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‘हाईजैक’ हो सकते हैं ऐप्पल डिवाइस! सरकार ने दी चेतावनी, खतरे में इतने सारे मॉडल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अगर आप भी आईफोन, आईपैड, मैक, ऐप्पल वॉच, ऐप्पल टीवी या फिर कोई अन्य ऐप्पल डिवाइस चला रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। इन डिवाइस में कई सुरक्षा खामियां पाई गई हैं, जिसका फायदा उठाकर हैकर्स सिस्टम को हैक कर सकते हैं और डेटा चुरा सकते हैं।

भारत सरकार ने ऐप्पल डिवाइस इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। अगर आप भी ऐप्पल का कोई डिवाइस चला रहे हैं, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि छोटी सी लापरवाही आप पर भारी पड़ सकती है। इस चेतावनी में यूजर्स को सलाह दी गई है कि वे साइबर हमलों से बचने के लिए अपना सॉफ्टवेयर तुरंत अपडेट कर लें। दरअसल, 28 अक्टूबर को भारत सरकार के तहत काम करने वाली साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने एक एडवाइजरी जारी कर बताया कि आईफोन, आईपैड, मैक, ऐप्पल वॉच, ऐप्पल टीवी और अन्य ऐप्पल डिवाइस में कई सुरक्षा खामियों पाई गई हैं। कौन ज्यादा खतरे में और कैसे सुरक्षित रहा जा सकता है, चलिए बताते हैं…

CIAD-2026-0056 नंबर वाली एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि इन खामियों का फायदा उठाकर हमलावर मलिशियस कोड को टारगेट सिस्टम में चला सकते हैं, डिवाइस का पूरा एक्सेस हासिल कर सकते हैं, संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं या सुरक्षा प्रतिबंधों को बायपास कर सकते हैं। कुछ मामलों में वे डिवाइस या सिस्टम को पूरी तरह बंद भी कर सकते हैं।

यह चेतावनी प्रभावित ऐप्पल डिवाइस का उपयोग करने वाले लोगों और कंपनियों पर लागू होती है। एजेंसी का कहना है कि हमलावर लोगों को खास तरह से बनाया गया वेब कंटेंट, फाइल, तस्वीर, ऑडियो या वीडियो भेज सकते हैं और लोगों को उन्हें खोलने के लिए बरगला सकते हैं, जिससे सिस्टम को हाईजैक किया जा सकता है।

कौन से ऐप्पल डिवाइस खतरे में हैं?

यह एडवाइजरी ऐप्पल के कई ऑपरेटिंग सिस्टम और सफारी के पुराने वर्जन पर लागू होती है। ऐप्पल ने इनके लिए 26 अक्टूबर को अपडेट जारी किए थे, जो CERT-In की चेतावनी से दो दिन पहले की बात है। नीचे देखें प्रभावित वर्जन की लिस्ट:

– आईफोन: वे आईफोन जिन पर iOS का 18.7.11, 26.7.2 या 27.2 से पुराना वर्जन चल रहा है। इनमें पुराने iOS 18 ब्रांच वाले iPhone XS, XS Max और XR शामिल हैं, साथ ही iPhone 11 और उससे नए मॉडल जो iOS 26 या 27 ब्रांच पर चल रहे हैं।

– आईपैड: वे आईपैड जिन पर iPadOS का 18.7.11, 26.7.2 या 27.2 से पुराना वर्जन चल रहा है। प्रभावित मॉडल में 7वीं जनरेशन का आईपैड और उससे नए सपोर्टेड आईपैड शामिल हैं।

– मैक कंप्यूटर: ऐसे मैक डिवाइस जिनमें macOS Sequoia का 15.8.2 से पुराना वर्जन, macOS Tahoe का 26.7.2 से पुराना वर्जन, या macOS Golden Gate का 27.2 से पुराना वर्जन चल रहा है।

– ऐप्पल वॉच: ऐसी ऐप्पल वॉच जिनमें watchOS के 27.2 से पुराना वर्जन चल रहा है। इसमें Apple Watch Series 9 और उसके बाद के नए मॉडल शामिल हैं।

– ऐप्पल TV: tvOS के 27.2 से पुराने वर्जन पर चलने वाले डिवाइस, जिनमें ऐप्पल TV 4K (सेकंड जेनरेशन और उसके बाद के मॉडल) शामिल हैं।

– ऐप्पल विजन प्रो: 27.2 से पहले के विजनओएस वर्जन पर चलने वाले हेडसेट।

– सफारी: वे ब्राउजर जो macOS Sequoia और macOS Tahoe वाले कंपैटिबल मैक्स पर 27.2 से पुराना वर्जन चला रहे हैं।

किसी डिवाइस पर उपलब्ध सॉफ्टवेयर ब्रांच उसके मॉडल और कम्पैटिबिलिटी पर निर्भर करता है। यूजर्स को यह नहीं मानना चाहिए कि हर ऐप्पल प्रोडक्ट पर एक ही अपडेट चल सकता है, बल्कि उन्हें अपने डिवाइस पर लगे वर्जन को जरूर चेक करना चाहिए।

सुरक्षित रहने के लिए यूजर्स को क्या करना चाहिए?

CERT-In की चेतावनी उन खामियों पर है जिनसे हमलावर कोड चला सकते हैं, ज्यादा एक्सेस हासिल कर सकते हैं, संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं या सुरक्षा को बायपास कर सकते हैं। एडवाइजरी में मेमोरी करप्शन, बफर ओवरफ्लो, आउट-ऑफ-बाउंड्स रीड/राइट और रेस कंडीशन जैसी समस्याएं बताई गई हैं। हमलावर यूजर से खास बनाए गए गलत कंटेंट को खुलवाकर या कमजोर सिस्टम हिस्सों को टारगेट करके इनका फायदा उठा सकता है। इससे डिवाइस की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है या सिस्टम क्रैश हो सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN