Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- 8th Pay Commission: 2.5, 3 और 3.5 में से किसी फिटमेंट फैक्टर को 8वां वेतन आयोग मान लेता है तो मौजूदा बेसिक पेंशन ₹25,000 से ₹75,000 पाने वाले पेंशनर्स की नई पेंशन कितनी हो सकती है? आइए गणित समझते हैं
करीब 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं। कर्मचारी संगठनों ने पेंशन बढ़ाने, फैमिली पेंशन में सुधार और महंगाई से राहत देने समेत कई मांगें आयोग के सामने रखी हैं। दूसरी ओर 2.5, 3 और 3.5 के संभावित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर पेंशन में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। अगर इन तीन में से किसी फिटमेंट फैक्टर को आयोग मान लेता है तो मौजूदा बेसिक पेंशन ₹25,000 से ₹75,000 पाने वाले पेंशनर्स की नई पेंशन कितनी हो सकती है? आइए गणित समझते हैं।
8वें वेतन आयोग में पेंशन का क्या होगा?
8वें वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी के साथ पेंशन में भी संशोधन की उम्मीद की जा रही है। खासकर पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत आने वाले रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए आयोग की सिफारिशें महत्वपूर्ण होंगी।
हालांकि, अभी तक सरकार ने पेंशन में बढ़ोतरी के लिए किसी फिटमेंट फैक्टर या नई पेंशन गणना को मंजूरी नहीं दी है। इसलिए 2.5, 3 और 3.5 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर निकाले गए आंकड़ों को केवल संभावित गणना के तौर पर देखना चाहिए।
मौजूदा बेसिक पेंशन कैसे बनती है?
मौजूदा पेंशन व्यवस्था के तहत पात्र केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक पेंशन सामान्यतः अंतिम वेतन या रिटायरमेंट से पहले के 10 महीनों के औसत परिलब्धियों में से लागू नियमों के अनुसार निर्धारित आधार का 50% होती है।
एक उदाहरण से ऐसे समझें। अगर किसी कर्मचारी का अंतिम बेसिक सैलरी 50,000 रुपये थी, तो उसकी बेसिक पेंशन ₹25,000 हो सकती है। इसी तरह, अंतिम बेसिक सैलरी ₹1 लाख होने पर बेसिक पेंशन ₹50,000 हो सकती है।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि बेसिक पेंशन में महंगाई राहत (DR), मेडिकल सुविधाएं और अन्य लाभ शामिल नहीं होते हैं।
2.5, 3 और 3.5 फिटमेंट फैक्टर पर कितनी होगी पेंशन?
अगर मौजूदा बेसिक पेंशन को सीधे संभावित फिटमेंट फैक्टर से गुणा करके देखें, तो अनुमानित रकम के लिए टेबल पर नजर डालें…
| मौजूदा बेसिक पेंशन रुपये में | 2.5 फिटमेंट फैक्टर पर पेंशन | 3 फिटमेंट फैकटर पर पेंशन | 3.5 फिटमेंट फैक्टर पर पेंशन |
|---|---|---|---|
| 25000 | 62500 | 75000 | 87500 |
| 30000 | 75000 | 90000 | 105000 |
| 35000 | 87500 | 105000 | 122500 |
| 40000 | 100000 | 120000 | 140000 |
| 45000 | 112500 | 135000 | 157500 |
| 50000 | 125000 | 150000 | 175000 |
| 55000 | 137500 | 165000 | 192500 |
| 60000 | 150000 | 180000 | 210000 |
| 65000 | 162500 | 195000 | 227500 |
ये आंकड़े केवल मौजूदा बेसिक पेंशन को संबंधित फिटमेंट फैक्टर से गुणा करके निकाले गए हैं। ये 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक सिफारिशें नहीं हैं। अंतिम पेंशन की गणना के लिए आयोग और सरकार कोई अलग फॉर्मूला भी अपना सकते हैं।
7वें वेतन आयोग में कैसे तय हुई थी पेंशन?
7वें वेतन आयोग के दौरान 1 जनवरी 2016 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन संशोधित करने के लिए दो तरीके सुझाए गए थे। पहले तरीके में रिटायर्ड कर्मचारियों के वेतन को 7वें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स में काल्पनिक रूप से तय करके उसके आधार पर पेंशन की गणना की जानी थी। दूसरे तरीके में मौजूदा पेंशन को 2.57 से गुणा करने का प्रस्ताव था। बाद में सरकार ने काल्पनिक वेतन निर्धारण पर आधारित तरीके को मंजूरी दी। इससे पता चलता है कि नए वेतन आयोग में पेंशन संशोधन का अंतिम फॉर्मूला केवल फिटमेंट फैक्टर से तय होना जरूरी नहीं है।
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