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वेदांत

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सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) में 12वीं कक्षा के छात्र वेदांत श्रीवास्तव की फिजिक्स आंसर शीट को लेकर खूब विवाद हुआ जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर भी हुई.

वेदांत ने आरोप लगाया था कि री-इवैल्यूशन प्रोसेस के तहत उन्होंने जो स्कैन कॉपी डाउनलोड की वो उनकी नहीं किसी और की थी.

इस विवाद के बाद वेदांत को जहां कई लोगों ने सपोर्ट किया, वहीं उनकी ट्रोलिंग भी हुई और उनको कई लोगों ने एंटी नेशनल तक कहा.

लेकिन अब इस विवाद में सीबीएसई ने अपनी ग़लती मानते हुए बताया कि वेदांत को उनकी सही आंसर शीट भेज दी गई है.

सीबीएसई ने सोमवार रात को एक एक्स पोस्ट में लिखा, “डियर वेदांत, फिजिक्स आंसर शीट को लेकर जो आपकी चिंता थी उस पर हमारा ध्यान दिलाने के लिए धन्यवाद. समीक्षा के बाद मामले की जांच कर ली गई है और आपकी आंसर शीट की सही कॉपी आपके रजिस्टर्ड ईमेल पते पर भेज दी गई है. साथ ही, आवश्यकता अनुसार आपके परिणाम को अपडेट करने की प्रक्रिया भी की जा रही है. हम आपके धैर्य की सराहना करते हैं और आपको अपने निरंतर सहयोग का आश्वासन देते हैं.”

सीबीएसई की बिल्डिंग

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समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए वेदांत के भाई सिद्धांत श्रीवास्तव ने कहा, “वेदांत अपने फिजिक्स के रिज़ल्ट से संतुष्ट नहीं था. हमने फिजिक्स के साथ मैथ्स, इंग्लिश और सोशल साइंस के री-इवैल्यूशन के लिए भी अप्लाई किया था. जब हमने स्कैन कॉपी देखी तो पाया फिजिक्स की आंसर शीट उसकी कॉपी से मैच नहीं कर रही थी.”

सिद्धांत ने बताया कि अपनी बात सही तरीके से रखने के लिए उन्होंने इस मामले के बारे में सीबीएसई को ईमेल किया, एक्स पर पोस्ट किया और इंस्टाग्राम पर वीडियो भी डाला.

सिद्धांत ने कहा, “हमारी ये पोस्ट वायरल हो गई लेकिन कई लोगों ने हमें बहुत ट्रोल किया. हमें पाकिस्तानी तक कह दिया. कई न्यूज़ एंकर तक ने बिना वेरीफ़ाई किए हमें पाकिस्तानी कहना शुरू कर दिया.”

सिद्धांत ने कहा कि अब मामले के सुलझ जाने से वो ख़ुश हैं. वो कहते हैं कि सरकार को ग्राउंड लेवल से ही सारी कमियां दुरुस्त करनी चाहिए और छात्रों का साथ देना चाहिए.

क्या है पूरा विवाद

राहुल गांधी ने वेदांत मामले में बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी-प्रधान की जोड़ी ने एक और संस्था को धांधली का प्रतीक बना दिया

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दरअसल, सीबीएसई की ओर से 12वीं का रिज़ल्ट जारी होने के बाद कुछ छात्रों ने ने ऑनस्क्रीन मार्किंग यानी ‘ओएसएम’ की वजह से कम नंबर दिए जाने का आरोप लगाया था.

ऐसा ही छात्र वेदांत के साथ हुआ, इसलिए उन्होंने री-इवैल्यूएशन प्रोसेस के तहत स्कैन कॉपी डाउनलोड की. इसके बाद वेदांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि डाउनलोड की गई कॉपी उनकी नहीं है, इससे उनकी हैंडराइटिंग भी मैच नहीं हो रही है.

उन्होंने लिखा, “मैं सीबीएसई कक्षा 12वीं का छात्र हूं. फिज़िक्स में उम्मीद से बहुत कम अंक आने के बाद हमने सीबीएसई री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के तहत मैंने आंसर शीट की फोटोकॉपी के लिए आवेदन किया. आज हमें कॉपियां मिलीं. मैं बहुत दुखी हूं क्योंकि सीबीएसई की ओर से अपलोड की गई फिज़िक्स की आंसर शीट मेरी नहीं है.”

वेदांत पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने वेदांत की प्रोफाइल के स्क्रीनशॉट शेयर किए. इसमें आरोप लगाए गए कि वेदांत का अकाउंट पाकिस्तान से संचालित हो रहा है. वेदांत को ‘एंटी-नेशनल’ तक कह दिया गया.

इस मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी भी आई. उन्होंने कहा कि 17 साल का बच्चा न्याय की उम्मीद में सोशल मीडिया पर आया, लेकिन बीजेपी ने उसे ‘देशद्रोही’ बताया दिया.

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “मोदी-प्रधान की जोड़ी ने एक और संस्था को धांधली का प्रतीक बना दिया. दशकों में पहली बार सीबीएसई बोर्ड परीक्षा पर इतने गंभीर सवाल उठे हैं. 18.5 लाख बच्चों ने परीक्षा दी और एक हफ़्ते से ओएसएम, ग़लत मार्किंग और जांच की गड़बड़ी की शिकायतें अनसुनी पड़ी हैं और शिक्षा मंत्री अपनी कुर्सी से चिपके हुए हैं.”

उन्होंने आगे लिखा, “एक 17 साल का बच्चा, जिसकी कॉपी ग़लत जाँची गई, न्याय की उम्मीद में सोशल मीडिया पर आया. मगर उसे मदद नहीं, गालियाँ मिलीं – बीजेपी के आईटी सेल ने उसे एंटी-नेशनल कहा, सोरोस का एजेंट कहा, डीप स्टेट का हिस्सा कहा. एक 17 साल का बच्चा अपने भविष्य के लिए आवाज़ उठाता है और यह बीजेपी उसे देशद्रोही बना देती है.”

शिवसेना नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि छात्र (वेदांत) का समर्थन करने के बजाय कुछ लोग उसको ‘पाकिस्तानी’ कह रहे हैं.

उन्होंने एक्स पर लिखा, “अभी-अभी इस छात्र की परेशानी और सरकारी समर्थकों की टिप्पणियां पढ़ीं. सोचिए उस छात्र का स्टेटस लेवल क्या होगा, जो गंभीर गड़बड़ियों को साझा कर रहा है. लेकिन उसका समर्थन करने के बजाय कुछ लोग उसे पाकिस्तानी कह रहे हैं. शर्म आनी चाहिए उन लोगों को जो एक छात्र पर और मानसिक दबाव डाल रहे हैं, सिर्फ इसलिए कि वे एक नाकाम शिक्षा मंत्री और उतने ही नाकाम अफ़सरों का बचाव करना चाहते हैं.”

ट्रोलिंग हुई थी

वेदांत के एक्स अकाउंट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिनमें उसकी लोकेशन ‘साउथ एशिया’ दिखाई गई है. इसी का ज़िक्र करते हुए 17 वर्षीय वेदांत को कई लोगों ने ‘पाकिस्तानी’ कहकर ट्रोल कर दिया.

डीडी न्यूज़ के एंकर अशोक श्रीवास्तव ने वेदांत की प्रोफ़ाइल का स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए लिखा था, “क्या पाकिस्तानियों ने भी सीबीएसई के एग्ज़ाम्स दिए हैं?”

हालांकि, जब सीबीएसई ने वेदांत की शिकायत को सही माना तो अशोक श्रीवास्तव ने वेदांत और उनके परिवार से माफ़ी मांगी.

उन्होंने एक्स पर लिखा, “अभी जानकारी मिली है कि वेदांत नाम का स्टूडेंट वास्तव में एक छात्र है. हालांकि उसके ट्वीट की लोकेशन भारत से बाहर की क्यों दिखाई जा रही है इसकी पर्याप्त जानकारी अभी भी नहीं मिली है.”

उन्होंने आगे लिखा, ” मैं अपना पुराना ट्वीट डिलीट कर रहा हूं और वेदांत और उनके परिवार के बारे में जो ग़लत जानकारी फैलाई गई उसके लिए मैं उनसे माफ़ी भी मांगता हूं.”

अशोक श्रीवास्तव ने लिखा, “लेकिन अभी भी उम्मीद करता हूं कि अकाउंट के लोकेशन की सही जानकारी मिले तो मामला और ज़्यादा स्पष्ट होगा.”

हालांकि, वेदांत के भाई सिद्धांत श्रीवास्तव ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “ट्विटर में कुछ तकनीकी ख़राबी के कारण हम लोकेशन नहीं बदल पा रहे हैं.”

सिद्धांत श्रीवास्तव ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, “हमारे एक्स अकाउंट की लोकेशन साउथ एशिया दिखा रही थी, इसलिए हमें पाकिस्तानी कहकर ट्रोल कर दिया गया.”

उन्होंने कहा, “मैंने तो यही पढ़ा है कि साउथ एशिया में पाकिस्तान के अलावा भारत, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका भी आते हैं. बड़े एंकर्स ने भी इसको बग़ैर वेरीफ़ाई किए हुए हमें ट्रोल किया.”

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