरिका को जमीनी लड़ाई में उतरने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अगर यूएस अपने सैन्य अभियान को लेकर गंभीर है तो उसे अपने सैनिक ईरान में भेजने चाहिए। रेजाई ने सवाल किया कि अमेरिकी सेना जमीनी कार्रवाई क्यों नहीं कर रही और सिर्फ हवाई हमले करके वापस क्यों लौट रही है। उन्होंने कहा, ‘अगर अमेरिकी गंभीर हैं तो उनके सैनिक ईरान में आएं। युद्ध में आखिरकार जमीनी सेना ही निर्णायक भूमिका निभाती है।’

मोहसिन रेजाई की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष जारी है। दोनों तरफ से सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। रेजाई ने यह भी दावा किया कि ईरान ने अमेरिका को लेकर अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव किया है और अब वह अमेरिकी हवाई हमलों का जवाब देने के लिए पहले से ज्यादा तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो ईरान क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर अपने हमले और तेज कर सकता है।

ईरान में जमीनी हमला कितना मुश्किल?

रिपोर्ट के मुताबिक, मोहसिन रेजाई ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के करीबी सहयोगी हैं। उन्हें मार्च में सैन्य सलाहकार बनाया गया था और अगस्त में सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की जिम्मेदारी दी गई। अमेरिका ने अब तक ईरान के खिलाफ हवाई हमलों और दूर से हमला करने वाली सैन्य क्षमताओं का इस्तेमाल किया है। इसके उलट ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और क्षेत्र में उसके हितों को निशाना बनाने की रणनीति अपनाई है। ईरान में बड़े पैमाने पर जमीनी अभियान शुरू करना युद्ध को एक नए और ज्यादा बड़े चरण में ले जा सकता है।

ईरान का बड़ा हिस्सा पहाड़ी इलाकों वाला है और उसकी आबादी भी काफी ज्यादा है। जानकारों का कहना है कि बड़े पैमाने पर जमीनी हमला मुश्किल हो सकता है, हालांकि सीमित जमीनी अभियानों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। ऐसे में रेजाई का बयान अमेरिका की मौजूदा रणनीति की सीमाओं पर सवाल उठाने के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, सैन्य बयानबाजी के बीच ईरान ने बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं किया है। रेजाई ने बताया था कि ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका तक युद्ध खत्म करने की अपनी शर्तें पहुंचाई हैं और वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN