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8वां वेतन आयोग और 18 सितंबर की डेडलाइन… केंद्रीय कर्मचारियों को जानना जरूरी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। यह इंतजार कितना लंबा होगा, ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन वेतन आयोग डेडलाइन तक सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपने की तैयारी में जुट गया है। यही वजह है कि वेतन आयोग की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में ताबड़तोड़ बैठकें की जा रही हैं। इसी कड़ी में वेतन आयोग की एक बैठक चंडीगढ़ में जारी है तो आने वाले महीने में बेंगलुरु में भी मंथन होगा। बेंगलुरु की बैठक में हिस्सा लेन के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों को 18 सितंबर यानी शुक्रवार तक आवेदन करना होगा। आइए डिटेल में इसके बारे में जान लेते हैं।

क्या है मामला?

दरअसल, वेतन आयोग 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु का दौरा करेगा। इस दौरान आयोग केंद्रीय कर्मचारियों से जुड़े संगठनों, संस्थानों, एसोसिएशनों और यूनियनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी मांगों और सुझावों पर चर्चा करेगा। वेतन आयोग ने एक नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि जो संगठन बेंगलुरु में आयोग के साथ बैठक करना चाहते हैं, उन्हें 18 सितंबर 2026 तक अपॉइंटमेंट के लिए अपना अनुरोध जमा करना होगा। कहने का मतलब है कि संगठनों के पास आवेदन करने के लिए 18 सितंबर तक का समय है।

किन लोगों को मिलेगा मौका?

बेंगलुरु में होने वाली इस बैठक में केंद्रीय सरकार से जुड़े संगठन, संस्थान, एसोसिएशन और यूनियन वेतन आयोग के सामने अपनी बात रख सकते हैं। खास तौर पर ऐसे संगठन जो केंद्रीय कर्मचारियों और अन्य संबंधित हितधारकों का प्रतिनिधित्व करते हैं, वे आयोग से मिलने के लिए अनुरोध कर सकते हैं।

बता दें कि केंद्रीय वेतन आयोग का गठन केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को किया था। आयोग को केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स और अन्य संबंधित वर्गों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों से जुड़े मामलों पर सिफारिशें देनी हैं। आयोग विभिन्न शहरों में जाकर कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से सुझाव ले रहा है। बेंगलुरु दौरे के दौरान भी आयोग इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।

कब तक लागू हो सकती हैं सिफारिशें?

वेतन आयोग की अगुवाई पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। इस आयोग में सदस्य-सचिव पंकज जैन (पूर्व IAS) और सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष (वित्त के प्रोफेसर और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य) शामिल हैं।

उम्मीद है कि आयोग अपने गठन (3 नवंबर 2025) के 18 महीनों के भीतर अपनी अंतिम सिफारिशों की घोषणा करेगा। इसका मतलब है कि रिपोर्ट सौंपने की आखिरी समय-सीमा मई 2027 है। इसके अलावा, पहले के रोलआउट के आधार पर, संभावना है कि सिफारिशों को दो साल की अवधि में, यानी 2029 या 2030 तक पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN