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5 रुपये में बिक रहा है आपका मोबाइल नंबर, लोन कंपनियों से लेकर साइबर अपराधी तक खरीद रहे

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Source :- LIVE HINDUSTAN

साइबर दुनिया में आपकी पहचान बिक रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पांच रुपये में मोबाइल नंबर, 500 से 800 तक में सत्यापित आधार नंबर थर्ड पार्टी एजेंट से कंपनियां और साइबर अपराधी खरीद लेते हैं।

पटना ब्यूरो

डिजिटल उपयोग बढ़ने के साथ ही इससे जुड़े खतरे भी बढ़े हैं। साइबर दुनिया में आम आदमी पहचान उनके मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, तस्वीर आदि के माध्यम से बिकने लगी है। साइबर सुरक्षा इकाई की जांच में पता चला है कि इंश्योरेंस और लोन बेचने वाली कंपनियों से लेकर साइबर अपराधी तक इस पहचान को खरीद कर लोगों को आर्थिक, सामाजिक व मानसिक रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं। शातिर पांच रुपये में मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी और 500 से 800 रुपये में सत्यापित आधार नंबर थर्ड पार्टी एजेंट से खरीद रहे हैं।

कैसे लीक हो रहा है डेटा

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, आम आदमी की पहचान लीक होने के दो प्रमुख तरीके हैं। पहला, व्यक्ति अपनी संवेदनशील डिजिटल पहचान सार्वजनिक रूप से उजागर कर रहा है और दूसरा, थर्ड पार्टी वेबसाइट और ऐप पर दर्ज उनका डेटा लीक हो रहा है।

आधार का सुरक्षित इस्तेमाल जरूरी

साइबर सुरक्षा इकाई के मुताबिक, किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान आधार का सुरक्षित इस्तेमाल जरूरी है। हाल के दिनों में आधार अपडेट कराने, सरकारी योजनाओं में आवेदन या सिम खरीद के दौरान थर्ड पार्टी एजेंट द्वारा आधार का गलत इस्तेमाल कर आपराधिक कृत्य किए गये। विशेषज्ञों के मुताबिक, मोबाइल नंबर या ई-मेल के साथ नाम, पता, आधार नंबर और फोटो आईडी जुड़ने से साइबर ठग बैंक, वॉलेट, बीमा या अन्य सेवाओं के केवाईसी में छल, सिम स्वैप और विश्वसनीय ठगी कॉल करने में सक्षम हो रहे हैं। वहीं, लोन, इंश्योरेंस, चालान, केवाईसी, रिफंड या सरकारी योजना के नाम पर भेजे गये लिंक से लॉगिन, ओटीपी, आधार और बैंक विवरण चोरी हो रहे हैं।

प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें ऐप

मोबाइल पर कोई भी एप अधिकृत प्ले स्टोर से डाउनलोड करें और अपने कांटैक्ट, गैलरी, लोकेशन, मैसेज और माइक व कैमरे की अनावश्यक अनुमति देने से बचें। अनजान लिंक से आयी एपीके फाइल खोलने से बचें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN