Source :- LIVE HINDUSTAN
आने वाले दिनों में नौकरीपेशा लोगों को अपने पीएफ की रकम को निकालना आसान होगा। एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) को उम्मीद है कि नौकरीपेशा लोगों की ओर से PF निकालने के लिए किए गए ज्यादातर नए क्लेम उसी दिन या ज्यादा से ज्यादा दो दिनों में सेटल हो जाएंगे। कहने का मतलब है कि 24 से 48 घंटे में पीएफ की क्लेम की गई रकम मिल जाएगी।
क्या कहा अधिकारी ने?
EPFO के सेंट्रल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर (CPFC) रमेश कृष्णमूर्ति ने बताया कि रिटायरमेंट फंड बॉडी ने क्लेम सेटलमेंट का अपना लगभग सारा बैकलॉग खत्म कर लिया है। रमेश कृष्णमूर्ति ने कहा, “नए सिस्टम में हम 90 प्रतिशत तक ऑटो-सेटल क्लेम देख रहे हैं। हमें उम्मीद है कि सदस्यों द्वारा किए गए ज्यादातर क्लेम या तो उसी दिन या दो दिनों में सेटल हो जाएंगे।” बता दें कि अब तक EPFO के पास ऑनलाइन किए गए क्लेम आमतौर पर KYC पूरा होने के बाद सात से 10 वर्किंग दिनों में सेटल होते थे। कई बार लोगों को अपने ही पीएफ रकम के लिए 15 दिन तक का इंतजार करना पड़ता था।
UPI के जरिए क्लेम सैटलमेंट शुरू होगा
कृष्णमूर्ति ने यह भी घोषणा की कि EPFO, BHIM ऐप के जरिए प्रोविडेंट फंड क्लेम सैटलमेंट की सुविधा शुरू करेगा, जिससे नौकरीपेशा लोगों के UPI-लिंक्ड बैंक खातों में सीधे क्लेम की रकम जमा हो सकेगी। उम्मीद है कि यह सिस्टम लगभग एक महीने में लागू हो जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या EPF की ब्याज दर मौजूदा 8.25% से बढ़ाई जा सकती है तो कृष्णमूर्ति ने कहा कि किसी भी संभावित बढ़ोतरी पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगी।
उन्होंने कहा, “इस समय हमने पहले ही रकम जमा कर दी है और यह EPFO के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। हमने 8.25 प्रतिशत की दर से लगभग 1.44 लाख करोड़ रुपये ब्याज के तौर पर ट्रांसफर किए। मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ी बात है।” हाल ही में सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज देने को मंजूरी दी थी। पहले सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ब्याज भुगतान की प्रक्रिया अक्टूबर-नवंबर में पूरी होती थी।
इसके अलावा, केंद्रीकृत आईटी आधारित सेवाएं (सीआईटीईएस) लागू करने का ऐलान हुआ। सरकार के मुताबिक पहले ईपीएफओ की व्यवस्था विकेंद्रीकृत थी और प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय का अलग डेटाबेस था। अब सभी सदस्य अभिलेखों को एक केंद्रीकृत डेटाबेस में स्थानांतरित कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत सदस्य अब देश में किसी भी अधिकृत केंद्र से सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह व्यवस्था बैंकिंग सेवाओं की तरह होगी, जहां ग्राहकों को किसी विशेष शाखा में जाने की आवश्यकता नहीं होती।
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