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8वें वेतन आयोग में डीए मर्जर होगा? सरकार का क्या है इरादा, समझें

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • वर्तमान में महंगाई भत्ता यानी DA कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के आधार पर दिया जाता है
  • फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत DA साल में दो बार संशोधित किया जाता है

8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) की सिफारिशों की प्रक्रिया अपने आखिरी दौर में है। वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स, कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव जुटा रहा है। इस बीच, महंगाई भत्ते यानी DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने और फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि, बीते दिनों केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल DA मर्जर का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे में कर्मचारियों की नजर अब आयोग की सिफारिशों और सरकार के अगले फैसलों पर टिकी है।

मर्जर की मांग क्यों कर रहे कर्मचारी?

दरअसल, महंगाई भत्ता यानी DA कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के आधार पर दिया जाता है। फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत DA साल में दो बार संशोधित किया जाता है। इसकी गणना औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आधार पर होती है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि DA को बेसिक सैलरी में शामिल किया जाए। उनका तर्क है कि बेसिक पे बढ़ने से केवल वेतन पर ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े दूसरे लाभों पर भी असर पड़ सकता है। इनमें मकान किराया भत्ता (HRA), पेंशन, ग्रेच्युटी और भविष्य निधि से संबंधित लाभ शामिल हैं।

टर्म्स ऑफ रेफरेंस में क्या है?

8वें वेतन आयोग के ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (ToR) में यह बताया गया है कि केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी आयोग की अंतिम सिफारिशों से क्या उम्मीद कर सकते हैं। पिछले साल केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर किए गए इस ToR में आयोग के काम का दायरा तय किया गया है और उन क्षेत्रों को स्पष्ट किया गया है, जिन पर आयोग को सिफारिशें देनी हैं। आयोग की सिफारिशों से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 65 लाख पेंशनर्स को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसमें रक्षा और रेलवे से जुड़े कर्मचारी तथा पेंशनर्स भी शामिल हैं।

18 महीने की डेडलाइन

टर्म्स ऑफ रेफरेंस के अनुसार, वेतन आयोग के गठन के 18 महीनों के भीतर (3 नवंबर 2025 तक) सिफारिशों की घोषणा की जानी चाहिए। इस तरह, रिपोर्ट सौंपने की अंतिम समय-सीमा मई 2027 है। वेतन आयोग की सिफारिशें आने के बाद, उन्हें पूरी तरह लागू होने में दो से तीन साल और लग सकते हैं। इसका मतलब यह है कि 2027 में घोषित की जाने वाली वेतन वृद्धि, 2029 या 2030 तक ही पूरी तरह से लागू हो पाएगी।

वेतन आयोग के बारे में

आठवें वेतन आयोग की अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई हैं। पैनल में सदस्य-सचिव के रूप में पूर्व IAS अधिकारी पंकज जैन और आयोग के सदस्य के रूप में प्रोफेसर पुलक घोष शामिल हैं। प्रोफेसर पुलक घोष फाइनेंस के प्रोफेसर हैं और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य भी हैं।

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