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1.6 लाख निवेशकों की बढ़ी टेंशन! ₹267 करोड़ की डील के बाद भी 10% टूट गया ये स्टॉक

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Source :- LIVE HINDUSTAN

जीनस पावर (Genus Power) के शेयरों में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। कंपनी के शेयर करीब 10% तक टूट गए, जब प्री-ओपन ब्लॉक डील विंडो में लगभग 88 लाख शेयरों (करीब 2.9% हिस्सेदारी) का बड़ा सौदा हुआ। इस डील का कुल मूल्य लगभग ₹268 करोड़ रहा और शेयरों का औसत भाव ₹285.8 प्रति शेयर था। हालांकि, कंपनी ने आधिकारिक तौर पर खरीदार और विक्रेता का नाम नहीं बताया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इस ब्लॉक डील में सिंगापुर की सरकारी निवेश कंपनी GIC (Chiswick Investment के जरिए) अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचने वाला पक्ष हो सकता है। वहीं, दूसरी ओर कुछ हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) निवेशकों के इस डील में खरीदार होने की चर्चा है। इसी खबर के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी और शेयर में तेज गिरावट दर्ज हुई।

मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार Genus Power में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 39.34% है। सार्वजनिक निवेशकों में GIC की हिस्सेदारी 15.11% थी, जबकि करीब 1.6 लाख छोटे रिटेल निवेशकों के पास कंपनी के लगभग 16% शेयर हैं। इसके अलावा बड़े रिटेल निवेशकों के पास लगभग 14.97% हिस्सेदारी है, जिनमें विकास कोठारी, अजय उपाध्याय और आकाश भंसाली जैसे निवेशकों के नाम शामिल हैं। म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी करीब 2.92% है, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड का है। इतनी बड़ी हिस्सेदारी बिकने की खबर से बाजार में यह संदेश गया कि बड़े निवेशक अपने पोर्टफोलियो में बदलाव कर रहे हैं, जिससे शेयर पर दबाव बढ़ गया।

हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि ब्लॉक डील का मतलब हमेशा कंपनी के कारोबार में कमजोरी नहीं होता। कई बार बड़े निवेशक मुनाफा बुक करने, पोर्टफोलियो रीबैलेंस करने या निवेश अवधि पूरी होने के कारण हिस्सेदारी बेचते हैं। ऐसे मामलों में शेयर पर अल्पकालिक दबाव जरूर आता है, लेकिन अगर कंपनी के फंडामेंटल मजबूत हों तो लंबी अवधि में शेयर फिर से रिकवर कर सकता है।

जीनस पावर (Genus Power) के लिए एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया है। हाल ही में नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) को अतिरिक्त ₹30,000 करोड़ का निवेश आवंटित किया गया है। इस फंड का उपयोग नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट मीटरिंग जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। जीनस पावर (Genus Power) देश की प्रमुख स्मार्ट मीटर निर्माता कंपनियों में शामिल है और सरकार की बिजली वितरण सुधार योजनाओं से कंपनी को भविष्य में नए ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। इसलिए कई विश्लेषक मानते हैं कि मौजूदा गिरावट केवल ब्लॉक डील की वजह से आई है, न कि कंपनी के बिजनेस मॉडल में किसी कमजोरी के कारण।

मंगलवार के कारोबार में शेयर लगभग ₹288-289 के आसपास कारोबार करता दिखा और इस गिरावट के साथ 2026 में अब तक का रिटर्न भी निगेटिव हो गया। निवेशकों के लिए यह समय घबराने के बजाय कंपनी के ऑर्डर बुक, स्मार्ट मीटर बिजनेस और आने वाले तिमाहियों के नतीजों पर नजर रखने का हो सकता है। अगर कंपनी मजबूत प्रदर्शन जारी रखती है, तो ब्लॉक डील से आई यह गिरावट आगे चलकर निवेशकों के लिए अवसर भी साबित हो सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN