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2 साल में एक ही फिल्म क्यों करती हैं श्रद्धा कपूर, एक्ट्रेस बोलीं- ये काफी छोटी सोच है कि…

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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श्रद्धा कपूर पिछले कुछ समय से साल में एक बार या 2 साल में एक फिल्म कर रही हैं। अब श्रद्धा कपूर ने इसकी वजह भी बताई है। श्रद्धा की बात सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे।

श्रद्धा कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म फिल्म ईठा का ट्रेलर रिलीज हो गया है जो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है और इसे काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। शुक्रवार को ट्रेलर रिलीज हुआ और इस दौरान श्रद्धा ने फिल्म को लेकर खूब बात की। इसके अलावा श्रद्धा ने यह भी बताया कि क्यों वह 2 साल में एक ही फिल्म करती हैं।

ईठा फिल्म को लक्ष्मण उत्तेकर ने डायरेक्ट किया है और दिनेश विजन ने प्रोड्यूस किया है। दिनेश के साथ यह उनकी तीसरी फिल्म है। इससे पहले दोनों 2 सुपरहिट फिल्म स्त्री और स्त्री 2 में काम कर चुके हैं।

2 साल में क्यों फिल्म करती हैं श्रद्धा

श्रद्धा ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि मैंने कोई रिकॉर्ड तोड़ा है या मैंने कुछ बॉक्स ऑफिस में कुछ किया है। मैंने कुछ नहीं किया है। मेरे लिए मैटर करता है कि फिल्म अच्छी हो। यही वजह है कि मैं कभी-कभी 2 साल में एक पिक्चर आ जाती है मेरी।’

फिल्मों को जेंडर के बेसिस पर डिवाइड करना छोटी सोच

श्रद्धा ने आगे कहा, ‘मुझे कभी नहीं लगता कि वुमन ओरिएंटेड या मेल ओरिएंटेड फिल्में। हमारी इंडस्ट्री को अच्छी स्टोरीज चाहिए और ऐसी स्टोरीज बनानी चाहिए। मुझे लगता है ये काफी छोटी सोच है फिल्मों को जेंडर के बेसिस पर डिवाइड करना। फिल्म की सक्सेस इन्सिडेन्टल है ना कि ये किसी के हाथ में होता है।’

ईठा करके श्रद्धा को गर्व

श्रद्धा ने फिर कहा, ‘मैं ईठा करके काफी खुश हूं और मुझे इस पर गर्व है।’

बता दें कि ईठा महाराष्ट्र ट्रेडिशनल तमाशा और लावणी डांस फॉर्म और विठाबाई नारायणगांवकर की लाइफ पर बनी है। ईठा एक ऐसी महिला की कहानी बताती है जिन्होंने परंपराओं को तोड़ा और कई कठिनाइयों का सामना करते हुए इतिहास बनाया।

श्रद्धा को लग गई थी चोट

श्रद्धा ने डायरेक्टर लक्ष्मण को क्रेडिट दिया उन्हें ट्रेडिशनल डांस सिखाने के लिए। वह बोलीं, ‘तैयारी के दौरान एक एक्सीडेंट हो गया था। मेरे पैर की मांसपेशी फट गई थी और शूट रुक गया था, लेकिन टीम काफी सपोर्टिव थी और मुझे पूरा सपोर्ट मिला।’

लक्ष्मण ने कहा कि उन्होंने एक वर्कशॉप ऑर्गेनाइज की थी दिग्गज लावणी आर्टिस्ट शकुंतली नागरकर के साथ जिन्होंने हमें ना सिर्फ डांस सिखाया बल्कि इसे समझाया।

निर्देशक ने कहा कि यह फिल्म सिर्फ मशहूर तमाशा कलाकार विठाबाई की बायोपिक नहीं बल्कि एक ऐसी कहानी है जो सभी लोक कलाकारों के सफर को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि यह योगिराज बागुल द्वारा लिखी गई बुक तमाशा विथाबाई चा आयुष्याचा से प्रेरित है।

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