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’11 साल की बच्चियों से लेकर 70 साल की औरतों को जरूर खाना चाहिए सोया साग’, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें कैसे खाएं?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने सोया साग खाने के फायदे शेयर किये हैं। साथ ही बताया कि इसे खाने का सही तरीका क्या है और पकाते वक्त कौन सी गलतियां ना करें। 

हरा साग खाना सेहत के लिए अच्छा होता है। हरी पत्तेदार सब्जियां पालक, मेथी, चौलाई खाने की सलाह तो कई बार मिलती है। लेकिन इन सब हरी सब्जियों से ज्यादा फायदेमंद है सोया, जी हां सोया के हरे पत्ते न्यूट्रिशन से भरपूर होते हैं और खासतौर पर महिलाओं को इसका सेवन जरूर करना चाहिए। न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने इसके फायदे शेयर करने के साथ बताया कि 11 साल की बच्चियों लेकर 70 साल की महिलाओं को सोया साग जरूर खाना चाहिए। सोया की पत्तियों में ढेर सारे न्यूट्रिशन होते हैं, जो महिलाओं की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं और पीरियड्स, हैवी ब्लीडिंग की वजह से होने वाले एनीमिया से भी बचाते हैं। जानें न्यूट्रिशनिस्ट ने क्यों बताया कि महिलाओं को क्यों खाना चाहिए सोया साग।

आयरन से भरपूर होता है सोया साग

सोया के पत्तों में भरपूर मात्रा में आयरन होता है। लगभग 6.6 ग्राम आयरन लगभग सौ ग्राम सोया की पत्तियों में होता है। इसलिए जिन लड़कियों और महिलाओं को पीरियड्स आते हैं उन्हें सोया साग खाने से आयरन भरपूर मिलता है।

इंसुलिन रेजिस्टेंस में फायदेमंद

जिन महिलाओं को पीसीओएस के साथ इंसुलिन रेजिस्सेंटस की समस्या है उनके लिए सोया की पत्तियों में पाए जाने वाले क्लोरोजेनिक एसिड बॉडी के इंसुलिन सिग्नल और ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म को बेहतर क रने में मदद करता है।

पीरियड के दर्द में आराम

जिन भी लेडीज को पीरियड्स के दौरान तेज दर्द का सामना करना पड़ता है,उन्हें सोया की पत्तियों को किसी ना किसी तरह डाइट में शामिल करना चाहिए। फिर वो चाहे सोया के बीजों की चाय पिएं या फिर सोया की पत्तियों से बनी चटनी खाएं। इन पत्तियों में मौजूद तत्व मसल्स को रिलैक्स करते हैं।

फर्टिलिटी की समस्या और पोस्टपार्टम दोनों में काम करता है

अगर आप उन महिलाओं में से हैं जो कंसीव करना चाहती हैं या फिर उन महिलाओं में जिन्होंने अभी बेबी को जन्म दिया है, दोनों ही कंडीशन में महिलाओं को सोया के पत्तों को जरूर खाना चाहिए। आयरन के साथ ही इन पत्तियों में फोलिक एसिड की मात्रा हाई होती है, इसीलिए ये ना केवल फर्टिलिटी को इंप्रूव करता है बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास में भी मदद करता है।

ब्रेस्टफीडिंग मॉम के लिए फायदेमंद

जो महिलाएं बच्चे को दूध पिलाती हैं उन महिलाओं को सोया साग खाना चाहिए। ये बच्चे के जन्म के बाद मां के शरीर की रिकवरी तेजी से करने में मदद करता है और लेक्टेशन की क्षमता को बढ़ाता है।

पेरिमेनोपॉज वुमन को जरूर खाना चाहिए

वो महिलाएं जो पेरिमेनोपॉज के दौर से गुजर रही हैं और अलग-अलग तरह की समस्याओं जैसे मूड स्विंग्स, नींद में कमी, हॉट फ्लैशेज, इररेगुलर पीरियड्स, ब्रेन फॉग और बोन डेंसिटी से जूझ रही हैं, उन्हें सोया साग का सेवन करना चाहिए। सोया साग खाने से शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल बैलेंस रहता है और साथ हड्डियों को मजबूत करता है क्योंकि इसमे कैल्शियम की मात्रा भी होती है।

न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया कैसे खाएं सोया साग

सोया साग के इतने सारे फायदों को जानने के बाद न्यूट्रिशनिस्ट से इसको खाने का सही तरीका भी जान लेना चाहिए। न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक सोया साग को सप्ताह में दो बार डाइट में खाना चाहिए। ताजे हरे पत्तों को फ्रेशली कुक करके सप्ताह के दो दिन में खा सकते हैं।

सोया साग खाने का सही तरीका

सोया साग को खाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे इसके हेल्दी तत्व बॉडी को मिल सकें।

1- आयरन अब्जॉर्प्शन के लिए सोया के पत्तों को अच्छी तरह से धोकर पकाकर सब्जी बनाएं और उसमे थोड़ा सा नींबू का रस डालें। विटामिन सी प्लांट बेस्ट आयरन को अब्जॉर्ब करने में मदद करता है।

2- सोया साग को प्रोटीन रिच फूड्स के साथ मिलाकर खाने से शरीर को पूरे मिनरल्स मिलते हैं, जैसे सोया साग को मूंग दाल, चना दाल या बेसन के साथ मिलाकर खाएं। जिससे फाइबर, प्रोटीन दोनों ही मिल सके।

3- चटनी या रायता में सोया साग के ताजे पत्तों को मिलाकर खाने से इसमे मौजूद विटामिन सी और फोलेट दोनों पककर खत्म नहीं होते और शरीर को मिल पाता है। धनिया की चटनी में सोया साग को डालकर खाएं या फिर रायता में मिलाएं।

4- डाइट में खाने का तरीका- अगर आप सोया साग को फायदे के लिए खाना चाहती हैं तो इसे ब्रेकफास्ट में बेसन का चीला, थेपला या मल्टीग्रेन रोटी के साथ खाएं, दही के साथ खाने से प्रोटीन भी मिलता है और कैल्शियम भी।

5- सोया साग को रोजाना खाने के लिए आप दाल, खिचड़ी या आलू की सब्जी के साथ खा सकती हैं।

सोया पकाते समय ना करें ये गलती

  • सोया की कुकिंग के समय इनकी पत्तियों को बहुत ज्यादा देर तक ना पकाएं, हीट सेंसेटिव होने की वजह से विटामिन खत्म होने लगते हैं।
  • जब भी सोया को पकाना हो तो इसे काटकर लंबे टाइम तक खुला ना छोड़ दें। जब भी पकाना हो तो धोकर रखे रहें और पकाने के टाइम पर ही कटिंग करें।
  • सोया की पत्तियों की सॉफ्ट डंठल को फेंके नहीं ये भी खाने के लिए फायदेमंद होती है।

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