Source :- LIVE HINDUSTAN
PM Vishwakarma Scheme: नरेंद्र मोदी सरकार की कई योजनाएं हैं जिसमें लोगों को कर्ज देकर आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की जा रही है। ऐसी ही एक योजना- पीएम विश्वकर्मा भी है। इस योजना में कारीगरों को ₹3 लाख तक का बिना गारंटी लोन मिल रहा है। इस लोन पर लाभार्थी को केवल 5 प्रतिशत वार्षिक रियायती ब्याज देना होता है जबकि शेष ब्याज पर सरकार बैंकों को सब्सिडी प्रोवाइड करती है। आइए डिटेल में योजना के बारे में जान लेते हैं।
योजना में कौन लोग शामिल?
पीएम विश्वकर्मा योजना में 18 पारंपरिक व्यापार को शामिल किया गया है। इनमें कार्पेंटर(सुतार/बढ़ई), लोहार, नाव निर्माता, कवच निर्माता, हथौड़ा और टूल किट निर्माता, ताला बनाने वाला भी शामिल है। सुनार, मूर्तिकार(पत्थर तराशने वाला, मिट्टी के बर्तन बनाने वाला(कुम्हार) और मोची/ जूते बनाने वाले को भी शामिल किया गया है। वहीं, टोकरी/ चटाई/ झाड़ू बनाने वाले/ जूट बुनकर, राजमिस्त्री, नाई, माला बनाने वाला (मालाकार) और कपड़े धोने वाला (धोबी) को भी योजना के दायरे में लाया गया है। टेलर (दर्जी), मछली पकड़ने का जाल निर्माता और पारंपरिक गुड़िया और खिलौना निर्माता भी योजना में शामिल हैं।
3 लाख रुपये तक लोन
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पात्र कारीगरों और शिल्पकारों को 3 लाख रुपये तक का बिना गारंटी लोन उपलब्ध कराया जाता है। यह लोन दो चरणों में दिया जाता है। पहले चरण में लाभार्थी को 18 महीने की अवधि के लिए 1 लाख रुपये तक का लोन मिलता है। इसके बाद, दूसरे चरण में 30 महीने की अवधि के लिए लोन दिया जाता है। इस बार लाभार्थी को 2 लाख रुपये तक अतिरिक्त लोन दिया जाता है। इस लोन पर लाभार्थी को केवल 5 प्रतिशत वार्षिक रियायती ब्याज देना होता है जबकि शेष ब्याज पर सरकार बैंकों को सब्सिडी प्रोवाइड करती है।
मिलती हैं ये भी सुविधाएं
योजना के तहत रजिस्टर्ड कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड जारी किया जाता है, जिससे उन्हें आधिकारिक पहचान मिलती है। इसके अलावा सरकार द्वारा नामित प्रशिक्षण केंद्रों में स्किल अपग्रेडेशन ट्रेनिंग भी कराया जाता है। आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए लाभार्थियों को ₹15,000 तक का टूलकिट प्रोत्साहन ई-वाउचर के रूप में दिया जाता है।
पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को कुछ योग्यता की जरूरत है। उदाहरण के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और वह किसी पारंपरिक व्यवसाय में स्वरोजगार कर रहा हो। आवेदन केवल पीएम विश्वकर्मा के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाते हैं।
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