Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- 8th Pay Commission: NC-JCM के स्टाफ साइड ने ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को तीन गुना बढ़ाकर ₹75 लाख करने की मांग की है
- फिलहाल सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी पर ₹25 लाख की अधिकतम सीमा है
- इसके अलावा, यह राशि कर्मचारी के कुल वेतन के 16.5 गुना से ज्यादा नहीं हो सकती
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली एक बड़ी रकम, यानी ग्रेच्युटी, इन दिनों चर्चा में है। 8वां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करने में जुटा है, और कर्मचारी संगठन ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कुछ संगठन तो ग्रेच्युटी सीलिंग को 75 लाख रुपये करने की मांग कर रहे हैं। आइए समझते हैं कि ग्रेच्युटी क्या है और यह कैसे तय होती है?
ग्रेच्युटी क्या है?
ग्रेच्युटी एक एकमुश्त राशि है, जो कर्मचारी को उसकी लंबी सर्विस के सम्मान में रिटायरमेंट के समय दी जाती है। सरकारी कर्मचारियों के लिए यह राशि उनके अंतिम वेतन और सेवा की अवधि पर निर्भर करती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्रेच्युटी सीधे तौर पर बेसिक पे और महंगाई भत्ते (DA) से जुड़ी होती है।
ग्रेच्युटी का कैलकुलेशन कैसे होता है?
सरकारी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी के कैलकुलेशन का नियम थोड़ा अलग है। सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) रूल्स, 2021 के तहत, रिटायरमेंट ग्रेच्युटी आमतौर पर बेसिक पे + DA का एक-चौथाई (1/4) हिस्सा होता है, जो सर्विस के हर पूरे छह महीने के लिए दिया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें…
फॉर्मूला: (अंतिम बेसिक पे + DA) × 1/4 × (सेवा के छह महीने की अवधि)
इसके अलावा, प्राइवेट सेक्टर या सामान्य ग्रेच्युटी फॉर्मूले की बात करें तो वहां 15/26 वाला फॉर्मूला इस्तेमाल होता है।
फॉर्मूला: (अंतिम बेसिक सैलरी + DA) × 15 × सेवा के साल ÷ 26
अभी क्या है ग्रेच्युटी की सीमा?
फिलहाल सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी पर ₹25 लाख की अधिकतम सीमा है। इसके अलावा, यह राशि कर्मचारी के कुल वेतन के 16.5 गुना से ज्यादा नहीं हो सकती।
कर्मचारी संगठनों की मांग क्या है?
कर्मचारी संगठनों का मानना है कि ₹25 लाख की सीमा और गणना का पुराना तरीका बढ़ती महंगाई और बढ़ते हेल्थकेयर खर्चों के हिसाब से नाकाफी है। इसलिए उन्होंने 8वें वेतन आयोग के सामने कुछ बड़ी मांगें रखी हैं…
ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाकर ₹75 लाख करने की मांग: NC-JCM (नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी) के स्टाफ साइड ने ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को तीन गुना बढ़ाकर ₹75 लाख करने की मांग की है।
कैलकुलेशन का तरीका बदलने की मांग: यूनियनों ने सुझाव दिया है कि ग्रेच्युटी की गणना 30 दिनों के बजाय 25 कामकाजी दिनों के आधार पर होनी चाहिए। साथ ही, 16.5 गुना वाली सीमा को पूरी तरह हटाने की भी मांग है।
IRTSA की मांग: इंडियन रेलवेज टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने ग्रेच्युटी सीमा को ₹50 लाख करने और हर छह महीने पर बेसिक + DA के 1/3 हिस्से के आधार पर गणना करने की मांग की है।
यह याद रखना जरूरी है कि ग्रेच्युटी को लेकर अभी जो भी मांगें हैं, वे सिर्फ प्रस्ताव हैं। जब तक 8वां वेतन आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं सौंपता और सरकार उसे मंजूरी नहीं देती, तब तक कोई भी बदलाव लागू नहीं होगा।
8वें वेतन आयोग की क्या स्थिति है?
8वां वेतन आयोग एक तीन सदस्यीय पैनल है, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। पैनल का कार्यकाल 18 महीने का है और इसकी अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 तक आने की उम्मीद है। फिलहाल आयोग अपने परामर्श दौर में है। इसकी बेंगलुरु में बैठकें 8 अक्टूबर को खत्म हुई हैं और अगली बैठक मुंबई में 22-23 अक्टूबर को होनी है।
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