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45 सेकेंड में हो सकता है बच्चों का किडनैप! सुरक्षित रहने के लिए जरूर सिखायें 5 सेफ्टी रूल्स

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Source :- LIVE HINDUSTAN

बच्चे की सुरक्षा चाहते हैं तो इन 5 सेफ्टी रूल्स की जानकारी जरूर रखें। कुछ बातें बच्चों को सिखाएं और कुछ खुद भी सीखें। किसी भी शातिर अपराधी को बच्चा किडनैप करने में कुछ ही सेकेंड लगते हैं और ये रूल्स आपके बच्चे को सुरक्षित करने में मदद करता है।

किसी बच्चे को किडनैप करना बदमाश और शातिर लोगों के लिए कुछ सेंकेड का खेल होता है। जरा सी चूक और एक बच्चे के साथ पूरी फैमिली बर्बाद हो जाती है। लेकिन आपकी थोड़ी सी सजगता आपके बच्चे को हमेशा सुरक्षित रख सकती है। जैसे आप अपने बच्चे को संस्कार सिखाते हैं, अलग-अलग एक्टीविटीज में पार्टीसिपेट करना सिखाते हैं, उसी तरह से बच्चे को सुरक्षित रहने के बारे में भी जरूर सिखाएं। बच्चे जब बड़े होने लगते हैं तो उन्हें स्कूल भेजने के साथ ही आप पार्क, सोसाइटी में खेलने के लिए भेजते हैं और वो अकेले ही आसपास की जगहों को एक्सप्लोर करते हैं। ऐसे में इन बड़े होते बच्चों को ये 5 बातें सिखाते हैं तो उनकी सुरक्षा के चांस बढ़ जाते हैं। जानें सेफ्टी से जुड़े 5 रूल्स जिन्हें बच्चे को जरूर सिखाना चाहिए।

बच्चों को जरूर सिखाएं ये 5 रूल्स

बच्चे की सेफ्टी के लिए ये 5 रूल्स जरूर पता होने चाहिए।

1- फोटो रूल्स

हर हफ्ते अपने बच्चे की एक फोटो जरूर खींचे। बच्चे हर दिन बढ़ते हैं और उनके अपीयरेंस चेंज होते हैं। बच्चे की हाइट कितनी है, कोई नया निशान, बच्चे ने क्या पहना है, ये सब बातें फोटो में दिख जाती है। अगर दुर्भाग्य से बच्चा हो जाए और फोटो छह महीना पुरानी हुई तो पुलिस ऐसे बच्चे को ढूंढते हैं, जो अब वैसा दिखता ही नहीं। इसलिए फोटो रूल्स हर पैरेंट्स को फॉलो करना चाहिए।

2- बहकाने वाले अंकल या आंटी से रहें दूर

बच्चों को जरूर सिखाएं कि जो अंकल या आंटी तरह-तरह की बातें करते हैं उनसे दूर रहें। बच्चे को हमेशा याद कराएं जो असली बड़े लोग होते हैं वो कभी भी छोटे बच्चों से मदद नहीं मांगते। कोई अंकल-आंटी या कोई भी बुजुर्ग बोले कि मेरे पप्पी, कैट को खोजने में मदद कर दो, या बोले मेरा सामान गाड़ी तक पहुंचा दो, चलो चॉकलेट दिलाएं या बोले कि मम्मी ने बुलाया है चलो मैं ले चलूं तो ऐसे लोगों से दूर रहें। असली बड़े लोग जिन्हें मदद की जरूरत होती है वो अपने बराबर या बड़े लोगों से मदद मांगते हैं। छोटे बच्चों से मदद नहीं मांगी जाती।

3- बाथरूम रूल

पब्लिक बाथरूम में बच्चे को कभी भी अकेला ना छोड़ें। बाथरूम के आसपास कभी भी कैमरे नहीं होते और ना ही कोई देखने वाला होता है। ऐसे में बच्चे की सेफ्टी पर आंच आ सकती है। शातिर लोगों को वहीं कुछ सेकेंड की जरूरत होती है जब बच्चे के आसपास कोई ना हो और ना ही कोई देखने वाला।

4- चिल्लाने का सही तरीका

बच्चे को मदद मांगने और चिल्लाने का सही तरीका जरूर सिखाएं। बच्चे को हेल्प-हेल्प या बचाओ-बचाओ चिलाना ना सिखाएं। उसे सिखाएं ‘ये मेरे मम्मी-पापा नहीं है’बच्चा जब ऐसे चिल्लाता है तो तमाशा देखने वाले लोग ही मदद के लिए आगे आते हैं।

5- बच्चे को बाहर का रास्ता दिखाएं

बच्चे के साथ बाहर जा रहे हैं किसी थिएटर, मॉल, मेला तो उसे एक्जिट का रास्ता जरूर दिखाएं। और बताएं कि अगर हमसे बिछड़ जाए तो एक्जिट वाली जगह पर जाकर खड़ा हो जाए। और किसी ऐसी आंटी से मदद मांगे जिसके पास बच्चे हों। उससे बोलें कि मैं अपनी मम्मी-पापा से बिछड़ गया हूं। बच्चों वाली मां बच्चे को अकेला नहीं छोड़ेगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN